जयनगर के बिरहोर टोला के लापता 10 बच्चों के मामले में कोडरमा पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 24 घंटे के अन्दर लापता सभी बच्चे सकुशल बरामद
कोडरमा पुलिस ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेस कर बताया कि दिनांक 06.02.2026 को राजेश बिरहोर पिता-स्व० उगन बिरहोर सा०-गडियाई (खरपोका) बिरहोर टोली, थाना-जयनगर, जिला-कोडरमा एवं अन्य द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन थाना प्रभारी जयनगर थाना को समर्पित किया गया।
इस आवेदन के माध्यम से जयनगर थाना को यह सूचित किया गया कि इनके बच्चे क्रमशः 1. निशा कुमारी, उम्र-07 वर्ष, 2. रमेश बिरहोर दोनों पिता-राजेश बिरहोर, 3. सजनी कुमारी, उम्र-09 वर्ष, पिता-कैला बिरहोर, 4. अनिशा कुमारी, उम्र-07 वर्ष, 5. सत्यम बिरहोर उम्र-06 वर्ष, पिता-नन्हकु बिरहोर, 6. शिवानी कुमारी, उम्र-14 वर्ष, 7. विरजू बिरहोर, उम्र-11 वर्ष, 8. मिथुन बिरहोर, उम्र-09 वर्ष, 9. कल्पना कुमारी, चारों पिता-दनकु बिरहोर एवं 10. रेखा कुमारी उम्र-06 वर्ष, पिता-सुरेश बिरहोर सभी सा०-गडियाई बिरहोर टोला, थाना-जयनगर जिला-कोडरमा दिनांक-31.01.2026 को समय करीब 04:00 बजे शाम को गांव के बच्चे, बुढ़े एवं जवान करीब 70 लोगो के साथ परसाबाद में मुन्ना मोदी के पिता के श्राद्धक्रर्म में गये थे।
श्राद्धक्रर्म में गये लोगों में व्यस्क लोग अपने घर वापस आ गये परन्तु उक्त बच्चे वहाँ से अपना घर वापस नही लौटे। इस संदर्भ में जयनगर थाना कांड संख्या- 17/2026 दिनांक – 06.02.2026 धारा-137 (2) / 140 भा०न्या0सं0-2023 दर्ज कराई गई। इतने बड़े पैमाने पर एक साथ दस आदिम जनजाति के बच्चों के गायब होने की बात को चुनौती के रूप में लेते हुए कांड के उद्भेदन एवं बच्चो के सकुशल बरादगी हेतु अनुदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक, कोडरमा के नेतृत्व में आठ अलग-अलग विशेष टीम का गठन किया गया है।
जिसमें तीन पुलिस उपाधीक्षक, तीन पुलिस निरीक्षक एवं आठ पुलिस अवर निरीक्षक स्तर के पदाधिकारियों, कई थानो के सशस्त्र बल तथा तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियोंको सम्मिलित किया गया। जिनके द्वारा सूचना प्राप्त होने के 24 घंटे के अन्दर ही कांड के उद्भेदन करते हुए सभी बच्चों को बरामद कर लिया गया।
उक्त कांड के उद्भेदन एवं बच्चो के सकुशल बरामदगी दौरान मानवीय एवं तकनीकी आसूचना संकलन करना प्रारंभ किया गया। इस क्रम में गठित टीमों के द्वारा गया (बिहार) से आसनसोल तथा रांची तक के सभी रेलवे स्टेशन एवं आस-पास के दुकान मेला इत्यादि स्थानों में भौतिक रूप से जाकर सी०सी०टी०वी० फुटेज का अवलोकन किया तथा बच्चों की बरामदगी हेतु सघनता / सूक्ष्मता से महत्वपूर्ण स्थलों यथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, टैम्पु स्टैण्ड, हाट बाजार, होटल/ ढाबा सहित अन्य आवश्यक संभावित स्थलों पर खोजबीन किया गया।
प्रिंट/इलेट्रोनिक मिडिया तथा सोशल मिडिया के माध्यम से उक्त बच्चो का सूचना देने के लिए प्रचार-प्रसार किया गया है। साथ ही आस-पास के थाना में लापता बच्चों का पता करने हेतु फोटो उपलब्ध कराते हुए कांड के उद्भदन हेतु अनुरोध किया गया। पूरे अभियान के दौरान पुलिस महानिरीक्षक उ०छो०प्रक्षेत्र, बोकारो, पुलिस उप-महानिरीक्षक उ०छो० क्षेत्र, हजारीबाग के द्वारा पुलिस अधीक्षक, महोदय कोडरमा को लगातार मार्गदर्शन प्राप्त होते रहा।
बच्चों के खोजबीन के क्रम में गठित विशेष टीम के द्वारा सभी राज्यों के सी०डब्लू०सी० / एन०जी०ओ० तथा जी०आर०पी०, आर०पी०एफ० से लगातार सम्पर्क स्थापित किया जा रहा था। अनुदीप सिंह भा०पु०से०, पुलिस अधीक्षक, महोदय कोडरमा स्वयं सभी टीमो का नेतृत्व कर रहे थे तथा क्षेत्र में बच्चे के खोजबीन के लिए भ्रमणशील थे। इसी क्रम में जो टीम विभिन्न राज्य के सी०डब्लू०सी० / जी०आर०पी०/आर०पी०एफ० से संपर्क कर रही थी, उसे सूचना मिली की कुछ बच्चे गया में मिले है।
इस सूचना का सत्यापन हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय, कोडरमा, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) कोडरमा एवं टीम के साथ बाल गृह, गया में जाकर चाइल्ड वेलफेयर कमिटी से मिले तो पता चला कि दिनांक-02.02.2026 को को 10 बच्चे मुफ्फसिल एवं परैया थाना में मिले है, जिसे सुरक्षार्थ सी०डब्लू०सी० के आदेश के आलोक में रखा गया है। टीम द्वारा बच्चो की पहचान अपने अभिभावको से कराई गयी एवं उन्हें सकुशल कोडरमा लाया गया एवं न्यायालय में उपस्थापित कराकर बच्चों को उनके माता पिता को सौंपा जायेगा।
