संसाधनों का उपयोग केवल आर्थिक लाभ तक सीमित न रहे, बल्कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेः राज्यपाल
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज प्रभात तारा मैदान, धुर्वा, रांची में आयोजित “द्वितीय संस्करण झारखंड माइनिंग एवं कंस्ट्रक्शन शो–2026” के उद्घाटन अवसर पर कहा कि झारखंड प्राकृतिक एवं खनिज संसाधनों से अत्यन्त समृद्ध राज्य है और देश के खनन क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि देश के कुल खनिज संसाधनों का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा झारखंड में पाया जाता है, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं।
राज्यपाल ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की यह पावन धरती सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ-साथ राष्ट्र को विभिन्न क्षेत्रों में नई दिशा प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत’ के संकल्प के साथ ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, जिसमें झारखंड की भी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि संसाधनों का उपयोग केवल आर्थिक लाभ तक सीमित न रहे, बल्कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड माइनिंग एवं कंस्ट्रक्शन शो–2026 केवल खनन गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तरदायी एवं तकनीक आधारित खनन, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, श्रम-कल्याण, अधोसंरचना विकास, निवेश संवर्धन तथा रोजगार सृजन जैसे समकालीन विषयों को भी समाहित करता है।
उन्होंने विकास और पर्यावरण, उद्योग और श्रमिक हित तथा आर्थिक प्रगति और सामाजिक संतुलन के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र का भविष्य सतत विकास, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित होना चाहिए। श्रमिकों की सुरक्षा, उनके कल्याण, कौशल विकास और सम्मानजनक जीवन-स्तर सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही, कंपनियों को कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत जन-कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए।
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस माइनिंग शो के माध्यम से उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं, निवेशकों तथा श्रमिक संगठनों के बीच सार्थक संवाद स्थापित होगा तथा यहाँ से निकलने वाले निष्कर्ष झारखंड सहित देश के खनन एवं औद्योगिक क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करेंगे। उक्त अवसर पर राज्यपाल ने वहाँ लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया।
