प्रदीप यादव ने DMFT, सरयू ने AI, अमित यादव ने JTET नियमावली में संशोधन, प्रकाश राम ने मैक्लुस्कीगंज में चल रहे अवैध क्रेसर और ईंट भट्ठों का मामला सदन में उठाया
आज झारखण्ड विधानसभा का प्रश्नकाल छः मिनट विलम्ब से प्रारंभ हुआ। आसन पर विराजमान होते ही विधानसभाध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने अल्पसूचित प्रश्न के दौरान प्रदीप यादव का नाम पुकारा। प्रदीप यादव का प्रश्न खान एवं भूतत्व विभाग से संबंधित था। प्रदीप यादव ने पूछा कि क्या यह सही है कि भारत सरकार ने नए दिशा-निर्देशों के अनुसार खनन क्षेत्र के 30 किलोमीटर परिधि में ही डीएमएफटी फंड से विकास का काम होना तय किया है।
सरकार का उत्तर अस्वीकारात्मक था। सरकार का कहना था कि झारखण्ड डिस्ट्रिक्ट मिनरल फांउडेशन ट्रस्ट रूल्स 2024 के नियम 5(ए) के तहत खनन पट्टा क्षेत्र से प्रभावित क्षेत्र (15 किलोमीटर) एवं नियम 5(बी) के तहत अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र (25 किलोमीटर) में प्राप्त डीएमएफटी फंड का पीएमकेकेकेवाई गाइडलाइन्स 2024 के तहत उपयोग नियमानुसार किया जाता है।
प्रदीप यादव का दूसरा सवाल था कि इसके कारण डीएमएफटी फंड जिले के कुछ भागों में ही सिमट कर रह जाता है और अप्रत्यक्ष रुप से जिले का प्रभावित क्षेत्र विकास से वंचित रह जाता है, जिसके कारण क्षेत्र में असंतुलित विकास नजर आता है। इस सवाल के उत्तर में भी सरकार ने प्रदीप यादव का उत्तर अस्वीकारात्मक दिया। सरकार का कहना था कि झारखण्ड डिस्ट्रिक्ट मिनरल फांउडेशन ट्रस्ट रूल्स 2024 के नियम 6(3) एवं ग्राम सभा/अर्बन लोकल बॉडी के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ मिलकर वहां के प्रभावित जनता को ध्यान में रखकर काम किया जाना है। जिले से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार डीएमएफटी फंड का झारखण्ड डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट रूल्स 2024 एवं पीएमकेकेकेवाई गाइडलाइन्स के तहत उपयोग नियमानुसार किया जाता है।
हालांकि प्रदीप यादव द्वारा उठाये जा रहे सवालों का नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और राजद विधायक सुरेश पासवान ने भी समर्थन किया। मंत्री ने सब की बात सुनकर यह कहा कि सभी विषयों को ध्यान में रखकर विभाग केन्द्र के समक्ष अपना पक्ष रखेगा। जो डीएमएफटी पंड का दुरुपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ जांच भी चल रही है। जांचोपरांत जो दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
जेटेट नियमावली में संशोधन की मांग
भाजपा विधायक अमित यादव ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या यह बात सही है कि जेटीइटी की परीक्षा में गणित विषय से स्नातक प्रतिष्ठा कला संकाय एवं बीएड के विद्यार्थियों को शामिल होने का अवसर नहीं मिल रहा है, यदि सरकार का उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार लोकहित में जेटीइटी नियमावली में संशोधन करते हुए कला संकाय गणित (प्रतिष्ठा) एवं बीएड उत्तीर्ण विषय की मान्यता प्रदान कर परीक्षा में शामिल करने का प्रावधान लागू करना चाहती है। सरकार का उत्तर था कि विसंगति हुई है। आनेवाले समय में संशोधन हो जायेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मुद्दा सरयू ने सदन में उठाया
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मुद्दा आज सदन में उठाया। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग देश के सार्वजनिक सेवाओं को अधिक कुशल, पारदर्शी, दक्ष, एवं नागरिक केन्द्रित बनाने में किया जा रहा है, परन्तु झारखण्ड में इस बारे में कोई नीति और कार्यक्रम देखने को नहीं मिल रही।
