राजनीति

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के ट्रेनिंग मैटेरियल के प्रत्येक बिन्दुओं को गंभीरता से लें पदाधिकारीः के. रवि कुमार

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में किसी प्रकार की खानापूर्ति नहीं करें, एसआईआर के कार्यों को पदाधिकारी गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से छुटे नहीं इसे लक्ष्य बनाकर कार्य करना है। के. रवि कुमार मंगलवार को संथाल परगना प्रमंडल के दुमका, देवघर एवं जामताड़ा जिले के पदाधिकारियों के साथ एसआईआर हेतु समीक्षा बैठक कर रहे थे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पदाधिकारी संविधान के अनुच्छेद 326 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 को पूरी तरह से आत्मसात कर लें। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार एक संवैधानिक और वैधानिक अधिकार है, जिसके कारण किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से नहीं हटाया जा सकता।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सामान्यतः मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए वार्षिक रूप से एकल-चरण वाली ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’ (SSR) प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन इस बार झारखंड में 23 वर्षों के बाद ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ आयोजित किया गया  है। देश का यह 10वां विशेष गहन पुनरीक्षण दो-चरण वाली प्रक्रिया है, जिसमें पहले चरण में बिना किसी दस्तावेज़ के सिर्फ इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर के आधार पर मौजूदा मतदाताओं को प्रारूप सूची में शामिल किया जाएगा।

दूसरे चरण में, भारत के नागरिकों से मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने के लिए दावे और आपत्तियां भी आमंत्रित की जाती हैं। संबंधित व्यक्ति के अपात्रता के आधार पर, प्रारूप मतदाता सूची में किसी मतदाता के नाम को बाहर करने के लिए प्रपत्र-7 में आपत्ति भी आमंत्रित की जाती है।

के. रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर में डाक्यूमेंट में मूल रूप से डेट ऑफ बर्थ एवं प्लेस ऑफ बर्थ को चेक किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावे डिक्लेरेशन फॉर्म में पहले केवल सेल्फ डिक्लेरेशन किया जाता था कि “मैं भारत का नागरिक हूँ, मैं अमुक स्थान पर निवास करता हूं” वहीं अब इसे डिक्लेरेशन के बाद इसे सत्यापित करने हेतु वैलिड डॉक्यूमेंट लिए जाने है।

उन्होंने कहा कि विगत विशेष गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची के  दस्तावेज को मतदाताओं के प्लेस ऑफ बर्थ के लिए वैलिड डॉक्यूमेंट के रूप में माना गया है। वैसे मतदाता जिनकी मैपिंग विगत के मतदाता सूची से हो गई उन्हें सामान्यतः एसआईआर में अन्य किसी प्रकार के दस्तावेज नहीं देने होंगे।

के. रवि कुमार ने कहा कि पदाधिकारी, एसआईआर के लिए दिए गए ट्रेनिंग मैटेरियल के प्रत्येक बिंदुओं का गहन अध्ययन करें एवं बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाईजर को ट्रेनिंग देते समय उनके सभी शंकाओं का भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बताये गये दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए उनका समाधान करें।

इस अवसर पर संथाल परगना के आयुक्त संजय कुमार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी देवघर सौरभ कुमार भुवानिया, जिला निर्वाचन पदाधिकारी दुमका अविजित सिन्हा, जिला निर्वाचन पदाधिकारी जामताड़ा आलोक कुमार, अपर जिला निर्वाचन पदाधिकारी देवघर सुलोचना मीणा, तीनों जिलों के सभी विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ एवं एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी सहित निर्वाचन के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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