सुप्रियो का आरोप राज्य के बड़े-बड़े माफियाओं का भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं से संबंध, लगाते हैं होर्डिंग, एलबी के यहां ईडी की छापेमारी में मिली डायरी में ‘BLM’ लिखा मिला, इसलिए एलबी सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज झामुमो प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले पन्द्रह दिनों से नेता प्रतिपक्ष बड़ा व्याकुल है। बालू और कोयला चोरी पर लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। कल उन्होंने फेसटाइम पर भी कुछ कहा कि ये लोग संगठित होकर चल रहे हैं। तब हमें लगा कि जो फेस टू फेस गिरोह चला रहा है। उस पर अपना पक्ष रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी ने देखा भी है कि 20 से 22 नवम्बर तक ईडी का धनबाद व बंगाल में रेड भी हुआ है। जिसमें धनबाद में एक एलबी सिंह के यहां और दूसरा किसी और के यहां रेड हुआ है। एलबी सिंह के साथ तो बाबूलाल मरांडी हमेशा फेस टू फेस देखे गये हैं। ये किसी से छुपा भी नहीं हैं। ये वहीं एलबी सिंह हैं जो लोकसभा का चुनाव भी लड़ना चाहते थे। बाद में विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बनाया। ये भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में भी जाने जाते हैं। बाबूलाल मरांडी से इनका नजदीकी रिश्ता भी रहा है। बाबूलाल का कई बार एलबी सिंह के घर आना जाना भी रहा है। उसके कई दस्तावेज भी हमारे पास मौजूद हैं। इनके फोटो भी हैं।
सुप्रियो ने कहा कि धनबाद के भाजपा सांसद ढुलू महतो, जब वे बाघमारा से जेवीएम के विधायक थे, तो यही भाजपा के लोगों ने उनके क्रियाकलापों को देखते हुए सदन तक रुकवा दिया था। अब तो सांसद है और सांसद होने के नाते तो उनके पास निरसा, धनबाद और झरिया भी है। उक्त ढुलु महतो के साथ फेस टू फेस, फेस टाइम नहीं, फेस टू फेस बाबूलाल मरांडी का अंतरंग संबंध है और ये सारी चीजें पब्लिक डोमेन में हैं। कोई इससे मुकर नहीं सकता।
सुप्रियो ने कहा कि जब मुख्यमंत्री के यहां ईडी की टीम आई थी। तब पूरे घर को सीआरपीएफ ने घेर लिया था। ईडी की टीम आई सीधे सीएम आवास में घुस गई। सीएम से पूछताछ की और फिर राजभवन से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन एलबी सिंह के यहां ईडी गई तो ईडी की टीम को दो घंटे तक दरवाजे पर ही रोक कर रखा गया। उनके जो पालतू कुत्ते थे। उनसे हमला करवाया गया। ये मेरा बयान नहीं। बल्कि ईडी का बयान है। उसके बाद भी एलबी सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई।
सुप्रियो ने कहा कि वो इसलिए गिरफ्तारी नहीं हुई, क्योंकि वहां से एक डायरी मिली। जिस डायरी में बीएलएम लिखा हुआ था और उसके ठीक सामने एक बड़ी राशि लिखी हुई थी जो हर महीने की थी। इस पर तो ईडी का खुलासा होना ही चाहिए। आखिर दो घंटे तक पूरे कार्यालय परिसर में जो इलेक्ट्रॉनिक गजट थे, जो दस्तावेज थे। क्या उसे डिलीट नहीं किया गया? आश्चर्य है कि छोटे से छोटे लोगों पर ईडी गजब ढाती है। उन्हें समन भेजा जाता है। उन्हें कार्यालय बुलाया जाता है। देर रात बैठाकर रखा जाता है और अचानक कहा जाता है कि आपको गिरफ्तार किया जाता है। लेकिन एलबी सिंह के मामले में क्या हुआ? क्या बाबूलाल मरांडी को यह स्पष्ट नहीं करना चाहिए कि उनके साथ एलबी सिंह के व्यक्तिगत संबंध होने के कारण ही एलबी सिंह को गिरफ्तार तक नहीं किया गया।
सुप्रियो ने कहा कि जिसने ईडी के काम में बाधा पहुंचाई। कुत्ते छोड़े। दरवाजे पर दो घंटे तक रोके रखा, दस गाड़ी सफेद रंग का इनोवा के साथ आई ईडी की टीम को बाहर रहने पर मजबूर किया। जिसके सारे विजुअल मौजूद हैं। बाबूलाल मरांडी इस पर कुछ क्यों नहीं कहते। उन्हें पुलिस पदाधिकारी का नाम याद है, अरे ऐसा हैं तो सबूत दें। फेस टाइम याद है, जैसे लगता है कि बाबूलाल रॉ ज्वाइऩ कर चुके हैं। लेकिन उनका फेस टू फेस, आमने-सामने, संपर्क के जो फोटो हैं, जो सर्वत्र उपलब्ध है। ईडी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं करती? ईडी को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। एक हफ्ते से उपर हो गया।
सुप्रियो ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया सूत्रों के साथ खबर चलाती है। आखिर ईडी के सूत्र इस पूरे प्रकरण को क्यों भूला दिया? क्या भूमिका रही भाजपा और बाबूलाल मरांडी की इस मुद्दे पर? इस पर तो जांच होना ही चाहिए। नेता प्रतिपक्ष अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। वे चाहेंगे कि जितने भी सरकारी कर्मचारी हैं, वे अपने तनख्वाह में से एक राशि का फंड बनाकर बाबूलाल को सौंप दें। बाबूलाल जिस चेले को अंगूली पकड़कर चलाया था, आज वो गुरु बन गया है। आज वो सांसद बनकर पूरा कारोबार चला रहा है। इसी का मलाल है, बाबूलाल को।
सुप्रियो ने कहा कि ईडी को भी अब तय करना होगा कि चेहरा देखकर काम होगा या निष्पक्षता या पारदर्शिता भी उसके काम में दिखेंगी। राज्य में जो भी माफियागिरी चल रही हैं, उसके तार/कनेक्शन बिरसा मुंडा राजपथ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय से जुड़े हैं। चाहे जमीन माफिया हो या खनिज माफिया हो या जैव सम्पदा सारे के सारे माफिया वहां से जुड़े हैं। बकायदें उन सबकी वहां होर्डिंग लगती है। इन सबकी होर्डिंग भाजपा के प्रदेश नेताओं के साथ साथ राष्ट्रीय नेताओं के साथ भी लगती है। देखा तो यह भी गया है कि एलबी सिंह का जो अखबारों में विज्ञापन आता हैं या उसकी होर्डिंग लगती है, उसमें पीएम, होम मिनिस्टर और नेता प्रतिपक्ष का भी फोटो होता है। ऐसे में बाबूलाल मरांडी को अपने फेस टू फेस प्रकरण पर जनता को समझाना चाहिए कि आपके ऐसे लोगों के साथ क्या संबंध हैं?
