राजनीति

छात्रों के समर्थन में वार्ता करने सीएम आवास पहुंचे भाजपा नेता, पुलिस के रोकने पर मुख्यमंत्री आवास के गेट पर ही धरना पर बैठे, सीएम हेमन्त सोरेन से इस्तीफा मांगा

छात्रों को न्याय दिलाने को लेकर उनके समर्थन में भाजपा नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी में मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना प्रदर्शन करते हुए सीएम आवास का घेराव किया। इस दौरान भाजपा नेताओं द्वारा छात्र हित में सभी भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की सीबीआई से जांच कराने और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। इन नेताओं को कहना था कि चूंकि विगत 17 दिनों से राज्य भर के छात्र रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। सरकार से कई दौर की वार्ता के बाद भी उनकी बातों को नहीं माना गया। लिहाजा छात्रों ने विधानसभा घेराव कार्यक्रम का निर्णय लिया।

इधर इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि 17 दिनों से राज्य के बच्चे जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार को सुध लेने की फुर्सत नहीं है। छात्रों के समर्थन में हम सभी बाबूलाल मरांडी के साथ भाजपा के सभी विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता, मुख्यमंत्री से वार्ता करने उनके आवास जा रहे थे। भाजपा नेताओं को मुख्यमंत्री आवास के बाहर ही पुलिस ने रोक दिया, विरोध स्वरूप भाजपा नेता सीएम आवास के बाहर छात्रों की आवाज बनकर वहीं धरना पर बैठ गए। फिर भाजपा नेताओं को गिरफ्तार कर खेलगांव ले जाया गया।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार दमनकारी और तानाशाही है। जिस प्रकार भाजपा नेताओं को घसीट-घसीटकर बस में बैठाया गया, वह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। क्या अब राज्य में लोकतांत्रिक तरीके से भी बातें रखने का अधिकार नहीं है ? इसका मतलब राज्य सरकार तानाशाही सरकार, दमनकारी  सरकार चलना चाहती है। इस सरकार के खिलाफ एक-एक छात्र, एक-एक जनता अब उग्र आंदोलन करेगी।

वहीं श्री साहू ने छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर कहा कि हेमंत सरकार लाठी के दम पर छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। यह बर्बरतापूर्ण कार्रवाई है। अपने हक और अधिकार की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक और लोकतंत्र के लिए काला अध्याय है। पहले बारिश में टेंट नहीं लगाने दिया, फिर वाटर कैनन चलाया और अब छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस दिल्ली में धरना प्रदर्शन करती है, प्रधानमंत्री आवास का घेराव करती है। वहीं दूसरी ओर झारखंड में अपनी सरकार के इस दमन पर कांग्रेस का मुंह पूरी तरह बंद है। कांग्रेस और राहुल गांधी में अगर दम है तो वह छात्रों की जो सीबीआई जांच की मांग है, उसे हेमंत सोरेन पर दबाव डालकर पूरा करवाएं या फिर अविलंब राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस लें।

छात्रों की मांग स्पष्ट है—सभी परीक्षाओं की CBI जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और उन्हें जेल भेजा जाए। अगर कांग्रेस में नैतिकता बची है, तो JMM सरकार से समर्थन वापस ले। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा। सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होने पर भाजपा राज्य सरकार का जीना दूभर कर देगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समर्थन से झारखंड में पिछले छः वर्षों से झामुमो के नेतृत्व में सरकार चल रही है। इस सरकार ने छात्रों, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है। नौकरियां खुलेआम बेची जा रही है। JPSC, JSSC, CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती तक—हर परीक्षा सवालों के घेरे में है। पेपर लीक, गड़बड़ी और बाहरी छात्रों को लेकर उठ रहे सवालों ने लाखों युवाओं के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है। लगातार ठगने और गुमराह करने की राजनीति कितने दिनों तक चलेगी। छात्रों के सब्र का बांध पूरी तरह टूट चुका है।

उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं के घोटाले में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, अधिकारी सभी की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष भूमिका प्रतीत हो रही है, इसलिए सरकार सीबीआई जांच से पीछे भाग रही है। झारखंड सरकार को हर हाल में सीबीआई जांच करानी ही होगी। अगर मुख्यमंत्री सीबीआई जांच की अनुशंसा नहीं करते हैं तो उन्हें अपना इस्तीफा तत्काल सौंप देनी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड के छात्र पिछले 15 दिनों से अधिक समय से सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वार्ता के नाम पर सरकार उन्हें टहला रही है। उनकी तबियत खराब हो रही है और सरकार तमाशबीन बनी हुई है। इसी मुद्दे पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, सभी विधायक, पदाधिकारी के साथ हम सब मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छात्रों की मांगों पर कार्रवाई की मांग करने जा रहे थे। लेकिन हम सब को आवास के बाहर ही रोक दिया गया और फिर खेलगांव स्थित कैंप जेल में डिटेन कर दिया गया।

श्री मरांडी ने कहा कि JPSC और JSSC की नौकरियों को झामुमो-कांग्रेस की सरकार ने खुलेआम बेचने का काम किया है। यह झारखंड के उन लाखों गरीब, दलित, आदिवासी, ग्रामीण और मेहनतकश युवाओं के साथ अन्याय किया है, जो वर्षों तक कड़ी मेहनत कर नौकरी पाने का सपना देखते हैं। झारखंड के छात्रों के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ भाजपा सड़क से लेकर सदन तक हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी और उन्हें न्याय दिलाकर ही रहेगी।

