झामुमो के वरिष्ठ नेता व मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन पर BJP IT सेल के इंचार्ज राहुल अवस्थी की घटिया स्तर की टिप्पणी से झारखण्ड की जनता आक्रोशित, सर्वत्र हो रही थू-थू, इस घटना से भाजपा का नुकसान होना तय
झारखण्ड के नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य आदि विभागीय मंत्रालयों को संभालनेवाले, गिरिडीह के झामुमो विधायक, झामुमो के वरिष्ठ नेता, विधानसभा में अपनी वाकपटुता से विपक्षियों को चित कर देनेवाले मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू आज इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी मृत्यु आज देर रात हार्ट अटैक से हो गई। सारा झारखण्ड इस खबर को सुनकर मर्माहत है, दुखी है।
लेकिन भाजपा के आईटी सेल का स्टेट इंचार्ज राहुल अवस्थी इस समाचार को सुनकर खुशियां मना रहा है। वो मृतक सुदिव्य कुमार सोनू और उनको चाहनेवालों को यह खबर सुनकर ताने मार रहा है। वो घटिया स्तर की टिप्पणी कर रहा है। वो अपने एक्स पर लिख रहा है कि “रोते बिलखते छात्रों की हाय”। जब लोग उसके एक्स पर उसके लिखे मंतव्यों पर विरोध दर्ज करते हैं। थू-थू करते हैं। तो उसे ज्ञान होता है और फिर वो अपने मंतव्य को एक्स हैंडिल से हटा देता है।

अब सवाल उठता है कि उसके वो मंतव्य हटा देने से क्या होता है? लोग तो उसके मन के भाव को तो जान गये और जब राज्य के आईटी सेल इंचार्ज के मन में इतना घटियास्तर का भाव अपने विपक्षी नेताओं के लिए हैं तो पूरे प्रदेश में जो आईटी सेल से जुड़े लोग है या भाजपा के अन्य युवा नेता है, उनके मन में क्या चल रहा होगा? आखिर ये इतनी घटिया सोच कहां से आती है। जिस पार्टी में अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विजया राजे सिंधिया जैसे नेता हुए/हुई हो, वहां इस प्रकार के दानवी भाव वाले सोच के नये युवा कैसे पैदा हो रहे हैं और ऐसे लोगों का मनोबल कौन बढ़ा रहा है?
अच्छा रहता कि इस प्रकार के वक्तव्यों को देनेवाले नेताओं को भाजपा का प्रदेशस्तरीय शीर्षस्थ नेता ही किनारे कर देता। उसे अपने पद से हटा देता। कड़ी कार्रवाई करता। लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं करना, उसके मनोबल को बढ़ाना ही समझा जायेगा। अरे भाई, इस दुनिया में कौन अमर होकर आया है। जो लिख रहा है, क्या उसके घर में ऐसी घटना कभी नहीं हुई या अन्य के घर में ऐसी घटना कभी नहीं हुई है या नहीं होगी?
क्या राहुल अवस्थी या भाजपा के नेता नहीं जानते कि हमारे देश में किसी के मृत्यु के बाद, मृत व्यक्ति की आलोचना या उसके उपर की गई कटाक्ष को महापाप माना जाता है। क्या उसे नहीं पता कि हमारे देश में किसी की शवयात्रा को देखकर लोग सिर नवाते हैं। भले ही शवयात्रा किसी की हो। चाहे उस शवयात्रा में शामिल लोगों या मृतक व्यक्ति को वो जानता हो या नहीं जानता हो। सभी शीश झुकाते है। यह हमारी परम्परा है। यही हमारी संस्कृति है।
भाजपा का यह कुकृत्य सभी को हैरान ही नहीं, परेशान करनेवाला है। अगर ऐसी सोच पर नहीं विराम लगाया गया तो सचमुच यह झारखण्ड को नुकसान पहुंचाने वाला साबित होगा। भाजपा के राज्यस्तरीय नेताओं को चाहिए कि राहुल अवस्थी जैसे नेताओं पर इस प्रकार के महापाप के लिए उसके पद से तत्काल हटाएं, नहीं तो राज्य की जनता इस महापाप के लिए भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं को भी माफ नहीं करेगी।
