केन्द्र व राज्य सरकार गांठ बांध लें, सरकारी गीदड़भभकी से वामपंथी आंदोलन रुकनेवाला नहीं – CPIML

किसान आंदोलन के प्रख्यात वामपंथी नेता कां. चारु मजुमदार की 48वीं शहादत दिवस पर आज उन्हें रांची स्थित भाकपा माले कार्यालय में याद किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित भाकपा माले से जुड़े कार्यकर्ताओं ने चारु मजुमदार की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी, साथ ही इस अवसर पर दो मिनट का मौन भी रखा।

किसान आंदोलन के प्रख्यात वामपंथी नेता कां. चारु मजुमदार की 48वीं शहादत दिवस पर आज उन्हें रांची स्थित भाकपा माले कार्यालय में याद किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित भाकपा माले से जुड़े कार्यकर्ताओं ने चारु मजुमदार की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी, साथ ही इस अवसर पर दो मिनट का मौन भी रखा।

इस दौरान इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाकपा माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने कहा कि आजकल सत्ता का मूल चरित्र बड़े पूंजीपतियों की सेवा करना है। जनअधिकारों और जनसंघर्षों पर हमला ही केन्द्र राज्य सरकार की पहचान हो गई है। यूएपीए में संशोधन कर पोटा से भी खतरनाक कानून देश हित में नहीं है, इससे देश में और ज्यादा अशांति बढ़ेगी।

केन्द्रीय कमेटी सदस्य शुभेन्दु सेन ने कहा कि बड़ी कम्पनियों के पक्ष में अंधाधुंध फैसले के कारण मौजूदा राजनीति से जनता का मोहभंग होता जा रहा है। शुभेन्दु सेन ने यह भी कहा कि केन्द्र राज्य सरकार गांठ बांध ले, कि उनके गीदड़भभकी से वामपंथी आंदोलन रुकने नहीं जा रहा।

एआइपीएफ नेता बशीर अहमद ने कहा कि सभी सरकारी संस्थाओं को खत्म कर अराजकता के दलदल में धकेल दिया जा रहा है। निजीकरण का रास्ता देश के लिए खतरनाक साबित होगा। कार्यक्रम को भाकपा माले जिला सचिव भुवनेश्वर केवट, अनिल अंशुमन, अजब लाल सिंह, रामचरित्र शर्मा, मिथिलेश तिवारी, एनामुल हक, कलि मिंज, आइती तिर्की, सिंगी खलखो, अनिल कुमार, शनिचर्वा उरांव, क्रिस्टिना आदि ने भी संबोधित किया।

Krishna Bihari Mishra

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