राजनीति

रांची के बीएनआर होटल में पर्यावरण संरक्षण को लेकर हुए सेमिनार में मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा, विकास और पर्यावरण संरक्षण के मध्य संतुलन स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता

पर्यावरण संरक्षण को केन्द्र में रखकर रांची के बंगाल-नागपुर रेलवे होटल में आज एक सेमिनार का आयोजन हुआ। जिसमें प्रमुख रूप से केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, जल पुरुष के नाम से प्रसिद्ध राजेन्द्र सिंह, रामकृष्ण मिशन से जुड़े स्वामी भवेशानन्द समेत अन्य गणमान्य लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

इस कार्यक्रम का विषय था – “Environmental Challenges & Insights in Jharkhand”। जिसमें सेमिनार में उपस्थित बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों, नीति विशेषज्ञों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों को केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश दुबे ने प्रमुखता से संबोधित किया। मंत्री का कहना था कि जल, जंगल, जमीन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषय आज केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि मानवता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर दायित्व हैं। विकास और पर्यावरण संरक्षण के मध्य संतुलन स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार “सस्टेनेबल डेवलपमेंट” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। कोयला मंत्रालय भी पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खनन क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण, भूमि पुनर्वास, जल संरक्षण, mine reclamation, clean coal technologies एवं sustainable mining practices को बढ़ावा दे रही है।

उनका कहना था कि कोल गैसीफिकेशन, First Mile Connectivity, पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था तथा हरित ऊर्जा के उपयोग जैसे अनेक कदम देश को ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में भी सशक्त बना रहे हैं। झारखंड जैसे प्राकृतिक संपदा से समृद्ध राज्य में विकास की यात्रा तभी सार्थक होगी जब पर्यावरण, स्थानीय समुदायों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए। मंत्री ने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु सार्थक संवाद और नीति निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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