राजनीति

बाबूलाल का आरोप हेमन्त सरकार ने पिछले चार वर्षों में अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को दिया संरक्षण, 10,000 करोड़ के घोटाले किये, जबकि प्रतिदिन पांच हत्याएं राज्य में हो रही हैं

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी का कहना है कि झारखंड में हेमंत सरकार ने पिछले चार वर्षों में सिर्फ अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देकर उनका हौसला बढ़ाया है। इस दौरान लगभग 10000 करोड़ का घोटाला हेमंत सोरेन की सरकार में हुआ है, राज्य में प्रतिदिन 5 हत्याएं हो रही हैं। उनका यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री के दायित्वों का निर्वहन करने की बजाय ‘Abuse of Power’ के दम पर अपने विरोधियों को झूठे मुकदमों में भी फंसा रहे हैं।

अपने राजनैतिक दुश्मनों का मज़ा चखाने के लिये एसटी-एससी एक्ट का बड़े पैमाने पर उन्होंने दुरूपयोग किया। यहां तक की अपने लठैत, बेईमान, षड्यंत्रकारी अफ़सरों के दम पर ईडी के अफ़सरों को भी एकदम से फर्ज़ी मामले बनाकर कर एसटी-एससी एक्ट में फंसाने की कोशिश की। समय का न्याय देखिए, अब इनकी गर्दन भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुकी है। ये खुद जेल जाने से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गिड़गिड़ा रहे हैं, इनकी सारी हिम्मत हवा हो गयी है और जेल जाने के डर के मारे पसीने छूट रहे हैं।

बाबूलाल मरांडी का कहना है कि वे ये दावे के साथ कह सकते हैं कि मौजूदा हेमन्त सरकार देश के राज्यों की सबसे भ्रष्टतम सरकार है। मधु कोड़ा के दौरान भी इन्हीं लोगों ने ”मधु” खाया और बेचारे कोड़ा को “कोड़ा” खाने के लिये छोड़ दिया। जब-जब कांग्रेस, राजद और झामुमो ने हाथ मिलाया है, झारखण्ड का बेड़ा गर्क किया गया है और सिर्फ़ लूटने का काम हुआ है।

दूसरी ओर बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि रांची नगर निगम के भ्रष्टाचार से तंग आकर उच्च न्यायालय को नक्शा पास कराने के पूरे सिस्टम को बदलने का निर्देश देना पड़ा है। परंतु सिर्फ़ नक़्शा ही नहीं, रांची नगर निगम के कण कण में भ्रष्टाचार घुस चुका है। एक पीड़ित ने बताया कि उसको डेढ़ महीने से होल्डिंग नंबर देने के लिए निगम दौड़ना पड़ रहा है और इसके बावजूद अभी तक उसे होल्डिंग नंबर नहीं मिला। आम भाषा में नागरिक सरकार को होल्डिंग टैक्स देना चाह रहे है पर निगम के अधिकारी उसे दौड़ा-दौड़ा कर परेशान कर रहे है।

उन्होंने कहा कि रांची नगर निगम के इस पूरे नेक्सस को CMO से जुड़े एक ऐसे बड़े अधिकारी का संपूर्ण शह है जो आजकल ईडी की रडार पर हैं, फिर भी वो “चोर चोरी से जाये हेराफेरी से नहीं” के तर्ज़ पर अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक नज़र नगर निगम पर भी दौड़ाना चाहिए, वर्ना वो दिन दूर नहीं जब ये मामला भी उनके गले में अटक जायेगा।