श्री मरांडी ने कहा कि चाहे जेपीएससी का मामला हो, चाहे JSSC सीजीएल का मामला हो, उत्पाद सिपाही की नियुक्ति हो, चाहे माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों की नियुक्ति हो या फिर 11वीं-14 वीं जेपीएससी का मामला हो, इन सभी की जांच अदालत की निगरानी में सीबीआई से होनी चाहिए। सभी में भारी गड़बड़ी हुई है। सरकार को इस पर संवेदना दिखानी चाहिए और पूरी जांच सीबीआई को सुपुर्द करनी चाहिए। ताकि दोषियों को सजा और छात्रों को न्याय मिल सके।

वहीं नेता प्रतिपक्ष ने झारखंड के छात्रों पर लाठीचार्ज की कार्रवाई को क्रूरता और बर्बरता पूर्ण बताते हुए कहा कि बरस रही हर लाठी झामुमो-कांग्रेस सरकार के ताबूत का आखिरी कील साबित होगी। जितनी क्रूरता और बर्बरता करनी है, सरकार कर ले, लेकिन युवाओं के हौसले के सामने हर दमन पस्त होगा। झामुमो-कांग्रेस सरकार याद रखे, झारखंड के छात्रों पर बरसाई गई हर लाठी का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की इस तानाशाही का करारा जवाब पार्टी देगी। झारखंड के छात्रों को न्याय दिलाने तक केवल रांची ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि आज पूरा राज्य जल रहा है। झारखंड के युवा, छात्र सड़क पर हैं। 7 सालों से जेपीएससी, जेएसएससी की सभी नौकरियां को बेच दिया गया है। छात्रों की मांग के संदर्भ में जब आदित्य साहू और बाबूलाल मरांडी के साथ भाजपा विधायक, मुख्यमंत्री से बात करना चाह रहे थे तो धरना के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी सत्र चल रहा है, विधायकों को सदन की कार्रवाई से दूर रखना अनुचित है।

वहीं विधानसभा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि भाजपा के वरीय नेताओं एवं विधायकों ने विधानसभा जाने के क्रम में छात्रों के मुद्दे पर सीएम से मिलकर वार्ता करना चाहा लेकिन संदेश भेजवाने के बाद भी अंदर से कोई सूचना नहीं दी गई। विरोध स्वरूप हम सभी भाजपा नेता धरना पर बैठ गए। कितनी हास्यास्पद और शर्मनाक है कि सदन चल रहा है और विपक्ष के सभी विधायक को गिरफ्तार कर डिटेन किया गया है, जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। युवाओं के हित की बात करने की अगर यही सजा है तो बीजेपी को यह मंजूर है।

भाजपा नेताओं का हुजूम हाथों में छात्र से जुड़े मुद्दे एवं राज्य सरकार के खिलाफ नारे से जुड़ी तख्तियाँ, बैनर और पार्टी के झंडे के साथ बाबूलाल मरांडी और मधु कोड़ा के आवास से मुख्यमंत्री आवास के लिए निकली। इस दौरान भाजपा नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री गद्दी छोड़ो, जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल परीक्षा रद्द करो, भर्ती परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराना होगा, छात्रों को न्याय देना होगा, हेमंत सोरेन हाय हाय, नौकरी चोर गद्दी छोड़, नौकरी के दुश्मन इस्तीफा दो, जागो सरकार होश में आओ भर्ती घोटाले पर जवाब दो, युवा छात्र विरोधी सरकार हाय हाय, नौजवानों का भविष्य बेचना बंद करो, जैसे नारे लगाए जा रहे थे।

मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, बालमुकुंद सहाय, भानु प्रताप शाही, गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी, मनोज सिंह, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, विधायक सीपी सिंह, मनोज यादव, राज सिन्हा, अमित कुमार यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, शशिभूषण मेहता, नागेंद्र महतो, रौशनलाल चौधरी, प्रदीप प्रसाद, कुमार उज्जवल, पूर्णिमा साहू, रागिनी सिंह, शत्रुघन महतो, मंजू कुमारी, प्रदेश मंत्री सरोज सिंह, सुनीता सिंह, अमित सिंह, मेयर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर नीरज कुमार,  प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रवक्ता अमित मंडल, दीनदयाल बर्णवाल, अजय शाह, अशोक बड़ाइक, रमाकांत महतो, केके गुप्ता, शोभा यादव, मृत्युजंय शर्मा, प्रकाश सिंह, अजय राय, तारिक इमरान, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव, राहुल अवस्थी, राहुल शाहदेव, रजनीश पांडेय, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, रांची पूर्वी ग्रामीण जिला अध्यक्ष धीरज महतो बिनय, रांची पश्चिम ग्रामीण जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, रमेश सिंह, शशांक कुमार, रामकुमार पाहन, सत्यनारायण सिंह, शकुंतला जायसवाल, सुनील साहू, अरुण झा, माया सिंह सिसोदिया, सीमा शर्मा, रणधीर चौधरी, ललित ओझा, संजय जायसवाल, मनोज चौधरी, सन्नी टोप्पो, अजय तिवारी, पंकज शाहदेव, नीरज सिंह शामिल रहे।

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