CM हेमन्त को कटघरे में खड़ा करनेवाले भाजपाइयों अपने EX-CM रघुवर से तो यह पूछो कि जिस BJP MP ढुलू महतो के कुकर्मों को लेकर रूसी दूतावास ने उन्हें पत्र लिखा, आखिर रघुवर ने उनकी बात क्यों नहीं सुनी, भारत-रूस संबंधों को ठेंगा क्यों दिखाया, ढुलू पर एक्शन क्यों नहीं लिया?
भाजपा नेताओं को राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के खिलाफ अल-बल बोलने को कहिये तो खूब बोलेंगे। ऐसा बोलेंगे, जैसे लगता है कि हेमन्त सोरेन ने झारखण्ड को बर्बाद कर दिया है। लेकिन अपने भाजपा नेता, जिन्होंने अपने कारनामों से झारखण्ड के हृदय को छलनी कर दिया है। उसके बारे में एक शब्द नहीं बोलेंगे। ये भाजपा नेता इतने बेशर्म है कि इनको अपनी बेशर्मी नजर ही नहीं आती।
इन्हीं के नेता रघुवर दास जब राज्य के मुख्यमंत्री थे, तब एक रूसी कंपनी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था, जिसमें धनबाद के वर्तमान सांसद ढुलू महतो के कुकर्मों की चर्चा थी कि कैसे ढुलू महतो और उसके गुर्गे रूसी कंपनी को काम नहीं करने दे रहे, कमीशन मांग रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उस पत्र को ठंडे बस्ते में डाल दिया। रघुवर दास ने यह भी ढुलू महतो से नहीं पूछा कि वो ऐसा कुकर्म क्यों कर रहा है?
जबकि भारत और रूस के बीच घनिष्ठ संबंध रहे हैं। लेकिन ढुलू महतो के कुकर्मों के आगे भारत और रुस के बीच की घनिष्ठता भी हवा हो गई। रघुवर दास द्वारा रूसी कंपनी के बातों पर ध्यान नहीं दिये जाने के कारण अंततः कंपनी झारखण्ड छोड़कर चली गई और इसका प्रभाव यह पड़ा कि अन्य विदेशी कंपनियों ने भारत के इस छोटे राज्य झारखण्ड में पूंजी निवेश से ही तौबा कर ली। यह कहकर कि यहां के सरकार का चरित्र ही गजब है। ये अपने राज्य के विकास के लिए नहीं, बल्कि अपने पार्टी के अंदर रहनेवाले ढुलू जैसे दबंगों के लिए काम करते हैं।
ज्ञातव्य है कि कोलकाता स्थित रूसी संघ के महावाणिज्य दूतावास ने वर्ष 2016 में तत्कालीन झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिखकर धनबाद में संचालित बीसीसीएल की एक महत्वपूर्ण परियोजना में आ रही बाधाओं पर चिंता व्यक्त की थी। दूतावास ने अपने पत्र में रूसी कंपनी के विशेषज्ञों की सुरक्षा तथा परियोजना के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।
रूसी कंपनी द्वारा लिखित पत्र के अनुसार, वर्ष 2013 में रूस की कंपनी आईजेड-कार्टेक्स नामित पी.जी. कोरोबकोव लिमिटेड (सेंट पीटर्सबर्ग) ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के साथ धनबाद के ब्लॉक-2 एवं कतरास क्षेत्र में चार ईकेजी-10 शॉवेल मशीनों की आपूर्ति और 17 वर्षों तक उनके रखरखाव का अनुबंध किया था। दूतावास ने इस समझौते को भारत और रूस की कंपनियों के बीच सहयोग संबंधों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
रूसी कंपनी के पत्र में उल्लेख किया गया कि मशीनों के रखरखाव और मरम्मत के लिए रूसी विशेषज्ञों की एक टीम को धनबाद में तैनात किया गया था तथा कंपनी ने अपने खर्च पर लगभग 300 टन स्पेयर पार्ट्स भी वहां उपलब्ध कराए थे। हालांकि, रूसी महावाणिज्य दूतावास को भेजी गई कंपनी की शिकायत के हवाले से कहा गया कि दिसंबर 2014 से अनुबंध के तहत कार्य शुरू होने के बाद से परियोजना संचालन में विभिन्न प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ा।
