राजनीति

मैनहर्ट मामले और नगर विकास मंत्री के द्वारा किये गये सारे कार्यों की सीबीआई जांच हो – झामुमो

खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय के मैनहर्ट मामले में दिये गये बयान को लेकर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है, झामुमो का कहना है कि राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय को चाहिए कि कल से शुरु हो रहे मानसून सत्र में मैनहर्ट मामले को लेकर सीबीआई जांच की मांग उठाएं, साथ ही नगर विकास मंत्री द्वारा अब तक कराये गये सारे कार्यों की सीबीआई जांच कराये, पता लग जायेगा कि उनकी बातों में कितनी सच्चाई है, क्योंकि सरयू राय बाहर में तो सरकार के खिलाफ खूब बोलते हैं, पर सदन में वे सरकार के खिलाफ एक शब्द नहीं बोल पाते। ये बातें झामुमो के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से कही।

उन्होंने यह भी कहा कि सरयू राय जो कैबिनेट की बैठक में इसलिए नहीं भाग लेते है कि कहीं ऐसा नहीं कि कैबिनेट में लिए गये फैसले के कारण कहीं उन्हें होटवार जाना पड़ जाये, इसलिए वे कैबिनेट से खुद को दूर रखते हैं, उन्होंने कहा कि मैनहर्ट मामले में अगर कोई दोषी है तो राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास है, जिन्हें बचाने में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें महत्वपूर्ण रोल एक आइएएस अधिकारी राजबाला वर्मा का भी थी, जिन्हें उसका पुरस्कार भी मिला और बाद में उन्हें मुख्य सचिव भी बनाया गया।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जो राज्य की स्थिति है, वो किसी से छुपा नहीं हैं, हर जगह भ्रष्टाचार है, खुद सरयू राय जो मंत्रालय संभाल रहे हैं, उस मंत्रालय के कामकाज भी कोई ठीक नहीं है, ये उन्हें खुद पता है, पर वे इस पर बोल नहीं पाते, जबकि जनता सब कुछ जान रही है। उन्होंने कहा कि कल से शुरु हो रहे मानसून सत्र में यह भी मामला उठेगा, देखना है कि सरयू राय इस पर सदन में क्या भूमिका निभाते है।