उन्होंने सवाल दागा कि क्या यह माना जाये कि झारखण्ड सरकार पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि एवं ग्रामीण विकास विभागों को सक्षम बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग नहीं करना चाहती, क्योंकि देखने में आ रहा है कि सरकार ने इस पर कुछ नहीं किया और न इस पर कुछ करने का विचार कर रही है। मंत्री ने सरयू राय के इस दावे को नकारा और कहा कि सरकार का इस ओर ध्यान है। सरकार इस पर बहुत कुछ कर रही है। दो-तीन माह में इस पर बहुत कुछ देखने को मिलेगा।
मैक्लुस्कीगंज में चल रहे अवैध क्रेसर और ईंट भट्ठों का मामला प्रकाश राम ने उठाया
उधर तारांकित प्रश्न में प्रकाश राम ने मैक्लुस्कीगंज में चल रहे ईंट भट्ठों व क्रेसरों के संचालन का मुद्दा उठाया। प्रकाश राम का कहना था कि मैक्लुस्कीगंज में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों व क्रेसरों के कारण वहां का पर्यटन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैक्लुस्कीगंज में नौ क्रेसर चल रहे हैं और ये सभी पर्यटन को बर्बाद कर रहे हैं। मंत्री का कहा था कि क्रेसर वैध है या अवैध इसकी जांच करा लेते हैं, दोषी होने पर कार्रवाई की जायेगी।
बसबुटिया हाई स्कूल और गोपीबांध हाई स्कूल का मुद्दा सदन में उठा
उदय शंकर सिंह ने सारठ विधानसभा अंतर्गत बसबुटिया हाई स्कूल व गोपीबांध हाई स्कूल में बेंच-डेस्क की भारी कमी और इसके कारण वहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को हो रही असुविधा का मामला सदन में उठाया। मंत्री का कहना था कि बसबुटिया हाई स्कूल सरकारी विद्यालय है। यहां कक्षा एक से बारह में कुल 749 विद्यार्थी तथा 18 शिक्षक जिनमें सात पीजीटी, सात टीजीटी एवं चार प्राथमिक शिक्षक पदस्थापित/कार्यरत हैं।
इस विद्यालय में 102 बेंच-डेस्क (प्रति बेंच चार छात्रों कुल 408 बच्चों के लिए) उपलब्ध है तथा पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालय योजना के तहत कुल 63 बेंच-डेस्क (प्रति बेंच चार छात्रों कुल 252 बच्चों के लिए) उपलब्ध कराने हेतु आपूर्तिकर्ता को कार्यादेश निर्गत किया गया है, जो प्रक्रियाधीन है। इस विद्यालय के विकास कोष मद में चार लाख पैसठ हजार दो सौ छियानवे रुपये उपलब्ध है, के अंतर्गत व्यय कर शेष वांछित बेंच-डेस्क, उपलब्ध कराए जाने हेतु विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक को उनके स्तर से निदेश दिया गया है।
प्रस्तावित उच्च विद्यालय गोपीबांध, जो गैर सरकारी स्थापना अनुमति प्राप्त विद्यालय है। जिसका संचालन विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा किया जाता है तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार अनुदान की राशि भी विद्यालय प्रबंध समिति को आवंटित की जाती है। बेंच-डेस्क उपलब्ध कराने की जवाबदेही संबंधित विद्यालय प्रबंध समिति की है।
पांकी में उद्योग लगाने की मांग
भाजपा विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने पांकी में फूड प्रोसेसिंग यूनिट या लघु उद्योग संकुल नहीं होने का मुद्दा सदन में उठाया। उनका कहना था कि अगर ये उद्योग होते तो पलामू से युवाओं का रोजगार के लिए पलायन नहीं होता। मंत्री ने उत्तर में कहा कि सरकार उद्योग नहीं लगाती, अगर कहीं से उद्योग लगाने का प्रस्ताव आता है, तो वे इस पर नियमानुसार विचार करते हुए वहां उद्योग लगाने पर विचार करेंगे।
