अप्पु तिवारी पर दर्ज़ मुकदमें से भड़की आजसू, भोजपुरिया समाज ने जताया विरोध, एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन

पूरे प्रदेश में भोजपुरी-मगही भाषा को लेकर सियासी पारा लगातार गरमाती जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा एक मीडिया साक्षात्कार में इन दोनों भाषाई लोगों को लेकर की गई टिप्पणी अब राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। पिछले दिनों हेमंत सोरेन के उसी बयान पर आक्रोश ज़ाहिर करते हुए आजसू नेता अप्पु तिवारी ने भोजपुरी विकास परिषद के बैनर तले सीएम का पुतला दहन किया था।

विरोध के दरम्यान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर कुछ अपमानजनक शब्द भी कहे थे, जिसपर बाद में झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से गोलमुरी थाना में एफआईआर दर्ज़ कराई गई थी। हालांकि अप्पु तिवारी ने अपने बयान को राजनीतिक विरोध और शब्दों के गलत चयन की बात को स्वीकार्य करते हुए अफ़सोस भी जताया था।

लेकिन इसके बावजूद भी गोलमुरी थाना द्वारा अप्पु तिवारी की गिरफ्तारी को लेकर दबिश बनाने से आजसू पार्टी और शहर की भोजपुरिया संगठनों ने विरोध जताया है। बुधवार को पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस और आजसू पार्टी के जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह के नेतृत्व में पार्टी के एक शिष्टमंडल ने सिटी एसपी सुभाषचंद्र जाट से मिलकर वार्ता किया। आजसू नेताओं ने पुलिसिया दबिश को अनुचित करार देते हुए राजनीतिक विरोध को आपराधिक प्रकृति का नहीं बनाने का सुझाव दिया।

पूर्व मंत्री श्री सहिस ने सिटी एसपी से इस प्रकरण के पटाक्षेप का आग्रह किया और झामुमो को भाषाई विभेद की राजनीति ना करने का सलाह दिया। आजसू प्रतिनिधिमंडल ने सिटी एसपी से कहा कि यदि पुलिसिया दमन जारी रहेगी तो निश्चित ही आजसू पार्टी शहर भर में ज़ोरदार विरोध दर्ज़ करायेगी।

आजसू जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि अप्पु तिवारी का बयान अशोभनीय थी लेकिन उन्होंने अपनी भूल को स्वीकार्य भी किया है। राजनीतिक बयानबाजी को झामुमो अनावश्यक प्रतिष्ठा का विषय बनाकर भोजपुरी, और मगही भाषी लोगों के विरुद्ध नफ़रत फैलाकर पुलिसिया तंत्र का दुरुपयोग कर फ़र्ज़ी मुकदमे करवा रही है।

इस दौरान आजसू पार्टी के रामचन्द्र सहिस ,कन्हैया सिंह, कमलेश दुबे, संजय मालाकार, विमल मौर्य, हेमंत पाठक, चंद्रेश्वर पांडेय, राजेश चौधरी, जितेन्द्र यादव, उमाशंकर सिंह,अजय उपाध्याय, शिबू ओझा, प्रदीप दास, प्रवीण प्रसाद, हैरी एंथोनी सहित अन्य मौजूद थें।

अप्पु तिवारी के समर्थन में उतरा भोजपुरी विकास परिषद, गोलमुरी थाना के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी

आजसू पार्टी के नेता पर झामुमो की शिकायत पर भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज़ होने और पुलिसिया दबिश के विरोध में भोजपुरी विकास परिषद और भोजपुरी नवचेतना मंच के लोगों ने बुधवार को एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी किया। परिषद के अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोग सत्ता का दुरुपयोग कर भोजपुरी भाषी लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अप्पु तिवारी का बयान मुख्यमंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम के दरम्यान उत्तेजनावश आया था। यह बयान हेमंत सोरेन के बयान की प्रतिक्रिया थी। यदि मुख्यमंत्री ने भोजपुरी-मगही भाषियों का अपमान नहीं किया होता, तो निश्चित ही ऐसे विरोध की नौबत नहीं आती।

भोजपुरी विकास परिषद ने अप्पु तिवारी के घर पर पुलिसिया दबिश का भी विरोध जताया। परिषद के एक शिष्टमंडल ने सिटी एसपी से मुलाकात कर के इस मामले में उनके स्तर से हस्तक्षेप का आग्रह किया। परिषद का कहना है कि अप्पु तिवारी भोजपुरिया समाज की सशक्त आवाज़ हैं ना कि कोई पेशेवर अपराधी।

भोजपुरी विकास परिषद ने ऐलान किया कि यदि 48 घन्टो के अंदर अप्पु तिवारी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इशारों पर दर्ज़ एफआईआर को झामुमो वापस नहीं लेती तो परिषद के लोग गोलमुरी थाना के बाहर सत्याग्रह करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा भी पिछले दिनों दिये गये बयान के विरोध में जिले के हर थाना में एफआईआर दर्ज़ करने के लिए लिखित इत्तिला सौंपी जायेगी।

इस दौरान विश्व भोजपुरी विकास परिसद के श्रीनिवास तिवारी, मिथिलेश श्रीवास्तव, मुन्ना चौबे, महेंद्र पांडेय, सुनील सहाय, अरुण शुक्ला, अभिषेक ओझा, नीरज दुबे, पवन ओझा, सत्यम पांडेय, विशाल सिंह, धनंजय सिंह, सोनू दुलरुआ, हरीश सिंह, अजय उपाध्याय समेत अन्य मौजूद थे।

Krishna Bihari Mishra

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