भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज, जनता को किया संबोधित
भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह के सुअवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद झारखण्ड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने वहां उपस्थित जनता को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने क्या-क्या कहा, हम अक्षरशः उनके भाषण को उनके शब्दों में यहां रख रहे हैं। आप उसे ग्रहण करें। झारखण्ड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के शब्दों में …
मेरे भाइयों, बहनों और प्यारे बच्चों!
उपस्थित प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारीगण,
सेना व अर्द्धसैनिक बलों के जवानों,
प्रेस एवं मीडिया के मेरे मित्रों
जोहार! नमस्कार!
गणतंत्र दिवस के इस पावन पर्व पर मैं समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देता हूँ। गणतंत्र दिवस हम सभी के लिए अपने राष्ट्र और अपनी सम्प्रभुता का गौरवगान करने का दिन है। आज स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद करने का दिन है, जिन्होंने अपने त्याग और बलिदान से हमें आजादी दिलाई और इस गौरवशाली गणतंत्र का निर्माण किया।
गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, पंडित जवाहरलाल नेहरू, बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान देशभक्तों को हृदय की गहराइयों से नमन करता हूँ। साथ ही मैं, झारखण्ड के वीर सपूत धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा, बाबा तिलका मांझी, वीर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, जतरा टाना भगत, नीलाम्बर-पीताम्बर, शेख भिखारी, टिकैत उमराँव सिंह, पाण्डेय गणपत राय तथा शहीद विश्वनाथ शाहदेव जैसे अमर वीरों को भी श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ।
झारखण्ड राज्य के जन नायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण पुरस्कार से अलकृत किया गया है। यह पुरस्कार उनके अद्वितीय योगदान का सम्मान है, जो संम्पूर्ण राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस अवसर पर मैं भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
हम भारत के लोगों ने अपना संविधान स्वयं बनाया और उसे अधिनियमित और आत्मार्पित किया। भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला 26 जनवरी, 1950 को हमारे संविधान को लागू करने के साथ ही रख दी गयी थी। हमारा संविधान अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रख कर बनाया गया दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है। 76 वर्षों का यह सफर बताता है कि हम एक सफलतम् लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। ‘वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना से प्रेरित हमारा संविधान एक पवित्र दस्तावेज है। इसे एक ऐसे राष्ट्र के नागरिकों ने तैयार किया है जिनकी भावनाओं के मूल में विश्व-बंधुत्व और मानव कल्याण की सोच है।
हमारा झारखण्ड आज प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। राज्य में अवसरों की कोई कमी नहीं है। चाहे आधारभूत संरचना में निवेश की बात हो, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की बात हो, उद्योग-धंधों में नवाचार की बात हो, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार का कार्य हो अथवा कृषि के क्षेत्र में नये सुधारों को लागू करने की बात हो, आज हर क्षेत्र में नये अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि झारखण्ड अपनी खनिज संसाधनों के कारण ‘रत्नगर्भा’ कहलाता है। यह धरती न केवल सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान दे रही है, बल्कि राष्ट्र को नई दिशा भी प्रदान कर रही है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारा देश ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्राकृतिक एवं खनिज संसाधन, युवा शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाला झारखण्ड इस ऐतिहासिक विकास यात्रा में एक अग्रणी भूमिका निभाएगा।
पारंपरिकता और आधुनिकता के संतुलित दृष्टिकोण के साथ हमारी सरकार झारखण्ड को सँवारने का निरंतर प्रयास कर रही है। झारखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, जनजातीय परम्पराओं और ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित रखते हुए हम राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पेसा नियमावली, 2025 को अधिसूचित कर दिया गया है। इसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारम्परिक व्यवस्था को सशक्त बनाना और स्वशासन को मजबूत करना है। पेसा नियमावली, 2025 ने प्राकृतिक और सामुदायिक संसाधनों पर ग्राम सभा के अधिकारों को स्पष्ट किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि झारखण्ड के जनजातीय समुदाय के अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा की दिशा में ‘पेसा नियमावली, 2025’ मील का पत्थर साबित होगी।
झारखण्ड पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं वाला राज्य है। यहाँ मनमोहक जलप्रपात, पर्वत और घने जंगल जैसे प्राकृतिक सौंदर्य के अलावा कई प्रसिद्ध धार्मिक एवं आस्था के केन्द्र मौजूद हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रभावी पर्यटन नीति और योजनाओं के माध्यम से इस दिशा में कार्य कर न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकेंगे। पर्यटन के समग्र विकास से झारखण्ड समृद्धि और पहचान की नई ऊँचाइयों को छुएगा। पर्यटन के साथ-साथ राज्य में औद्योगिक विकास की भी व्यापक संभावनाएँ हैं।
राज्य में जहाँ एक ओर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को प्रोत्साहित कर अर्थव्यवस्था के संतुलित, समावेशी एवं तीव्र विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कृषि और सामाजिक वानिकी जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित कर अर्थव्यवस्था में विविधता लाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के माध्यम से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन मौसम वर्ष 2025-26 में 6 लाख टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य है। इसके लिए सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में अधिप्राप्ति केन्द्र खोले गए हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त बोनस सहित 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान अधिप्राप्ति की जा रही है तथा किसानों को निर्धारित राशि का एकमुश्त भुगतान किया जा रहा है।