पत्र में आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानीय लोग, जो स्वयं को ट्रेड यूनियन सदस्य बताते थे, तथा उस समय के भाजपा नेता ढुलू महतो के नेतृत्व में रूसी विशेषज्ञों को परियोजना स्थलों में प्रवेश करने से रोका गया, उनके वाहनों को गेट पर रोक दिया गया तथा भारतीय उप-ठेकेदार कंपनी के कर्मचारियों को धमकियां दी गईं। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया था कि कंपनी से प्रतिमाह एक निश्चित राशि के भुगतान और कुछ लोगों को रोजगार देने की मांग की गई थी। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पत्र में दर्ज नहीं थी।
रूसी दूतावास ने कहा था कि उपकरणों का नियमित रखरखाव नहीं हो पाने के कारण मशीनों के संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उसकी प्रतिष्ठा भी प्रभावित हो रही है। दूतावास ने अपने पत्र में यह भी कहा था कि ऐसी परिस्थितियां भारत और रूस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग की भावना के अनुरूप नहीं हैं।
पत्र में मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मामले में हस्तक्षेप करने तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया था, ताकि रूसी कंपनी अपने संविदात्मक दायित्वों का निर्वहन सामान्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मानकों के अनुरूप कर सके। उल्लेखनीय है कि यह पत्र कोलकाता स्थित रूसी संघ के महावाणिज्य दूतावास की तत्कालीन महावाणिज्य दूत इरीना के. बश्किरोवा द्वारा 27 जनवरी 2016 को जारी किया गया था।
कोलकाता स्थित रूसी संघ के महावाणिज्य दूतावास का पत्र इस प्रकार था…
रूसी संघ के महावाणिज्य दूतावास, कोलकाता
22A, राजा संतोष रोड, कोलकाता – 700027
दूरभाष : 2479-7006, फैक्स : 2479-8889
ई-मेल : rus.consul.kolkata@gmail.com
दिनांक : 27 जनवरी, 2016
पत्र संख्या : 36
सेवा में,
माननीय श्री रघुवर दास
मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार
प्रथम तल, प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा,
रांची – 834004, झारखंड।
मान्यवर,
जैसा कि आपको ज्ञात होगा कि वर्ष 2013 में रूसी कंपनी “आईज़ेड-कार्टेक्स नामित पी.जी. कोरोबकोव लिमिटेड” (सेंट पीटर्सबर्ग) ने “भारत कोकिंग कोल लिमिटेड”, जो कि “कोल इंडिया लिमिटेड” की सहायक कंपनी है, के साथ धनबाद के दो स्थलों (ब्लॉक-II एवं कतरास कोलफील्ड) में चार ईकेजी-10 शॉवेल मशीनों की आपूर्ति एवं रखरखाव हेतु एक समझौता किया था। यह अनुबंध 14 वर्ष पूर्व बाधित हो चुके रूसी एवं भारतीय कंपनियों के साझेदारी संबंधों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ है।
इस अनुबंध की प्रमुख शर्तों में से एक यह है कि “आईज़ेड-कार्टेक्स” वर्ष 2014 में मशीनों के चालू होने के बाद आगामी 17 वर्षों तक उनके रखरखाव का कार्य करेगी। यह कार्य उक्त रूसी कंपनी के विशेषज्ञों की टीम द्वारा, जिन्हें कार्यस्थल पर प्रतिनियुक्त किया गया है, तथा उसके भारतीय उप-ठेकेदार “डीडीपी-एन-कंपनी” (धनबाद) के कर्मचारियों के साथ मिलकर किया जाना है। इसी उद्देश्य से रूसी कंपनी ने अपने खर्च पर आवश्यक स्पेयर पार्ट्स (लगभग 300 टन) का निर्माण कर उन्हें धनबाद भेजा, जो वर्तमान में वहां वर्ष 2015 में स्थापित एक विशेष गोदाम में सुरक्षित रखे गए हैं।

