छात्रों की आवाज को झामुमो द्वारा लाठी-डंडों से दबाने की कोशिश लोकतंत्र पर हमला, इस गुंडागर्दी का भाजपा देगी मुंहतोड़ जवाब : बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झामुमो कार्यकर्ताओं के द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में छात्रों के साथ की गई गुंडागर्दी को निंदनीय और शर्मनाक बतलाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस घटना का पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में हेमंत सोरेन ने नीचता की सारी हदें पार कर दी हैं। छात्रों की आवाज़ को लाठी-डंडों से दबाने की यह कोशिश लोकतंत्र पर हमला है। इस गुंडागर्दी का मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। श्री मरांडी गिरिडीह में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
श्री मरांडी ने कहा कि गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्रों को झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, हजारीबाग, रांची सहित अन्य जगहों में भी इसी तरह की गुंडागर्दी दिखी। लाठी डंडे से लैस झामुमो के गुंडे आतंक मचाते दिखे। रांची में तो बच्ची तक को नहीं छोड़ा गया। रामगढ़ में जेएमएम के नेता खुलेआम कहते हैं कि जो लोग भी सीएम का पुतला दहन करेगा उसको पटक-पटककर मारेंगे। सभी जगहों की गुंडागर्दी की वीडियो फुटेज है, कौन लोग लाठी झंडा लेकर छात्रों को पीट रहे हैं। यह भला कैसा लोकतंत्र है? अब झामुमो पूरी तरह गुंडागर्दी पर उतर आई है। भारतीय जनता पार्टी इस कृत्य का विरोध करती है। अगर जरूरत पड़ी तो हमारी पार्टी सड़क पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से इस आंदोलन को आगे बढ़ाने का काम करेगी।
श्री मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को लोकतांत्रिक रूप से आंदोलन करने का हक है। अपने हक अधिकार के लिए लोग आंदोलन करेंगे, सड़क पर निकलेंगे, पुतला दहन करेंगे, जिंदाबाद मुर्दाबाद भी करेंगे। अगर कोई गुंडागर्दी के बलबूते इस संवैधानिक अधिकार को कुचलने का काम करेगा तो बीजेपी बर्दाश्त नहीं करेगी।
श्री मरांडी ने कहा कि 21 अगस्त को छात्रों के साथ मारपीट की घटना अचानक नहीं हुई। इसकी पटकथा हेमंत सोरेन ने 18 अगस्त को ही इससे जुड़े अपने तुगलगी कैबिनेट निर्णय के साथ लिख दिया था। छात्र 25 दिन से लगातार आंदोलनरत थे। 10 अगस्त को छात्र विधानसभा मार्च करके सरकार की सारी चुनौतियों को पार कर अपनी फौलादी एकता और जज्बे का एहसास कराते हुए विधानसभा के गेट तक पहुंच गए। चाहते तो वे गेट के अंदर भी जा सकते थे लेकिन यहां के बच्चे अनुशासित हैं। उस दिन बच्चों को रात के अंधेरे में भी पीटा गया। फिर बच्चे पुनः धरना स्तर पर आ गए।
श्री मरांडी ने कहा कि जब-जब छात्रों ने अपने आंदोलन को गति देने के लिए कार्यक्रमों की घोषणा की, तब तब सरकार ने वार्ता के नाम पर दिखावा किया। जब छात्र ने 20 अगस्त की डेडलाइन तय कर समस्या का समाधान नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास घेरने का निर्णय लिया तो सरकार ने पहली प्राथमिकता तय किया कि सबसे पहले बच्चों को धरना स्थल से हटाया जाए और फिर कैबिनेट मीटिंग के नाम पर साजिश किया गया। बच्चे नादान और अबोध होते हैं इसलिए सरकार और हेमंत सोरेन की साजिश को नहीं समझ पाए और वह उनके झांसे में आ गए। राज्य सरकार की मंशा और नीयत प्रारंभ से ही छात्र आंदोलन को लेकर साफ नहीं रही है, यह लगातार साजिश पर साजिश कर रही थी। इसलिए राज्य सरकार ने जिस दिन कैबिनेट से परीक्षा रद्द करने सहित अन्य निर्णय लिया था उसी दिन हमने आशंका जताते हुए बतला दिया था कि इस निर्णय का क्या हश्र होने वाला है।
श्री मरांडी ने राहुल गांधी को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वे तो अपने आप को शांतिपूर्ण आंदोलन के पक्षधर बताते रहे हैं फिर झारखंड में अपनी सरकार के लोगों की इस गुंडागर्दी पर वे क्यों चुप हैं ? क्यों छात्रों पर हो रहे इस जुल्मो सितम की गूंज उनके कानों तक नहीं पहुंच पा रही?
श्री मरांडी ने कहा कि सारी गलती राज्य सरकार और झामुमो की है। हाई कोर्ट से जब स्टे मिला तो बच्चों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी जिलों में पुतला दहन कार्यक्रम की घोषणा की थी, इसलिए यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक था। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच ही इस मामले का एकमात्र विकल्प है। जो दोषी होंगे वह पकड़े जाएंगे और जो निर्दोष होंगे वह बरी होंगे।
श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड के छात्रों पर हमला अचानक नहीं था, बल्कि इसके पीछे पहले से तैयारी थी? इस बात की पुष्टि इससे जुड़े सामने आए गिरिडीह के महेश मुंडा के इमरान नामक युवक के WhatsApp ग्रुप के मैसेज ने झामुमो के गुंडों की पोल खोल दी है। मैसेज में साफ लिखा है कि ’04 बजे पार्टी कार्यालय गिरिडीह पहुँचें। संगठन का इमरजेंसी कॉल है।’ इसके बाद JMM से जुड़े लोगों का वीडियो भी सामने आता है।
श्री मरांडी ने कहा कि इस शख्स की तत्काल गिरफ्तारी हो और प्रशासन पूछताछ करे कि झामुमो का यह इमरजेंसी कॉल किसलिए था? किसे बुलाया गया था? किसके निर्देश पर भीड़ जुटाई गई? और क्या इसी भीड़ का इस्तेमाल छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ किया गया? उन्होंने मुख्यमंत्री से जवाब मांगा है कि अगर छात्रों पर हमला करने की कोई योजना नहीं थी, तो फिर पार्टी कार्यालय से ऐसा इमरजेंसी मैसेज क्यों जारी हुआ?
साथ ही रामगढ़ के झामुमो नेता पर मुकदमा दर्ज करने सहित सभी जगहों पर गुंडागर्दी करने वाले लोगों की शिनाख्त कर उनपर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस मामले में सभी दोषियों को चिह्नित करते हुए उनपर मुकदमा दर्ज कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इस दौरान प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष रंजीत राय, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, कार्यसमिति सदस्य चुन्नूकांत सहित कई नेता कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