मातृशक्ति को नमन करते हुए मैं कहना चाहता हूँ कि माताओं, बहनों, बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वाबलंबन और सुरक्षा के लिए हमारी सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में ‘झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ राज्य के महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की नई दास्तान है। इस योजना की प्रशंसा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है और यह योजना महिला सशक्तिकरण तथा वित्तीय समावेशन की मिसाल बन चुकी है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 51 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्येक माह 2,500 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं।
ग्रामीण महिलाएँ ‘सखी मंडल’ के माध्यम से संगठित होकर स्वावलंबन एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। राज्य के सभी जिलों के सभी प्रखण्डों में करीब 3 लाख सखी मंडल का गठन किया जा चुका है। इन सखी मंडलों को 466 करोड़ रूपये चक्रीय निधि के रूप में एवं 2300 करोड़ रुपये सामुदायिक निवेश निधि के रूप में उपलब्ध कराया जा चुका है। सखी मंडलों के जरिये कृषि यन्त्रों की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु राज्य में 1505 कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना की गई है। सखी मंडल की दीदीयों द्वारा निर्मित “पलास ब्रांड” अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है।
गुमला जिला में ग्रामीण महिलाओं के हाथों संचालित “जोहार रागी मिशन” एक आंदोलन के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। महज 10 महिलाओं के साथ वर्ष 2022 में शुरू हुआ रागी मिशन और बाजरा प्रसंस्करण आज 35 हजार से अधिक किसानों और 500 से अधिक महिला शेयरधारकों की जीविका का सशक्त साधन तथा “ग्रामोदय से भारत उदय” का प्रेरक मिसाल बन गया है।
वर्तमान में झारखण्ड की एक तिहाई आबादी 18-35 वर्ष के युवाओं की है। हमारे पास काम करने के लिए पर्याप्त और सक्षम युवा शक्ति है। अगर इस युवा शक्ति को सही दिशा और अवसर प्रदान किया जाएँ तो निश्चय ही ये झारखण्ड को विकास की नई ऊँचाईयों तक ले जायेंगे।
आकांक्षाओं से भरे हमारे राज्य के युवा हर क्षेत्र में ऊँचाईयों को छू सकें, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा सरकारी क्षेत्र में उपलब्ध रिक्तियों को तेजी से भरने की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए ‘मिशन मोड’ में कार्य किया जा रहा है।
हाल ही में राज्य सरकार द्वारा JPSC सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से चयनित 342 अभ्यर्थियों एवं झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा चयनित लगभग 2,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक, सहायक आचार्य, विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी, वरीय अस्पताल प्रबंधक, आई०टी० एक्जीक्यूटिव (IT Executive), सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, प्रयोगशाला सहायक जैसे पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं।
शिक्षा और कौशल विकास विकसित झारखण्ड की नींव हैं। आज का युवा ही कल का नेतृत्व करेगा। इसलिए हमारी सरकार ने शिक्षा में नवाचार और डिजिटल लर्निंग पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य सरकार द्वारा संचालित 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (CM School of Excellence) तथा 325 प्रखण्ड स्तरीय लीडर स्कूल के माध्यम से अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को मिल रही है। उत्कृष्ट विद्यालयों की सफलता और विद्यार्थियों की आकांक्षा को देखते हुए ऐसे विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
राज्य के प्रतिष्ठित नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर 3 नये विद्यालय पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो एवं दुमका में प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। व्यवसायिक शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को देखते हुए 803 विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा की शुरूआत की गयी है।
झारखण्ड के मेधावी छात्रों को विदेशों में शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने हेतु टॉप विश्वविद्यालयों में अध्ययन के लिए चयनित विद्यार्थियों की शत् प्रतिशत ट्यूशन फीस का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। “गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना” के माध्यम से छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर किया जा रहा है। “वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना” तथा “मानकी मुण्डा छात्रवृत्ति योजना” से कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्र-छात्राओं को आर्थिक सम्बल प्रदान किया जा रहा है।
राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में मेरा निरंतर प्रयास है कि हमारे विद्यार्थियों को हर हाल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हों। उच्च शिक्षा केवल डिग्रियों तक सीमित न रहे, बल्कि यह विद्यार्थियों के लिए बेहतर सोच, कौशल और चरित्र के निर्माण का माध्यम बने। शैक्षणिक सत्रों की नियमितता सुनिश्चित करने और विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा बेहतर वातावरण बने कि अन्य प्रदेशों के विद्यार्थी भी हमारे राज्य के उच्चतर शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने के लिए आकर्षित हों।
राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु हमारी सरकार कृत संकल्पित है। राज्य सरकार द्वारा सुपर स्पेशियलिटी रिम्स-2 (RIMS-2) का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा, पी०पी०पी० मोड पर 6 नये चिकित्सा महाविद्यालय पूर्वी सिंहभूम, खूँटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा एवं धनबाद में निर्माण की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ कराने हेतु ‘मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना’ को अगले 5 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा। इस योजना के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक एवं चिकित्सा महाविद्यालयों को नवीनतम सुविधाओं से युक्त किया जायेगा।
भाइयों और बहनों, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए प्रगतिशील सोच के साथ विकास के राह पर आगे बढ़ना हमारा लक्ष्य है। जनता की सहभागिता एवं रचनात्मक सहयोग से हम झारखण्ड के नव-निर्माण के रास्ते में आने वाली हर चुनौती का सामना करने में सक्षम होंगे, ऐसा मेरा विश्वास है। गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर हम सभी एक समृद्ध, खुशहाल और सशक्त झारखण्ड का निर्माण करने के लिए एकजुट होकर प्रयत्न करने का संकल्प लें।
अन्त में, मैं पुनः आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें देता हूँ। आज इस ऐतिहासिक समारोह में परेड में भाग लेने वाले सभी जवानों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। साथ ही, मैं अपने महान विभूतियों एवं राष्ट्र निर्माताओं के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
जय हिन्द! जय झारखण्ड!
