सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर गिरिडीह के चंद्रदेव कुमार ने मुख्य सचिव कार्यालय को भेजा पत्र, मांगी सूचनाएं, राजनीतिक पंडितों को संदेह शायद ही सही उत्तर सूचना मांगने वालों को प्राप्त हो!
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत गिरिडीह के निमियाघाट चौक निवासी चंद्रदेव कुमार बर्णवाल ‘चन्दु’ ने सूचना आवेदन, झारखण्ड सरकार के मुख्य सचिव कार्यालय स्थित जन सूचना पदाधिकारी को संप्रेषित कर अभी हाल ही में हुए सूचना आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित कुछ सवाल पूछे हैं। अब इस सवाल का जवाब चंद्रदेव कुमार बर्णवाल को सही-सही मिल ही जायेगा। इस पर कई राजनीतिक पंडितों ने संदेह व्यक्त किया है।
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि जिन्होंने सूचना आयुक्तों की बहाली करवाई है। वे सत्तापक्ष व विपक्ष के शीर्ष पदों पर विराजमान लोग हैं। भला वे कैसे बर्दाश्त करेंगे कि कोई उन्हें चुनौती दें। मुख्य सचिव कार्यालय भी भला अपने ही राज्य के शीर्ष पर बैठे लोगों के खिलाफ उत्तर कैसे संप्रेषित करेगा? यही बात सभी के दिमाग में घुम रहा है। अब चंद्रदेव कुमार बर्णवाल को उनके द्वारा पूछे गये सवाल का क्या जवाब मिलता है। फिलहाल सभी का ध्यान उसी ओर हैं। चंद्रदेव कुमार बर्णवाल का पत्र इस प्रकार है …
सेवा में,
जन सूचना पदाधिकारी,
कार्यालय – मुख्य सचिव, झारखंड सरकार,
प्रोजेक्ट भवन, रांची – 834004।
विषय : सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2(f), 2(i), 2(j), 4(1)(b), 4(1)(c), 4(1)(d), 6(1), 6(3), 7(1), 7(9) एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत झारखंड राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित अभिलेखों एवं प्रमाणित प्रतियों की उपलब्धता हेतु आवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत निम्नलिखित सूचनाएँ लोकहित (Larger Public Interest) में मांग रहा हूँ। मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्त का पद एक सार्वजनिक वैधानिक पद है। इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं उत्तरदायी होना आवश्यक है, जैसा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अंजलि भारद्वाज बनाम भारत संघ और नमित शर्मा बनाम भारत संघ के जजमेंट में भी उल्लेखित किया है। अतः मांगी गई सूचनाएँ किसी निजी हित के लिए नहीं बल्कि जनहित में मांगी जा रही हैं।

जहाँ अभिलेख उपलब्ध हों, उनकी प्रमाणित (Certified) प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ। यदि अभिलेख इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध हों तो उन्हें Pen Drive, CD अथवा ई-mail के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जाए।
सूचनाएँ :
- वर्ष 2018 से वर्ष 2026 तक मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्तों की नियुक्ति हेतु प्रकाशित सभी विज्ञापनों की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ। यह भी बताया जाए कि इनमें से कितने विज्ञापन निरस्त/वापस लिए गए तथा प्रत्येक के निरस्तीकरण का कारण क्या था।
- अंतिम प्रकाशित विज्ञापन (जिसके आधार पर दिनांक 10.06.2026 को चार सूचना आयुक्त नियुक्त किए गए) के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों की संख्या बताई जाए तथा प्रत्येक आवेदक के आवेदन-पत्र एवं उसके साथ संलग्न सभी अभिलेखों/प्रमाणपत्रों की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- प्राप्त आवेदनों की Scrutiny हेतु गठित Screening Committee के गठन से संबंधित आदेश, अधिसूचना, कार्यालय आदेश, अनुमोदन, समिति के सदस्यों का विवरण एवं उनके चयन का आधार उपलब्ध कराया जाए।
- Screening Committee के गठन का विधिक प्रावधान, नियम, अधिसूचना अथवा शासनादेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
- धारा 15 के अंतर्गत गठित चयन समिति (मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष एवं नामित मंत्री) के समक्ष Screening Committee द्वारा प्रस्तुत किए गए कुल अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराई जाए तथा बताया जाए कि कुल प्राप्त आवेदनों में से कितने नाम चयन समिति को भेजे गए।
- जिन अभ्यर्थियों के आवेदन Screening स्तर पर अस्वीकृत किए गए, उनके नाम, योग्यता, अनुभव, व्यापक ज्ञान का क्षेत्र तथा अस्वीकृति के कारणों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