18 जनवरी 2016 को “आईज़ेड-कार्टेक्स” के महानिदेशक श्री ए.सी. …….. ने कोलकाता स्थित रूसी संघ के महावाणिज्य दूतावास को उन समस्याओं की जानकारी दी, जिनका सामना कंपनी को दिसंबर 2014 में उपकरणों के रखरखाव संबंधी अनुबंध के तहत कार्य प्रारंभ करने के बाद से करना पड़ रहा है। बाघमारा क्षेत्र के कुछ स्थानीय लोग, जो स्वयं को ट्रेड यूनियन सदस्य बताते हैं, तथा भाजपा सदस्य श्री ढुलू महतो के नेतृत्व में बार-बार हड़तालें आयोजित की गईं, रूसी विशेषज्ञों को ब्लॉक-II एवं कतरास क्षेत्रों में रखरखाव एवं मरम्मत कार्य के लिए प्रवेश करने से रोका गया, उनके वाहनों को परियोजना स्थलों के प्रवेश द्वारों पर रोक दिया गया, विशेषज्ञों को उनके कार्यालयों में प्रवेश नहीं करने दिया गया तथा कंपनी के भारतीय उप-ठेकेदार के कर्मचारियों को धमकियां दी गईं। साथ ही श्री ढुलू महतो के पक्ष में प्रतिमाह एक निश्चित राशि के भुगतान तथा उनके 40 लोगों को रोजगार देने की मांग भी रखी गई।

कंपनी ने इस स्थिति की जानकारी अपने ग्राहक “भारत कोकिंग कोल लिमिटेड” को भी दी (पत्रों की प्रतियां संलग्न हैं), जिसने रूसी विशेषज्ञों की सुरक्षा के लिए अल्पकालिक व्यवस्था की, किंतु इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। उपकरणों के उचित दैनिक रखरखाव के अभाव में मशीनों के अनिवार्य रूप से बंद रहने की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे रूसी कंपनी को वित्तीय हानि हो रही है तथा उसकी प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंच रहा है।
रूसी संघ का महावाणिज्य दूतावास यह विशेष रूप से रेखांकित करना चाहता है कि रूसी विशेषज्ञों की सुरक्षा को लेकर चिंतित होने के अतिरिक्त, वह यह भी मानता है कि उपर्युक्त जैसी परिस्थितियां रूस और भारत के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी और मित्रता की भावना के विपरीत हैं तथा दोनों देशों के नेताओं द्वारा 23-24 दिसंबर 2015 को मॉस्को में आयोजित रूस-भारत शिखर सम्मेलन में जिन पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई थी, उनके विकास में भी सहायक नहीं हैं।
मान्यवर, मैं आपसे विनम्र अनुरोध करता/करती हूं कि आप व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर ध्यान दें तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश प्रदान करें, ताकि रूसी कंपनी को सामान्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक प्रथाओं के अंतर्गत अपनी संविदात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने हेतु अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध हो सकें।
संलग्नक : उपर्युक्तानुसार, कुल 7 पृष्ठ।
सादर,
इरीना के. बश्किरोवा
महावाणिज्य दूत
रूसी संघ का महावाणिज्य दूतावास, कोलकाता
प्रतिलिपि :
महाप्रबंधक, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, कोयला भवन, कोयला नगर, पोस्ट-बीसीसीएल टाउनशिप, धनबाद – 826005।
महानिदेशक, आईज़ेड-कार्टेक्स।
