हराधन को आगे कर BJP MLA ढुलू ने चौधरी नर्सिंग होम को बदनाम व ब्लैक मेलिंग करना किया प्रारम्भ

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घटना धनबाद के कतरास की है। जहां स्थित है चौधरी नर्सिंग होम। यह चौधरी नर्सिंग होम सुप्रसिद्ध समाजसेवी विजय झा के रिश्तेदार की है, चूंकि भाजपा विधायक ढुलू महतो विजय झा को पसन्द नहीं करता और उनके परिवार को हमेशा तबाह करने के लिए नई-नई योजनाओं पर काम करता हैं, उसी की एक कड़ी में चौधरी नर्सिंग होम भी जुट गया।

भाजपा विधायक ढुलू महतो की इस कारस्तानी से आजिज होकर चौधरी नर्सिंग होम के डा. धीरज चौधरी ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, धनबाद के जिला प्रशासन सह पुलिस प्रशासन व सिविल सर्जन को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। पत्र में डा. धीरज ने इस बात का उल्लेख किया है कि जान बूझकर चौधरी नर्सिंग होम कतरास को बदनाम करने व ब्लैक मेलिंग करने की कोशिश की जा रही है।

डा. चौधरी ने पत्र में लिखा है कि गड़गड़िया निवासी हराधन रवानी की पत्नी लक्ष्मी देवी ने गत 26 सितम्बर 2019 को चौधरी नर्सिंग होम मे आपरेशन कराया था। मरीज के परिजन के इच्छानुसार मरीज का ऑपरेशन इस शहर के सुप्रसिद्ध एवं ख्याति प्राप्त स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. एस के दास द्वारा किया गया था। मरीज के परिवार ने स्वयं डा. एस के दास से इस हेतु सम्पर्क किया था।

डा. चौधरी का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि कल यानी 23 जनवरी को हराधन रवानी चौधरी नर्सिंग होम के मुख्य द्वार पर धरना देने की योजना बना रहा है। उन्हें आशंका है कि धरना देने के बहाने भीड़ इकट्ठा करके नर्सिंग होम में तोड़-फोड़ एवं चिकित्सक और उनके कर्मचारी पर जानलेवा हमला किया जा सकता है। जिससे अस्पताल में भर्ती मरीज, बुजुर्ग मरीज, गंभीर अवस्था में भर्ती मरीज तथा उनके परिजनों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है।

डा. धीरज ने कहा है कि इसके पहले भी 19  जनवरी 2020 को हराधन रवानी ने स्थानीय विधायक ढुलू के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों के साथ पहुंचकर अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण वातावरण का निर्माण किया था, ये तो संयोग था कि बड़ी संख्या में उपस्थित पुलिस के कारण कोई अमानवीय दृश्य उत्पन्न नहीं हो सका, हालांकि उस दिन विधायक ढुलू महतो ने डा. धीरज को धमकियां भी दी थी, जो कई अखबारों की सुर्खियां भी बन गई। डा.धीरज को 19 जनवरी को भाजपा विधायक ढुलू ने कहा था कि “तुम नेतागिरी कर रहे हो, डाक्टर हो, डॉक्टरी करो।”

कमाल की बात है, खुद हराधन रवानी ने डा. एस के दास से अपनी पत्नी का आपरेशन कराने के लिए कहा था। डा. दास के कहने पर ही उसने अपनी पत्नी को चौधरी नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। ऐसे में नर्सिंग होम कैसे दोषी हो गया? खुद हराधन रवानी कहता है कि जब उसकी पत्नी को कोई फायदा नहीं पहुंचा तो फिर वह डा. एस के दास से संपर्क किया। डा. एस के दास ने पुनः उसे 3 अक्टूबर 2019 को अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराकर फिर ऑपरेशन किया, फिर भी उसकी पत्नी को कोई लाभ नहीं पहुंचा, अब ऐसे में हराधन रवानी और ढुलू का चौधरी नर्सिंग होम का घेराव करना, भाजपा विधायक ढुलू का इसे लेकर चौधरी नर्सिंग होम को ब्लैक मेलिंग करना, उसका घेराव करवाना और साढ़े चार लाख रुपये का हर्जाना मांगना कहां तक उचित है?

ऐसे भी डा. एस के दास से बढ़िया पूरे राज्य में कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, यह सर्वविदित है, पर उनके नाम पर जिस प्रकार से चौधरी नर्सिंग होम को स्थानीय विधायक ढुलू के द्वारा बदनाम करने की जो घटनाएं चालू की गई है, उसकी पूरे प्रदेश में सर्वत्र आलोचना हो रही है। खासकर चिकित्सा जगत में सभी डाक्टरों ने ढुलू के इस व्यवहार की तीखी आलोचना करना प्रारंभ कर दिया है।

इधर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष  डा. ए के सिंह ने भाजपा विधायक ढुलू महतो के इस करतूत की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें विजय झा से दुश्मनी हैं तो वे उनसे वैचारिक लड़ाई लड़े, पर विजय झा को सबक सिखाने के लिए उनके रिश्तेदारों को तंग करेंगे, एक सभ्य चिकित्सक को तंग करेंगे, उनके नर्सिंग होम का घेराव करायेंगे, उनका ब्लैकमेलिंग करेंगे तो हम जैसे डाक्टरों को उनके खिलाफ सड़क पर उतरना पड़ जायेगा और कही ऐसा नहीं कि पूरे राज्य में नर्सिंग होम में ताला न लग जाये, ऐसे में इसके लिए कौन जिम्मेवार होगा, ढुलू जैसे विधायकों को सोचना चाहिए, उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दें, ताकि नर्सिंग होम में सेवारत चिकित्सकों तथा इलाजरत मरीजों को कोई परेशानी न हो।

कुछ लोगों का कहना है कि चूंकि विजय झा ने भाजपा विधायक ढुलू की नींद उड़ा दी हैं, उसके हर गलत काम को जनता के सामने तथा न्यायालय के सामने रखने का काम किया है, जिससे उसकी नीचे की जमीन खिसकती नजर आ रही हैं, ऐसे में विजय झा को कैसे बर्बाद किया जाय, उनके परिवारों/रिश्तेदारों को कैसे तबाह किया जाय, उस पर ढुलू ने काम शुरु कर दिया हैं, जिसमें उसने हराधन रवानी नामक व्यक्ति को आगे कर अपनी राजनीति रोटी सेंकनी शुरु कर दी है।

हालांकि जो लोग विजय झा या उनके समधी डा. बी एन चौधरी और उनके दामाद डा. धीरज चौधरी को जानते हैं, वे बताते है कि ये लोग किस प्रकार मरीजों की सेवा करते हैं और ढुलू जैसे भाजपा विधायक की करतूत कैसी रही है? बुद्धिजीवियों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह इसमें रुचि लेकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएं, ताकि कोई अप्रिय घटना न घट सके।

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