रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय पर फेंका गया पेट्रोल बम, संघ के सभी आनुषांगिक संगठनों में खलबली, संघ कार्यालय में लोगों का लगा तांता
16-17 जून की देर रात करीब 12 बजकर 38 मिनट पर रांची के निवारणपुर स्थित संघ कार्यालय पर दो पेट्रोल बम फेंके गये। हालांकि इससे कोई हताहत नहीं हुआ और न भवन को कोई नुकसान पहुंचा। लेकिन इस प्रकार की घटना ने संघ तथा संघ के आनुषांगिक संगठनों में खलबली जरुर मचा दी। जैसे ही इस घटना की खबर लोगों को मिली। संघ कार्यालय में लोगों का हुजूम बढ़ने लगा।
संघ की राजनीतिक संगठन भाजपा के बड़े-बड़े नेता यहां पहुंचने लगे और अपने-अपने हिसाब से बयान देने लगे। सभी ने इस घटना की घोर निन्दा की तथा संघ कार्यालय में हुई इस घटना के बाद राज्य में विधि-व्यवस्था पर अंगूलियां उठाई। ज्यादातर नेताओं का कहना था कि संघ कार्यालय पर हुई ये घटना बताता है कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल है।
संघ कार्यालय में हुई इस घटना के बाद रांची के वरीय पुलिस पदाधिकारियों का दल भी पहुंचा तथा घटनास्थल का जायजा लिया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना पर तीखी प्रतिकिया व्यक्त करते हुए कहा कि संघ कार्यालय पर इस प्रकार का हमला यह छोटी घटना नहीं, बल्कि बड़ी घटना है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में यहां के पुलिस पदाधिकारियों से कहा है कि जिन दो अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है, उसे जितनी जल्दी हो सके पकड़े और दूसरा इस क्षेत्र में पुलिस पिकेट या ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। आरएसएस की ऑफिस पर इस प्रकार की घटना गंभीर मामला है, पुलिस इस मामले को गंभीरता से लें।
संघ कार्यालय में लगे सीसीटीवी के फुटेज से साफ पता लग रहा है कि दो अपराधी अपना मुख छुपाकर आये और इस घटना को अंजाम दिया। लोग बता रहे है कि पहला पेट्रोल बम नीचे गिरा, जो नहीं फूटा। इसके बाद इन अपराधियों ने दूसरा पेट्रोल बम फेंका जो उपर जाकर गिरा। जैसे ही पेट्रोल बम गिरने की आवाज आई, इस आवाज को सुन संघ कार्यालय में रह रहे लोगों की नींद टूटी और ये मामला उजागर हुआ।
राजनीतिक पंडितों की मानें, तो इस घटना में लिप्त अपराधी जितने जल्दी पकड़ में आ जाये। उतना ही स्थानीय पुलिस प्रशासन के लिए अच्छा रहेगा। नहीं तो इससे अफवाहों का बाजार गर्म होगा। तरह-तरह की अफवाहें जन्म लेंगी और इससे रांची का माहौल खराब होगा, जो आगे चलकर सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम करेगा। क्योंकि जिस प्रकार से नेता प्रतिपक्ष बाबू लाल मरांडी और अन्य भाजपा नेता बयान दे रहे हैं। उससे यही लगता है कि ये मामला तब तक शांत नहीं होगा, जब तक वे दोनों अपराधी गिरफ्तार नहीं हो जाते।
