धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों के कृत्यों से नाराज कृष्णा अग्रवाल ने DRM को कहा, 48 घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी महापौर व झरिया MLA से लिखित माफी मांगे, नहीं तो धरना-प्रदर्शन का सामना करने को रहे तैयार
धनबाद के सुप्रसिद्ध सामाजिक व राजनैतिक कार्यकर्ता कृष्णा अग्रवाल ने धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों के क्रियाकलापों पर अंगुली उठा दी है। ऐसे तो अंगुली उठानेवालों में धनबाद के कई राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता हैं। लेकिन कृष्णा अग्रवाल ने मंडल रेल प्रबंधक को जो पत्र लिखा है। उस पत्र ने धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।
कृष्णा अग्रवाल ने मंडल रेल प्रबंधक को पत्र लिखकर कुछ सवाल भी दागे हैं। साथ ही लोक सूचना पदाधिकारी को पत्र लिखकर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत जानकारी भी मांगी है। उन्होंने लोक सूचना पदाधिकारी से दिनांक 06 अप्रैल 2026 को आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा है –
1) पत्रांक सी.702/एमपी-एमएलए/कार्यक्रम/26 (03.04.2026) एवं सी.702/एमपी-एमएलए/कार्यक्रम/26-1 (06.04.2026) की प्रमाणित प्रतियां। 2) आमंत्रित जनप्रतिनिधियों की सूची किस बैठक/प्राधिकरण द्वारा एवं किस तिथि को स्वीकृत की गई? 3) क्या किसी दबाव अथवा निर्देश के कारण आमंत्रण सूची में परिवर्तन किया गया? संबंधित फाइल नोटिंग उपलब्ध कराई जाए। 4) बैनर/पोस्टर परिवर्तन का आदेश किसके द्वारा दिया गया? 5) यदि केवल सांसद एवं विधायक को आमंत्रित किया जाना था, तो झरिया विधायक श्रीमती रागिनी सिंह का नाम क्यों हटाया गया? 6) कार्यक्रम के लिए निर्धारित आधिकारिक प्रोटोकॉल/गाइडलाइन की प्रति।
दूसरी ओर कृष्णा अग्रवाल ने मंडल रेल प्रबंधक को पत्र लिखकर प्रोटोकॉल उल्लंघन, जनप्रतिनिधियों के अपमान एवं पूर्वनियोजित साजिश की जांच की मांग की हैं। अपने पत्र में कृष्णा अग्रवाल ने लिखा है कि दिनांक 06 अप्रैल 2026 को धनबाद जंक्शन पर आयोजित गाड़ी संख्या 13379/13380 (धनबाद–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस) के उद्घाटन कार्यक्रम में जो घटनाक्रम सामने आया, वह न केवल प्रशासनिक विफलता, बल्कि एक पूर्वनियोजित साजिश का संकेत देता है।
पत्र में उन्होंने इस बात का जिक्र करते हुए लिखा है कि तथ्य यह हैं की आमंत्रण पत्र पत्रांक सी.702/एमपी-एमएलए/कार्यक्रम/26 दिनांक 03.04.2026 द्वारा महापौर संजीव सिंह को आमंत्रित किया गया। तत्पश्चात निरस्तीकरण पत्र: पत्रांक सी.702/एमपी-एमएलए/कार्यक्रम/26-1 दिनांक 06.04.2026 द्वारा कार्यक्रम के दिन ही आमंत्रण निरस्त कर दिया गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि केवल सांसद एवं विधायक ही उपस्थित होंगे।
प्रारंभिक बैनर में सांसद ढुल्लू महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, झरिया विधायक रागिनी सिंह एवं महापौर संजीव सिंह का नाम अंकित था। बाद में उक्त बैनर को परिवर्तन कर नया बैनर लगाया गया,जिसमें केवल सांसद ढुल्लू महतो एवं धनबाद विधायक राज सिन्हा का ही नाम रखा गया।
गंभीर विरोधाभास यह है कि यदि कार्यक्रम में केवल सांसद एवं विधायक को ही आमंत्रित किया जाना था, तो झरिया की विधायक रागिनी सिंह का नाम क्यों हटाया गया? निर्णय प्रक्रिया पर प्रश्न, यह उठता है कि क्या आमंत्रित व्यक्तियों की सूची रेलवे बोर्ड/प्रशासन की किसी बैठक में तय की गई थी? या यह निर्णय व्यक्तिगत स्तर पर लिया गया और बाद में किसी दबाव में आकर उक्त निर्णय को बदला गया?
उपरोक्त घटनाक्रम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि यह एक सुनियोजित एवं लक्षित अपमान है,जिसे धनबाद नगर निगम के महापौर एवं झरिया की विधायक के विरुद्ध अंजाम दिया गया। अतः उनकी मांग है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोनों पत्र जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए। 48 घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी स्वयं मिलकर महापौर एवं विधायक से लिखित माफीनामा दें। अन्यथा,बाध्य होकर इस अपमान के विरोध में DRM कार्यालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।
