अपनी बात

CM हेमन्त जी संज्ञान लीजिये, एक तथाकथित पत्रकार आपके IPRD में कार्यरत महिला अधिकारी के सम्मान के साथ खेल रहा है

अखबार का नाम – बिरसा टाइम्स। अखबार का फ्रंट पेज देखे तो उसमें साफ लिखा है कि यह अखबार रांची और दिल्ली से एक साथ प्रकाशित होता है। यह अखबार इस बात का भी दावा करता है कि वो देश का सर्वाधिक प्रसारित नंबर वन रविवारीय साप्ताहिक अखबार है, पर इस अखबार में प्रकाशित होनेवाली खबरें बताती है कि ये अखबार समाचार पत्र के नाम पर कलंक ही नहीं बल्कि एक काला धब्बा है।

 

यह अपने स्वार्थ के लिए किसी के भी चरित्र से खेल सकता है, चाहे वो महिला ही क्यों न हो? इस अखबार को लगता है कि वो इस प्रकार की हरकतों से किसी का भी मान-मर्दन कर उससे कुछ भी ऐंठ सकता हैं, पर उसकी बार-बार की ऐसी हरकतों से तंग आकर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों ने इस बार उसे सबक सिखाने की ठान ली है।

संभवतः इस बार उसकी ये गंदी हरकत उसके लिए भारी पड़ने जा रही हैं, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर कानूनविदों का सहारा लेना शुरु कर दिया हैं, सीएमओ में बैठे लोग भी अखबार की इस गंदी हरकतों पर इन दिनों मुखर हैं, और इसे सबक सिखाने के लिए तैयार है। इधर रांची प्रेस क्लब ने भी अखबार की इस गंदी हरकतों पर संज्ञान लिया है, तथा ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर निर्णय लेने की बात कही हैं, साथ ही उक्त महिला अधिकारी को भरोसा दिलाया है कि उनका सम्मान वो दिलाकर रहेंगे।

ज्ञातव्य है कि ये अखबार बेसिर-पैर की बातें, मनगढ़ंत बातें, किसी के सम्मान से खेलनेवाली बातें प्रकाशित करता रहता हैं, जैसे अखबार के इस न्यूज को देखिये…

जिसमें इस अखबार ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की महिला अधिकारी को मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार की भाभी बताते हुए, कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर के खिलाफ षडयंत्र करने की बात छाप दी, अब भला एक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की महिला अधिकारी किसी अन्य दल के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ क्या षडयंत्र करेगी?

इस अखबार की इतनी हिम्मत कहा से आ गई कि वो एक महिला अधिकारी को राज्य के मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार की भाभी कहकर बार-बार मानसिक आघात पहुंचाने का दुस्साहस करें। यही नहीं इस अखबार ने उक्त महिला अधिकारी को पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय का रिश्तेदार भी बता दिया तथा उक्त महिला अधिकारी की तुलना जहरीले सांप से कर दी।

यही नहीं दूसरे अन्य समाचार में इस अखबार ने अवकाश प्राप्त निदेशक अवधेश पांडेय के खिलाफ भी अनैतिक शब्दों का प्रयोग करते हुए, उनके सम्मान के साथ खेलने की कोशिश की। आम तौर पर अखबारों में इस प्रकार की भाषा का प्रयोग नहीं किया जाता, जिन भाषाओं का प्रयोग इस अखबार ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों के बारे में किया है।

वरिष्ठ पत्रकार नवल किशोर सिंह के शब्दों में किसी भी व्यक्ति को किसी भी महिला के बारे में अपशब्द कहने या उसे अपमानित करने का अधिकार नहीं हैं। एक पत्रकार के कलम से इस प्रकार एक महिला अधिकारी व एक नेकदिल इंसान अवधेश कुमार पांडेय के बारे में इस प्रकार की आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करना निहायत चुल्लू भर पानी में डूब मरनेवाली बात हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, प्रेस क्लब व विभिन्न महिला संगठनों को इसका संज्ञान लेना चाहिए तथा ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि ये अपराध क्षमायोग्य नहीं हैं।

राजनीतिक पंडितों की मानें तो उक्त महिला अधिकारी के खिलाफ ऐसी गंदी हरकत करनेवालों को सजा दिलाने के लिए राज्य के सभी अधिकारियों, बुद्धिजीवियों व पत्रकारों को एक विशेष अभियान चलाना चाहिए, क्योंकि ऐसी गंदी पत्रकारिता से समाज नरकमय हो जायेगा। ऐसे लोगों से पत्रकारिता जगत जितना जल्द हो खुद को अलग कर लें, उतना ही अच्छा है।

इसी बीच विद्रोही24 ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक राजीव लोचन बख्शी से इस संबंध में बात की, उनका कहना था कि उन तक ये बातें पहुंची है, इस संबंध में फाइल भी बढ़ी हैं, निश्चय ही एक्शन लेंगे। महिला का सम्मान उनके लिए सर्वोपरि है। आम जनता के लिए विद्रोही24 ने इस समाचार में उक्त अखबार की कटिंग लगा दी हैं, जनता देखे कि उनके राज्य में कैसे-कैसे घटियास्तर के पत्रकार भगवान बिरसा के नाम पर अखबार चलाकर भगवान बिरसा के सम्मान के साथ खेलने से बाज नहीं आ रहे।