नीतीश को जमकर कोसने के बाद हेमन्त के रिमांड व मीडिया ट्रायल पर झामुमो ने उठाए सवाल, 15 फरवरी से आंदोलन की घोषणा, उधर 16 के राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन भी

लोकतंत्र के इस 75 वें वर्ष में जो बिहार में आज हुआ, वो अद्भुत है। सिर्फ काल और स्थान बदले हैं, पहले बाहर से व्यापारी आकर लूट कर जाते थे। आज यहीं के व्यापारी जिन्हें झारखण्ड, बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र जैसे स्टेट चाहिये। जहां खनिज संपदा या मानव संपदा की बहुतायत हैं। उन पर उनका राज स्थापित हो सके। इसी का खेल आज बिहार में रचा गया। ये कहना है, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य का, जो आज संवाददाता सम्मेलन में अपनी बातें रख रहे थे।

उन्होंने कहा कि चूंकि झारखण्ड में लोकतंत्र का मूल तत्व सामुदायिकता प्राचीन काल से ही आदिवासी संस्कृति का वाहक रहा है। जिस सामुदायिकता को भगवान बिरसा मुंडा व सिदो-कान्हो जैसे महान वीरों ने जिसकी जड़ें मजबूत की हैं। इस सामुदायिकता के कारण ही जिनकी दाल आज बिहार मे गली हैं, उनकी दाल झारखण्ड में नहीं गल सकी। हालांकि इन्होंने यहां प्रयास कम नहीं किया था। लेकिन इनकी मंशा सफल नहीं हो सकी।

बिहार में सदन का संरक्षक ही भक्षक बन गया

सुप्रियो ने कहा कि इनके प्रतिनिधियों और इनकी संस्थाओं ने यहां की सामुदायिकता को ध्वस्त करने के लिए कई प्रयास किये, पर हमारी जड़ें इतनी मजबूत हैं कि ये खुद ही लहुलूहान हो गये। उन्होंने कहा कि बिहार में जिस प्रकार से संसदीय परम्परा को ध्वस्त किया गया, ये दरअसल पराकाष्ठा है। सुप्रियो ने कहा कि बिहार में विपक्ष में राजद है। उसके विधायक सत्तापक्ष में बैठ गये और सदन के संरक्षक ने उन सभी सदस्यों को सदन की मान्यता दे दी। मतलब सदन के संरक्षक ने ही भक्षक का काम किया।

आखिर नीतीश को बार-बार चोर दरवाजे का सहारा लेना क्यों पड़ता है

सुप्रियो ने कहा कि जिसका संचालन दिल्ली से होता है। जिसके नेता ने कभी कहा था कि बिहार के लोगों का डीएनए खत्म हैं। आज तो वो साबित हो गया, तो आखिर आपने क्यों डीएनए का बहाना बनाकर लोगों के बीच जाने का काम किया। क्यों कहा था कि मिट्टी में मिल जाउंगा, मर जाउंगा पर भाजपा के साथ नहीं जाउंगा।

आखिर नीतीश कुमार को बार-बार चोर दरवाजे का सहारा क्यों लेना पड़ता है। ये तो ईश्वर है कि जिन्होंने हमलोगों को ऐहसास करा दिया कि ऐसे राजनीतिक बेईमान किसी संगठन या गठजोड़ में रहेंगे, तो उस गठजोड़ का सत्यानाश हो जायेगा। इसीलिए इस गठजोड़ के किसी भी नेता ने आपको अपना संयोजक नहीं बनाया।

पहले सत्ता के लिए भ्रष्टाचार, फिर सेना का इस्तेमाल और अब भारत रत्न का सहारा

सुप्रियो ने कहा कि 2014 में ये भाजपावाले कहा करते थे। बहुत हुई मंहगाई-भ्रष्टाचार का वार, अबकी बार मोदी सरकार। 2019 में सत्ता पाने के लिए सेना के बलिदान का इस्तेमाल किया और अब 2024 के चुनाव में ये भारत रत्न का सहारा ले रहे हैं। बिहार में चुनाव है तो कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न। यूपी में चुनाव है तो चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न। किसान आंदोलन शुरु होने जा रहा है तो स्वामीनाथन को भारत रत्न। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भाजपा पस्त है तो उसे ठीक करने के लिए नरसिम्हाराव को भारत रत्न।

