हेमन्त कैबिनेट की विशेष बैठकः JSSC CGL और TDPL के माध्यम से ली गई सारी परीक्षाएं रद्द, गड़बड़ियों की जांच न्यायिक आयोग करेगा, रिफॉर्म्स के लिए अमिताभ कौशल के नेतृत्व में कमेटी गठित
सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने विशेष कैबिनेट बुलाई थी। विषय था – छात्रों के आंदोलन और एमएमडीआर एक्ट संशोधन विधेयक। दोनों पर गहन चर्चा संपन्न होने के बाद, जब वे कैबिनेट बैठक संपन्न करने के बाद बाहर निकले। तब उन्होंने वहां उपस्थित पत्रकारों से सभी बिंदुओं पर खुलकर चर्चा की। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का साफ कहना था कि छात्रों के अलग-अलग खेमों में चल रहे आंदोलन पर उनकी पूर्व से ही विशेष नजर थी। उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु उन्होंने मंत्रियों की टीम भी बनाई थी। जो उनसे बात कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान कई तरह की वार्ताएं हुई। इनमें कुछ समस्याएं सुलझा ली गई और कुछ समस्याओं पर बातें नहीं बनी। मुख्यमंत्री का कहना था कि चूंकि छात्र हितों को लेकर उन्होंने ही कड़े कानून बनाये हैं तो उन कड़े कानूनों को लागू भी हम ही करेंगे। छात्रों का विश्वास डगमगाएं नहीं, इसकी अपेक्षा भी हम रखते हैं। उन्होंने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी में कई सारी नियुक्तियां हुई है तो कई नियुक्तियां रुकी भी रही हैं। जिसकी कई जांच एजेंसियों ने जांच भी किया। जिसका परिणाम सभी के सामने हैं।
हेमन्त सोरेन ने कहा कि छात्रो की मांग परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर थी। छात्रों की यह बात मान ली गई है। इसमें पारदर्शिता के साथ काम होगा। परीक्षा कैसी होनी चाहिए, इसको लेकर एसओपी भी बना हुआ है। इस एसओपी का पालन होता तो ये गड़बड़ियां भी नहीं होती, क्योंकि इसमें कई कड़े प्रावधान है। उन्होंने कहा कि वे इसमें भी और सुधार करने का प्रयास करेंगे। इसके लिए उन्होंने एक पोर्टल भी बनाया है और उस पोर्टल के माध्यम से लोगों के सुझाव भी आ रहे हैं। जल्द ही इसमें विशेषज्ञों की टीम को शामिल किया जायेगा। फिलहाल सुधारीकरण के लिए अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक टीम बनाने का निर्णय लिया गया है। जो अलग-अलग संस्थानों के विशेषज्ञों से मिलकर परीक्षा प्रणाली के सुधारीकरण पर फोकस करेगी।
उन्होंने कहा कि टीडीपीएल द्वारा ली गई सभी परीक्षाएं, उसके द्वारा प्रकाशित की गई रिजल्ट या जो भी उसके द्वारा चुने गये हैं या उसकी जो भी गतिविधियां रही हैं, सभी को रद्द किया जाता है। टीडीपीएल के माध्यम से जो परीक्षाएं ली गई, जिसे रद्द किया गया। उसके नाम इस प्रकार है – 14वीं सिविल सेवा रेगुलर पीटी, सिविल सेवा बैकलॉग पीटी 2023, सिविल सेवा बैकलॉग पीटी 2025, फॉरेस्ट रेंज अफसर, सहायक वन संरक्षक, एपीपी रेगुलर नियुक्ति, एपीपी बैकलॉग नियुक्ति, सिविल जज जूनियर आदि।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन अभी शुरु हुआ है तो यह ऑपरेशन और बेहतर ढंग से होगा। उन्होंने कहा कि 2014 से ली गई सारी परीक्षाओं की जांच होगी। जेपीएससी-सीजीएल की परीक्षा की जांच एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में टीम बनाकर कराया जायेगा। फिलहाल एसआईटी और सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है।
एमएमडीआर एक्ट संशोधन विधेयक के खिलाफ जल्द ही विधानसभा की विशेष सत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल इनके द्वारा जांच होने के बाद जो तथ्य आ रहे हैं। वे चौकानेवाले हैं। जो कुछ लोग सीजीएल में नियुक्त हुए हैं। जेपीएससी में धांधली में गिरफ्तार हुए है। कई कंपनियां यहां कार्यरत है, जिनका नेटवर्क यहां काम कर रहा है, जिसमें कई घालमेल भी दिख रहे हैं। ऐसे में 2014 से लेकर अब तक जो भी परीक्षाएं हुई है, सभी को जांच करने को कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो हाल ही में एमएमडीआर एक्ट में बदलाव किया गया है, उसको लेकर हम विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी कोशिश करेंगे।
इसी बीच कल जेएसएससी सचिव के घर व कार्यालय पर सीआईडी का छापा पड़ा है। यह छापा लगातार 13 घंटे तक चलता रहा। उधर जेपीएससी की पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के पीए ब्रज कुमार राम को गिरफ्तार कर लिया गया है। कुल मिलाकर देखें तो राज्य सरकार की जो इस मामले में बदनामी हो रही है। उस बदनामी को लेकर राज्य सरकार इस बार लगता है कि किसी को माफ करने नहीं जा रही। अगर सही मायनों में ये जांच सही दिशा में चलती है और गलत लोगों को जेल की सलाखों में डाला जाता है तो यह हेमन्त सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जायेगी।
