हमर अधिकार मंच ने जगन्नाथपुर मंदिर में बिरसा मुंडा हत्या मामले में हुए मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर केन्द्रीय मानवाधिकार आयोग में दर्ज कराई शिकायत
हमर अधिकार मंच ने जगन्नाथपुर मंदिर में हुए स्वर्गीय बिरसा मुंडा की हत्या और महीनों से वेतन भुगतान नहीं होने तथा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन भुगतान, इत्यादि मानव अधिकार उल्लंघन के मामले में केंद्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली में कंप्लेन केस फाइल किया है। मंच द्वारा मृतक स्वर्गीय बिरसा मुंडा के परिजनों के लिए न्याय की मांग करते हुए मुआवजा, बकाया वेतन भुगतान, आश्रित परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा पर नौकरी, इत्यादि की भी मांग की गई हैं।
ज्ञातव्य है कि 24 अप्रैल 2026 को रांची के धुर्वा स्थित अति प्रतिष्ठित जगन्नाथपुर मंदिर में कार्यरत सुरक्षा गार्ड स्वर्गीय बिरसा मुंडा की अपराधियों ने हत्या कर दी थी। बिरसा मुंडा की हत्या के बाद पता चला कि उन्हें कई महीनों से मासिक वेतन नहीं मिला था। यहीं नहीं उनका मासिक वेतन भी इतना कम था कि उनके घर का गुजारा होना भी मुश्किल था।
इसी बीच महीनों से वेतन भुगतान नहीं किए जाने तथा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन का भुगतान करने के संबंध में हमर अधिकार मंच के सचिव चंद्रदेव कुमार वर्णवाल, चंदू ने केंद्रीय मानव अधिकार आयोग में इस मामले को भेजा है और स्वर्गीय बिरसा मुंडा के परिजनों हेतु तत्काल मुआवजा भुगतान, लंबित वेतन भुगतान, परिवार के एक आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी, इत्यादि की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला ने बताया कि वर्तमान समय में किसी भी व्यक्ति को उसके मानव अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है और यदि लोक प्राधिकार किसी भी व्यक्ति के मानव अधिकारों का उल्लंघन करता है तो उसके लिए भारत में संवैधानिक और विधिक उपचार मौजूद हैं, जिसके तहत इस अति संवेदनशील मामले में मंच ने पहल करते हुए केंद्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली के समक्ष इस मामले को दर्ज कराया है। इस मामले में हमर अधिकार मंच केंद्रीय मानव अधिकार आयोग से मांग करता है कि मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत इस मामले की जांच करते हुए स्वर्गीय बिरसा मुंडा के परिजनों को तत्काल न्याय और मुआवजा का भुगतान कराया जाय।
