CM हेमन्त ने खूंटी एवं सिमडेगा के करीब सात हजार लाभुकों को अबुआ आवास हेतु स्वीकृति पत्र प्रदान किया, लाभुकों को प्रथम किस्त का हस्तांतरण संपन्न, पूरे राज्य में 20 लाख आवासों का होगा निर्माण

राज्य सरकार के एक ऐतिहासिक कदम से झारखण्ड के आदिवासियों-मूलवासियों और गरीब गुरबा लोगों का जीवन-स्तर में सुधार होने जा रहा है। झारखण्ड अलग होने के बाद यह पहला कदम है, जब राज्य सरकार लोगों को मान-सम्मान और अधिकार के साथ जीवन यापन करा सकें, उस दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना का शुभारम्भ खूंटी से हो रहा है। अबुआ आवास योजना के तहत लोगों को योजना का लाभ दिया जा रहा है।

ये बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने खूंटी के तोरपा स्थित NHPC ग्राउंड में अबुआ आवास योजना अन्तर्गत आयोजित स्वीकृति पत्र वितरण समारोह के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि खूंटी और सिमडेगा के लाभुक अब अबुआ आवास निर्माण की दिशा में आगे बढ़े। ज्ञातव्य है कि खूंटी और सिमडेगा में करीब 75 हजार अबुआ आवास का निर्माण विभिन्न चरणों में होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा गरीबों को आवास देने की सूची राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को उपलब्ध कराया था। इसमें आठ लाख लोगों को आवास उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था। इसकी सूची पोर्टल में भी अपलोड कर दिया गया। लेकिन केंद्र सरकार ने गरीबों का आवास स्वीकृत नहीं किया। इसलिए राज्य सरकार अपने दम पर अबुआ आवास बनाएगी। यह तीन कमरों और रसोई घर युक्त पक्का आवास होगा।

पूर्व में पीएम आवास योजना के तहत दो कमरों का आवास निर्माण किया जाता था, जिसके लिए एक लाख 30 हजार रुपए दिए जाते थे। आपकी सरकार अबुआ आवास निर्माण हेतु 02 लाख रुपए दे रही है। आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान करीब 30 लाख आवेदन प्राप्त हुए। जब इन आवेदनों को सत्यापन किया गया। सत्यापन के उपरांत 20 लाख जरूरतमंदों को विभिन्न चरण में आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। सरकार आठ लाख से बढ़ाकर 20 लाख आवास का निर्माण करेगी। पहले की अपेक्षा बेहतर आवास देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के कई अवसर उपलब्ध करा रही है। निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण तय कर दिया है। इसके तहत 50 हजार से अधिक हुनरमंद युवाओं को विभिन्न उद्योगों में रोजगार दिया गया है। दो दिन पूर्व रांची के ओरमांझी स्थित कुल्ही इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित वस्त्र उद्योग में हजारों युवाओं को रोजगार दिया गया है। स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना संचालित की जा रही है। इसके जरिए युवा स्वरोजगार अपनाकर खुशहाली की ओर बढ़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार गठन के बाद कोरोना संक्रमण ने विकास की रफ्तार रोक दी। इससे अर्थव्यवस्था एवं लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रही। बावजूद इसके आपकी सरकार ने यहां के लोगों का जीवन और जीविका दोनों को सुरक्षित किया। पूर्व में चली आ रही संख्या की बाध्यता को समाप्त कर सभी का पेंशन सुनिश्चित किया। आज सभी जरूरतमंद को पेंशन दिया जा रहा है।

अब एसटी, एससी और सभी वर्ग की महिलाओं की पेंशन की उम्र सीमा को घटा कर 50 वर्ष किया जा रहा है। जल्द इसको लागू करने की दिशा में सरकार कार्य करेगी। आवास दिलाने के नाम पर दलाल आपके आस पास घूमेंगे। आप उनकी बातों में न आयें। पंचायत भवन में क्रमानुसार सभी लाभुकों की जानकारी लिखी जाएगी उन्हें मोबाइल के माध्यम से आवेदन की स्थिति की जानकारी भी दी जाएगी।

किसान भाइयों-बहनों की बात करें तो पूर्व की राज्य गठन के बाद 20 वर्ष में मात्र आठ लाख किसानों को केसीसी से जोड़ा गया जबकि विगत चार वर्ष में 20 लाख किसानों को केसीसी से आच्छादित किया गया है। मुख्यमंत्री अन्य जिलों में भी जाकर पहले चरण के लाभुकों को अबुआ आवास योजना से जोड़ने हेतु स्वीकृति पत्र और राशि प्रदान करेंगे।