मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को दिये निर्देश, अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय भूमिका में रहे, अपराध नियंत्रण में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज अधिकारियों के साथ राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था के सुदृढ़ संधारण को लेकर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय भूमिका में रहे। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार से कोई कोताही न बरती जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राज्य के भीतर कानून व्यवस्था की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने तथा आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को चिन्हित कर उन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाय।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में लापता बच्चों और महिलाओं से संबंधित मामलों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि लापता बच्चों एवं महिलाओं के जितने भी मामले हैं उन पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आम जनों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि नशीले पदार्थों के आदान-प्रदान के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नशीले पदार्थ के कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ मुहिम चला कर उनके सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) पर अविलंब रोक लगाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन जगहों को अवश्य चिन्हित करें जहां पर नशीले पदार्थ की खरीद-बिक्री होती है। जो अपराधी नशीले पदार्थ के कारोबार से जुड़े हैं उन पर शख्स कानूनी-कार्रवाई सुनिश्चित करें। स्कूल, कॉलेज एवं वैसे विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों वाले संस्थान जहां पर अधिक संख्या में युवा वर्ग की भीड़ होती है वैसे जगहों पर नशीले पदार्थ सप्लायरों पर पैनी नजर रखी जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर अफीम की खेती को हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्होंने खूंटी, चतरा एवं रांची जिले में विशेष तत्परता बरतें जाने का निदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अफीम की खेती के खिलाफ निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए आम लोगों को भी जागरूक किया जाए ।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निर्देश दिया कि जिलों में पदस्थापित एसपी, डीएसपी एवं प्रभारी अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर आम जनता के साथ निरंतर संवाद करते रहें तथा उनकी समस्याओं को सुनते हुए उन समस्याओं का त्वरित गति से निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र का भी आवश्यक दौरा करें और वहां आम जनता के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान निकालें। ग्रामीण क्षेत्र का औचक निरीक्षण होने से पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास और ज्यादा बढ़ेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर संगठित अपराध के मामले में सख्ती से निपटा जाना चाहिए। राज्य सरकार संगठित अपराध को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को पूरी सुविधा और व्यवस्था प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्र से सटे इलाकों के प्रभारी अधिकारियों को भूमि संबंधित विवादों से निपटने समय अत्यंत सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस अधिकारी की ओर से किसी भी कीमत पर भू-माफिया को कोई संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में अक्सर शहरों से सटे क्षेत्रों में भूमि संबंधित अपराधों की खबरें देखने और सुनने को मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद संबंधित मामलों पर पुलिस प्रशासन कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटनाओं को सरकार पूरी गंभीरता से लेगी। अतः हरेक स्तर पर संवेदनशील होने की जरूरत है। इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी तथा सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
