CM हेमन्त सोरेन ने मयूराक्षी नदी पर बने राज्य के सबसे लंबे पुल का किया उद्घाटन, शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय को मिलेगा बढ़ावा, पुल का नाम होगा दिशोम गुरु शिबू सोरेन सेतु

सड़क और पुल विकास की अहम कड़ी होती है। इससे बहुआयामी विकास का रास्ता खुलता है। कनेक्टिविटी जितनी बेहतर होगी, उतना ही फायदा उसे इलाके के रहने वालों को होता है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज दुमका जिले के कुमड़ाबाद में मयूराक्षी नदी पर नवनिर्मित राज्य के सबसे लंबे पुल के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर तीन अरब 91 करोड़ 41 लाख 83 हज़ार 896 रुपए की लागत से 11 सड़कों का उद्घाटन और एक अरब 43 करोड़ 26 लाख 5 हज़ार 500 रुपए की लागत से 12 सड़कों का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मयूराक्षी नदी पर बने इस पुल से विकास को एक नई दिशा मिलेगी। इससे आवागमन सुलभ और आसान हो जाएगा। कई गांव का दुमका जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क होगा। लोगों को आने-जाने में समय की बचत होगी। शिक्षा, रोजगार और  व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इलाके का सामाजिक-आर्थिक उत्थान होगा और पर्यटन के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को उनका हक और अधिकार पूरे मान-सम्मान के साथ देने के लिए सरकार संकल्पित है। इस कड़ी में एक बार फिर “आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार”  कार्यक्रम का तीसरा चरण शुरू होने जा रहा है। अधिकारी आपके दरवाजे पर आएंगे। पंचायत में शिविर लगेंगे। यहां आपकी समस्याओं का समाधान भी होगा और सरकार की योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा। समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को  कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी गरीबों और जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए सरकार वचनबद्ध है। इसी कड़ी में सरकार में यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लागू किया है। इस योजना के तहत सभी बुजुर्ग, विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांगों को पेंशन दिया रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि कोई भी योग्य पात्र इस योजना से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि राज्य में कोई परिवार बेघर नहीं रहेगा। सभी बेघरों के अपने आशियाना का सपना पूरा होगा। इसके लिए अबुआ आवास योजना की शुरुआत हो रही है। इस योजना के तहत आठ लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इस कड़ी में सरकारी विभागों के खाली पदों पर बड़े पैमाने पर नियुक्तियां हो रही हैं तो रोजगार मेला के जरिए हजारों युवाओं को निजी कंपनियों और संस्थानों में जॉब दिलाने का काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं, जो भी व्यक्ति स्वरोजगार करना चाहता है उसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से सरकार मदद कर रही है।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने बच्चे-बच्चियों को अच्छे से पढ़ाएं। उनका भविष्य संवारें। पढ़ाई पर होने वाले खर्च की चिंता नहीं करें। सरकार इस खर्च को वहन करेगी। इस क्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में चलाई जा रही योजनाओं से लोगों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे कोर्सेज करने के लिए सरकार आर्थिक मदद दे रही है। वहीं, विदेश में पढ़ाई के लिए शत प्रतिशत स्कॉलरशिप दे रही है। बच्चियां पढ़ाई से जुड़ी रहें, इसके लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी सावित्री योजना चलाई जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी लोगों को दी और उसका लाभ लेने को कहा।

उन्होंने कहा कि हम अपने अमर वीर- शहीदों और झारखंड आंदोलनकारियों को कभी भूल नहीं सकते हैं। उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। हम उनका सम्मान करते आए हैं और करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि यहां की जनता मयूराक्षी नदी पर नवनिर्मित पुल का नामकरण दिशोम गुरु शिबू सोरेन सेतु करने की पक्षधर है। ऐसे में मयूराक्षी नदी पुल का नामकरण दिशोम गुरु शिबू सोरेन सेतु करने की सरकारी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री बादल, सांसद विजय हांसदा, विधायक नलिन सोरेन और सीता सोरेन, जिला परिषद अध्यक्षा जॉयस बेसरा, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, पथ निर्माण सचिव सुनील कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त लालचंद दादेल, पुलिस उपमहानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल और जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।