दुर्भाग्य देखिये, जिन जनसंघियों के खिलाफ कर्पूरी और चरण सिंह लड़े, उनके लोग आज संघियों के साथ खड़े हैं

उन्होंने कहा कि जिन जनसंघियों ने आरक्षण को लेकर कर्पूरी ठाकुर को मुख्यमंत्री पद से हटवा दिया। उन जनसंघियों का साथ आज नीतीश को अच्छा लग रहा है। जिन चौधरी चरण सिंह ने दोहरी सदस्यता का मामला उठाया और जिसके कारण चौधरी चरण सिंह को मंत्रिमंडल से हटना पड़ा। उनके पोते का बयान है कि किस मुंह से उनको मना करें। सुप्रियो ने गुस्से में कहा कि अपने दादा के मुंह से मना करो। जिन जनसंघियों के खिलाफ कर्पूरी और चरण सिंह लड़ते रहे, आज उनके लोग उन जनसंघियों के साथ खड़े हैं।

सुप्रियो ने कहा आज 12 फरवरी का इतिहास हमेशा याद रखा जायेगा, क्योंकि आज ही के दिन वैशाली की भूमि, पाटलिपुत्र का साम्राज्य व्यवसायियों, साहूकारों व पूंजीपतियों के हाथों बिक गया। बिहार के लोग इन लोगों से अपनी जमीन तो बचा लेंगे पर इन बिहार के नेताओं का क्या होगा, जो अपना जमीर बेचते रहे हैं।

हेमन्त से खौफ खानेवाले भाजपाइयों ने नई परम्परा की शुरूआत की

सुप्रियो ने कहा कि अब तो देश में नई परम्परा शुरू हो गई। लगातार हमारे नेता हेमन्त सोरेन को 13 दिनों तक रिमांड पर रखा गया। उन्होंने कहा कि आज तक इस देश में ऐसा कभी नहीं देखा गया। कितना खौफ हैं उन्हें हमारे नेता से। तहखाने में रखो। घूंट के मर जाये। ऐसी स्थिति बना दो। रोष भी आने मत दो ताकि वो अंधा हो जाये। आवाज न दे सकें इसलिए उस तक आवाज ही पहुंचने मत दो। ये अमानवीय परिस्थिति बनाकर रख दिया गया है।

सुप्रियो ने कहा कि हम इसका मुकाबला करेंगे। फैसला ले लिया गया है। 15 फरवरी से पंचायत स्तर पर प्रतिरोध की आवाज तैयार करेंगे। जो लगातार चलता रहेगा। जब तक हमारे नेता के खिलाफ रची गई साजिश की असलियत सामने न आ जाये। सुप्रियो ने कहा कि ठीक है। आपका अधिकार है। आप जानना चाहते हैं, जानिये।

ये 14 दिनों का रिमांड एक साथ ले लेते। ये एक दिन का ऐहसान क्यों कर दिया। कमाल है। ईडी दफ्तर से निकले हेमन्त। कोर्ट परिसर पहुंचे हेमन्त। कोर्ट परिसर से निकले हेमन्त। ये मीडिया ट्रायल क्यों हो रहा है? ऐसी सुरक्षा क्यों भाई? क्या हेमन्त सोरेन को पंख लग गये हैं, उड़ जायेंगे।

सुप्रियो ने कहा कि अरे आप लोग कायर लोग हो। अभी पंजाब-हरियाणा की सीमा पर क्या हो रहा हैं। रुस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति जैसी दिख रही है। इतना डर। अपने लोगों से इतना डर। जिनके नाम पर भारत रत्न दे रहे हो, उससे डर। 16 तारीख को पूरा देश हड़ताल पर रहेगा। किसान-मजदूर सारे श्रमिक संगठन हड़ताल पर रहेंगे।

लोकतंत्र बचाने के लिए हड़ताल पर रहेंगे। ईडी जो एक सेलेक्टिव टारगेट के अंतर्गत काम कर रही हैं। उसके खिलाफ हड़ताल पर रहेंगे। पूरे भारत में हड़ताल रहेगा। हमारी पार्टी भी हड़ताल का समर्थन करेगी। हम इन सारे श्रमिकों, किसानों और राजनीतिक दलों के साथ हैं, जो 16 फरवरी को हड़ताल पर रहेंगे।

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