अब पार्ट टाइम जॉब में भी नवाचार, डालटनगंज में हर्बल जूस कॉर्नर मचा रहा धूम
अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाना कोई नई बात नहीं है। सदियों से छात्र अखबार बेचने से लेकर सब्जी बेचने तक का काम कर अपने सपनों को सींचते रहे हैं। अब इस पार्ट टाइम जॉब की लिस्ट में एक नया और सेहतमंद नवाचार जुड़ गया है – हर्बल जूस कॉर्नर डालटनगंज में इसकी शुरुआत बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले छात्र रंजीत कुमार ने की है।
रंजीत पढ़ाई के लिए डालटनगंज आए थे।यहां शांतिपुरी में किराए के मकान में रहते हैं। परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने से आर्थिक संकट खड़ा हुआ तो उन्होंने पार्ट टाइम जॉब तलाशा। मन मुताबिक काम नहीं मिला तो उन्होंने अपने हुनर को ही रोजगार बना लिया।
रंजीत ने बताया कि पटना में पढ़ाई के दौरान उत्सुकतावश उन्होंने जड़ी-बूटियों से दवा बनाने के गुर सीखे थे। वही हुनर आपदा में काम आ गया। उन्होंने कमिश्नर कार्यालय के सामने एक छोटा सा हर्बल जूस कॉर्नर खोल दिया। उनके कॉर्नर पर कोई बड़ी दुकान नहीं, बस एक लकड़ी का छोटा टेबल, मिक्सी चलाने के लिए एक बड़ी बैटरी, एक मिक्सी, डिस्पोजेबल गिलास और आसपास के खेत-जंगल से इकट्ठा की गई ताजी जड़ी-बूटियां।
अश्वगंधा, एलोवेरा, करेला, सहजन, गिलोय, अर्जुन की छाल, तुलसी, पुदीना सहित करीब आठ से 10 तरह के पत्ते, छाल और जड़ी को मिक्सी में डालकर रंजीत ग्राहकों के सामने ही ऑन द स्पॉट जूस बनाकर पिलाते हैं। यह जूस इम्यूनिटी बढ़ाने, शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में फायदेमंद बताया जाता है।
सुबह-सुबह कमिश्नर कार्यालय और पुलिस लाइन में मॉर्निंग वॉक करने आने वाले सैकड़ों लोग अब धीरे-धीरे उनके परमानेंट कस्टमर बन गए हैं। लोग कहते हैं कि बाजार के केमिकल वाले जूस से बेहतर है यह देसी और शुद्ध हर्बल जूस। रंजीत रोज सुबह 5:30 बजे से 9:30 बजे तक अपना स्टॉल लगाते हैं। इसके बाद दिन भर पढ़ाई और अन्य कामों के लिए समय निकाल लेते हैं। उनका कहना है कि लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं है, बल्कि लोगों को सेहत के प्रति जागरूक करना भी है। इसलिए जूस की कीमत उन्होंने बेहद कम, मात्र 20 रुपये रखी है, ताकि हर कोई इसका लाभ ले सके।
