नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमन्त सोरेन को लिखा पत्र, पत्र में आईजी (प्रोविजन) पंकज कंबोज द्वारा खतियानी आदिवासी भूमि के अवैध कब्जे की चर्चा
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जे और इसमें पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों की संलिप्तता जैसे गंभीर विषय पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। शिकायत कर्ता अनुराग उराँव द्वारा प्राप्त पत्र के आधार पर उन्होंने आई.जी. (प्रोविजन) पंकज कंबोज पर खतियानी आदिवासी भूमि के अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए इस पर मुख्यमंत्री से संज्ञान लेने की मांग की है।
श्री मरांडी ने राज्य सरकार से पंकज कंबोज को उनके वर्तमान पद से तत्काल निलंबित करने, उनके द्वारा पद का दुरुपयोग कर खरीदी गई सभी संपत्तियों की किसी स्वतंत्र एजेंसी (CBI/ACB) से उच्च स्तरीय जाँच कराने, दोषियों को जेल भेजने की मांग की है। बाबूलाल मरांडी का पत्र इस प्रकार है…
माननीय मुख्यमंत्री जी,
विषय:- आई.जी. (प्रोविजन) श्री पंकज कंबोज द्वारा खतियानी आदिवासी भूमि के अवैध कब्जे एवं भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जाँच और सख्त कार्रवाई हेतु।
मैं, आपका ध्यान राज्य में लगातार बढ़ रहे आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जे और इसमें पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों की संलिप्तता जैसे गंभीर विषय की ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ। हाल ही में मुझे श्री अनुराग उराँव द्वारा एक शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें संलग्न म्यूटेशन दस्तावेजों के साथ यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा किस प्रकार आदिवासी समाज के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, मौजा-चामा, खाता संख्या-120, भाग-2, प्लॉट संख्या-1054, हल्का-3, अंचल-कांके, जिला-राँची स्थित खतियानी आदिवासी भूमि (जो मूल रूप से खेदुवा उराँव के नाम पर दर्ज है), को वर्तमान आई.जी. (प्रोविजन) श्री पंकज कंबोज (IPS) द्वारा अपने पिता श्री प्रेम कुमार कंबोज के नाम पर अवैध रूप से खरीदा और नामांतरित (म्यूटेशन) कराया गया है।
यह भी अत्यंत चिंताजनक है कि इस तरह के अवैध हस्तांतरण में काले धन का उपयोग किया गया है और हाल ही में गिरफ्तार किए गए कुख्यात भू-माफिया कमलेश कुमार के पीछे भी इन्हीं अधिकारी का संरक्षण होने की बात सामने आई है। एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले राज्य में सी.एन.टी. (CNT) एक्ट का खुलेआम उल्लंघन करते हुए, रक्षक का ही भक्षक बन जाना राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अतः आपसे प्रबल माँग है कि इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेते हुए श्री पंकज कंबोज को उनके वर्तमान पद से तत्काल निलंबित किया जाए। साथ ही, उनके द्वारा पद का दुरुपयोग कर खरीदी गई सभी संपत्तियों की किसी स्वतंत्र एजेंसी (CBI/ACB) से उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए, ताकि दोषियों को जेल भेजा जा सके और आदिवासी समाज को न्याय मिल सके।
संलग्नक:- यथोक्त।
सधन्यवाद,
आपका
बाबूलाल मरांडी
