शिव सरोज की आत्महत्या प्रकरण से उबला रांची, सरकार और पुलिसकर्मियों पर निकला जनाक्रोश

धनबाद के शिव सरोज द्वारा सेवा सदन के ठीक सामने आत्महत्या कर लेने तथा आत्महत्या के लिए चुटिया थाना प्रभारी और रांची के सिटी डीएसपी को दोषी ठहराने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। नगर विकास मंत्री चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने इस घटना को अत्यंत दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण, खेदजनक एवं सरकारी व्यवस्था के लिए कलंक बताया है, तथा मुख्यमंत्री रघुवर दास से इस घटना की किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

दूसरी ओर मुख्यमंत्री रघुवर दास के अनुसार वे इस घटना से बेहद दुखी है, उन्होंने पुलिस महानिदेशक को इस पूरे मामले की जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इस घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जायेगी। पूरे मामले की जांच करने की जिम्मेवारी सीआइडी के एडीजी अजय कुमार सिंह को दी गयी है।

दूसरी ओर भाकपा माले ने इस घटना की कड़ी निन्दा की है, तथा इस घटना के लिए राज्य सरकार और यहां के पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया। भाकपा माले के अनुसार गुंडों को बचाने के लिए स्थानीय पुलिस ने उक्त युवक को फांसी पर झूलने के लिए विवश कर दिया। भाकपा माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने सुसाइड्स नोट्स के आधार पर चुटिया थाना प्रभारी और सिटी डीएसपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने सभी वामपंथी ताकतों से इस घटना के खिलाफ सरकार के विरुद्ध एक बड़ा जनांदोलन प्रारंभ करने का आह्वान किया।

इधर चुटिया थाना प्रभारी एवं सिटी डीएसपी के खिलाफ चुटिया थाना चौक में स्थानीय नागरिकों के संग भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकाला, तथा इस घटना के आरोपियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए, इनके बर्खास्तगी की मांग की।

One thought on “शिव सरोज की आत्महत्या प्रकरण से उबला रांची, सरकार और पुलिसकर्मियों पर निकला जनाक्रोश

  • August 4, 2017 at 12:04 am
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    कुछ होने वाला नहीं है रघुवर दास की सरकार भ्रष्ट एवं वेभिचारियों की सरकार है भारतीय जनता पार्टी का बंटाधार कर देगा क्या हूआ तोपचांची के हत्यारे एवं लुटेरे पदाधिकारियों का जीनको आजीवन कारावास होना चाहिए सरकारि मेहमान बनकर सरकार से वेतन ले रहे हैं आम आदमि हत्या करे तो फाँसी एवं पुलिस पदाधिकारी सरकारी बंदूक़ सरकारी वेतन लेकर लुट करें तो कारवाई के नाम पर जाँच रघुवर दास के राज में कुछ नहीं होगा ।

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