अपने दैनिक जीवन की पूर्ति के लिए श्रम करता एक मजदूर, वो उस योगी से कही ज्यादा बेहतर है, जो अध्यात्म का दंभ रखकर कर्म से भागने की कोशिश करता हैः स्वामी गोकुलानन्द
आध्यात्मिकता की सर्वोच्च शिखर को प्राप्त करने की कोशिश नहीं करना, ये सोचना की हम कुछ भी कर लें, उस
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