- नवंबर 2025 में प्रकाशित Supplementary/Extended Advertisement के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों की सूची एवं आवेदन-पत्रों की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- दिनांक 10.06.2026 को नियुक्त श्री अनुज कुमार सिन्हा, श्री शिवपुजन पाठक, श्री तनुज खत्री एवं श्री अमुल्य नीरज खलखो के आवेदन-पत्र, संलग्न प्रमाणपत्रों एवं अन्य दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- धारा 15 के अंतर्गत गठित समिति की अनुशंसा, राज्यपाल सचिवालय को भेजी गई संपूर्ण संचिका, राज्यपाल द्वारा की गई प्रथम आपत्तियाँ तथा विभाग द्वारा भेजे गए उत्तर एवं संबंधित नोटशीट की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- राज्यपाल द्वारा दूसरी बार की गई आपत्तियाँ, विभाग द्वारा उनका निराकरण तथा तीसरी बार भेजी गई संचिका एवं नोटशीट की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- अंतिम स्वीकृति से संबंधित संपूर्ण संचिका, नोटशीट, अनुमोदन आदेश एवं नियुक्ति आदेश की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- दिनांक 10.06.2026 से आज तक झारखंड राज्य सूचना आयोग में लगभग 25,000 से अधिक लंबित द्वितीय अपील एवं शिकायतों की सुनवाई प्रारंभ न होने के कारणों से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराए जाएँ।
- नियुक्त चारों सूचना आयुक्तों द्वारा अब तक किए गए कार्य, आवंटित प्रकरणों की संख्या, पारित आदेशों की संख्या तथा वेतन, भत्ते एवं अन्य सुविधाओं का विवरण उपलब्ध कराया जाए।
- Selection Criteria, Eligibility Criteria, Shortlisting Criteria, Evaluation Matrix, Comparative Statement, Assessment Sheet एवं Marking Scheme की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- प्रत्येक चयनित एवं गैर-चयनित अभ्यर्थी की Scrutiny Sheet, Evaluation Sheet एवं Recommendation Note की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- चयन समिति की सभी बैठकों का Agenda, Minutes of Meeting, Attendance Register एवं Proceedings की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- यदि किसी अभ्यर्थी का आवेदन अयोग्यता के आधार पर निरस्त किया गया हो तो उसके निरस्तीकरण आदेश एवं कारणों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
- चयनित चारों सूचना आयुक्तों के Vigilance Clearance, Character Verification, Police Verification एवं अन्य पात्रता सत्यापन से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में प्राप्त सभी शिकायतों, आपत्तियों एवं उन पर की गई कार्रवाई की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- कार्मिक विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय, राज्यपाल सचिवालय एवं राज्य सूचना आयोग के बीच नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित समस्त पत्राचार, ई-मेल, नोटशीट एवं फाइलों की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- यदि इस नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में किसी न्यायालय अथवा अन्य प्राधिकरण के समक्ष कोई वाद/जांच लंबित या निष्पादित हुई हो तो उसका विवरण एवं उपलब्ध अभिलेख उपलब्ध कराए जाएँ।
- चयनित चारों अभ्यर्थियों को अन्य अभ्यर्थियों की तुलना में अधिक उपयुक्त मानने के कारणों एवं समिति द्वारा दर्ज कारणों (Reasons for Selection) की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ।
- नियुक्ति प्रक्रिया में प्राप्त सभी आवेदनों का क्रमांकवार Register, आवेदन संख्या एवं प्राप्ति तिथि की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
- यदि मांगी गई किसी सूचना का कोई भाग किसी अन्य लोक प्राधिकारी के पास उपलब्ध हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(3) के तहत पाँच दिनों के भीतर संबंधित लोक प्राधिकारी को स्थानांतरित करते हुए इसकी सूचना मुझे दी जाए।
- यदि किसी सूचना को उपलब्ध कराने से इंकार किया जाता है तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 7(8) के अनुसार अस्वीकृति के कारण, लागू धारा तथा प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का नाम, पदनाम एवं पता लिखित रूप में उपलब्ध कराया जाए।
संलग्न :
भारतीय पोस्टल ऑर्डर (IPO) ₹10/- (संख्या: 69F 804739)
नोट:- “यदि किसी दस्तावेज़ में व्यक्तिगत जानकारी (जैसे आधार संख्या, मोबाइल नंबर, बैंक विवरण, हस्ताक्षर आदि) अंकित हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 10 के अनुसार केवल उन व्यक्तिगत अंशों को ब्लैक-आउट (Sever) कर शेष अभिलेख की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए, क्योंकि शेष सूचना व्यापक लोकहित से संबंधित है।”
