राजनीति

झामुमो का आरोप भाजपा और कोचिंग माफिया के इशारे पर छात्रों के आंदोलन को दी जा रही नई दिशा

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने आज प्रेस कांफ्रेस कर कहा है कि वर्तमान में जो छात्रों का आंदोलन फिर से शुरु हुआ है। उसके पीछे कोचिंग माफिया और भाजपा है। झामुमो का कहना है कि भाजपा और कोचिंग माफिया के इशारे पर छात्रों के आंदोलन को नई दिशा दी जा रही है। आज का छात्र आंदोलन और उनके द्वारा किया जा रहा पुतला दहन उसी की एक कड़ी है। आज के छात्रों के आंदोलन को देखकर साफ लग रहा है कि छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण कर दिया गया है और इसके पीछे भाजपा है।

झामुमो नेताओं ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को देखते हुए ही मुख्यमंत्री ने चार मंत्रियो की एक टीम बनाकर उनसे वार्ता करने को भेजा था। जब बात नहीं बनीं तो मुख्यमंत्री ने स्वयं कैबिनेट की बैठक में निर्णय लेकर जेपीएससी द्वारा आयोजित किये गये परीक्षाओं, टीडीपीएल द्वारा ली गई परीक्षाओं को रद्द कर दिया। सीजीएल की परीक्षा को भी रद्द किया गया। इसके बाद जो लोग इसके खिलाफ थे। उन्होंने न्यायालय का आश्रय लिया।

न्यायालय ने सरकार के आदेश को स्थगित किया और सरकार को पन्द्रह दिन के समय दिये कि वो काउंटर एफिडिविट न्यायालय में दाखिल करें। लेकिन पता नहीं कौन सा शगूफा छोड़ा गया कि सब कुछ जानते हुए भी सरकार को दोषी ठहराया जा रहा है। उसे कोसा जा रहा है। जबकि सरकार का इसमें कोई दोष भी नहीं।

झामुमो नेताओं ने कहा कि कहा जा रहा है कि सरकार ने धोखा दिया। अरे सरकार ने धोखा कहा दिया। अभी काउंटर एफिडिविट दाखिल होगा। फिर ट्रायल चलेगा। उसके बाद न्यायालय क्या फैसला करेगी। इसका जवाब भविष्य पर टिका है। ऐसे में इस प्रकार का एक्ट करना, राजनीति करना कहां से ठीक है। छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर जिस प्रकार से भाजपा और कोचिंग माफिया कृत्य कर रहे हैं। उसे राज्य की जनता सब देख रही है और ऐसे लोगों की राज्य की जनता सबक भी सिखायेगी।

झामुमो का कहना है कि मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। ऐसे में सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता और पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही पर भी झामुमो ने निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने उनके खिलाफ जांच का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि 130 करोड़ रुपये के कथित दवा घोटाले को लेकर सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है।

झामुमो ने दावा किया कि जांच से बचने के लिए शाही भाजपा का राजनीतिक संरक्षण ले रहे हैं। पार्टी नेताओं ने उनके बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। वहीं, भाजपा की ओर से जेपीएससी-जेएसएससी मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर भी झामुमो ने सवाल उठाए। पार्टी ने पूछा कि पहले और दूसरे जेपीएससी मामले की सीबीआई जांच का अब तक क्या परिणाम सामने आया। झामुमो नेताओं ने कहा कि देशभर में सीबीआई के पास बड़ी संख्या में पुराने मामले लंबित हैं।

इसके विपरीत झामुमो ने राज्य की सीआईडी जांच को प्रभावी बताते हुए दावा किया कि पिछले कुछ महीनों में कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और दो दर्जन से अधिक लोगों को जेल भेजा जा चुका है। झामुमो ने कहा कि सरकार छात्रों के हित में काम कर रही है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने छात्रों की मांगों से आगे बढ़कर फैसले लिए हैं, लेकिन अब मामला अदालत में है और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। पार्टी ने छात्रों से अपील की कि वे राजनीतिक दलों के बहकावे में न आएं और अपने आंदोलन को किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा न बनने दें।

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