अपनी बात

शर्मनाक, अब रांची प्रेस क्लब में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं, महिला के साथ हुई गंदी हरकत करनेवाले को पुलिस को सौंपने की मांग, एक ने हथियार लेकर प्रेस क्लब में आनेवाले सदस्यों पर भी की कार्रवाई की मांग

लीजिये, अब रांची प्रेस क्लब में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। ये महिलाएं कोई सामान्य महिलाएं नहीं हैं, बल्कि पत्रकार हैं, इन महिलाओं पर समाज में हो रही विभिन्न घटनाओं को जनता के समक्ष रखने की जिम्मेदारियां हैं। लेकिन जब महिला पत्रकार भी अपने पुरुष पत्रकारों के बीच असुरक्षित हो जाये, तो समझ लीजिये, अपना समाज कितना नीचे गिर चुका है और भारत का भविष्य किस ओर हम ले जा रहे हैं?

बताया जा रहा है कि एक पत्रकार ने क्लब फॉर इनफारमेशन में सूचना दी कि कल क्लब में उसके टीवी के सहयोगी के साथ जो घटना हुई, वह प्रेस क्लब की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। उसकी कमेटी से विनम्र आग्रह है कि मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाये, इसकी लिखित शिकायत भी उसने क्लब में दर्ज करा दी है।

जैसे ही उक्त पत्रकार ने यह सूचना क्लब फॉर इनफारमेशन में दी। उक्त पत्रकार से पिंटू दूबे ने पूछा कि क्या हुआ है, यह भी बता दो। एक पत्रकार जयशंकर ने उत्सुकतापूर्वक पूछा कि क्या हुआ? एक अन्य ने सभी की उत्सुकता पर ही यह कहकर विराम लगा दी कि मिली जानकारी के अनुसार महिला पत्रकार जो रांची प्रेस क्लब में ठहरी हुई थी। उसके कमरे को रात के दो बजे बार-बार खटखटाया जा रहा था, क्या मनसा था पता नहीं, लेकिन ये बहुत गलत बात है, क्लब की गरिमा धूमिल हो रही है।

एक युवा पत्रकार संजय रंजन ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बहुत ही शर्मनाक बात है, सीसीटीवी निकालकर कमेटी के लोग उसे चिह्नित करें, ऐसे बेहुदे को पुलिस के हवाले कराये जाये। प्रेस क्लब की गरिमा से ज्यादा एक महिला की सुरक्षा का मामला है। कार्रवाई नहीं होने पर दूसरों का भी मन बढ़ेगा। उन्हें उम्मीद है कि कमेटी कठोर कार्रवाई करेगी।

लोकेश कुमार का कहना था कि सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि सभी सदस्यों को पता चल सकें कि वो बेहुदा आदमी कौन है? परवेज कुरैशी का कहना था कि कमेटी को गंभीरता से आपस में बैठकर संज्ञान लेना चाहिए, ताकि भविष्य में दुबारा किसी के साथ न हो। मुकेश कुमार सिन्हा ने लिखा कि सीसीटीवी फुटेज है और महज 1100 सदस्य ढूंढना मुश्किल नहीं होगा। दयानन्द कुमार ने लिखा कि जो गलत है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।

अभिषेक सिन्हा ने क्लब फॉर इनफारमेशन में सूचना दी कि मामले से संबंधित शिकायत मिली है। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए एकोमोडेशन कमेटी के साथियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। एकोमोडेशन कमेटी ने आज ही शाम अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कल यानी आज शनिवार दोपहर 12 बजे से कमेटी की आपात बैठक रखी गई है। जिन पर आरोप है, वह वरिष्ठ पत्रकार और क्लब के ही सम्मानित सदस्य के परिवार से हैं। अक्षय तिवारी ने इसे नीच हरकत बताया है।

जबकि प्रशान्त ने लिखा कि क्या क्लब के कमेटी इस व्यक्ति का नाम सार्वजनिक करने के बारे में विचार कर रही है। हां या ना और अगर ना तो आखिरकार क्यों? क्लब में आए दिन कुछ न कुछ हो रहा है, कुछ सदस्य जिनका लाइसेन्स आग्नेयास्त्र है, वो आए दिन क्लब में अपने साथ लेकर आते हैं। जबकि क्लब में किसी भी प्रकार का लाइसेंसी हथियार का प्रवेश निषेध है, इस पर क्यों नहीं लगाम कसा जा रहा है? आकाश सिंह ने लिखा है कि जिसके रेफरेंस में बुकिंग हुई है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिये और नाम भी सार्वजनिक होनी चाहिए, जरुरी है, सबक होगा। इसी बीच सुशील कुमार सिंह मंटू का कहना था कि कुकृत्य दोहराया न जाए, ये तो सुनिश्चित करना ही होगा। लेकिन सजा के बिंदु तय करने का अधिकार मैनेजिंग कमेटी के पास है। आज दोपहर 12 बजे तक इंतजार किया जाये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *