अपराध

झारखण्ड पुलिस को भरोसा दो दिनों तक नक्सलियों के विरुद्ध चले अभियान के दौरान मारे गये 17 नक्सलियों से, नक्सलियों का लगा गहरा झटका, सारंडा क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों में आयेगी कमी

झारखण्ड पुलिस मुख्यालय का कहना है कि प्रतिबंधित भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन अपने दस्ता सदस्यों के साथ कोल्हान / सारंडा क्षेत्र में पुलिस एवं सुरक्षा बलों को नुकसान पहुँचाने तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए लगातार भ्रमणशील है। इस दस्ते पर प्रभावी कार्रवाई हेतु समय-समय पर प्राप्त आसूचना के आधार पर झारखण्ड पुलिस, कोबरा, सी०आर०पी०एफ० एवं झारखण्ड जगुआर इत्यादि बलों द्वारा अभियान संचालित किया जाता है।

इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा को सटीक सूचना प्राप्त हुई कि प्रतिबंधित भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के शीर्ष नक्सली अनल एवं अनमोल के दस्ता सदस्यों के साथ छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमडीह तथा बहदा गाँव के आस-पास के जंगली / पहाड़ी क्षेत्रों (सांरडा क्षेत्र) में सुरक्षा बलों को लक्षित कर कुछ अप्रिय घटना कारित करने हेतु भ्रमणशील है।

उक्त आसूचना के सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु झारखण्ड पुलिस एवं कोबरा 209 BN की संयुक्त टीम गठन कर एक विशेष अभियान प्रारंभ किया गया। उक्त अभियान के क्रम में छोटानागरा थानान्तर्गत वनग्राम कुमडीह के जंगली / पहाड़ी क्षेत्रों में संयुक्त बलों, चाईबासा जिला पुलिस, 209 कोबरा एवं सी०आर०पी०एफ० की टीम ने एक साथ समन्वय स्थापित कर प्रतिबंधित भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के शीर्ष नेता अनल उर्फ पतिराम मांझी का सशस्त्र दस्ता के साथ दिनांक 22.01.2026 एवं दिनांक 23.01.2026 को लगातार कई बार मुठभेड़ हुई।

नक्सलियों द्वारा पुलिस को नुकसान पहुँचाने हेतु अंधाधुन गोलीबारी की गई। आत्मरक्षार्थ सुरक्षा बलों के द्वारा भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अदम्य साहस एवं धैर्य का परिचय दिया गया। उक्त मुठभेड़ के उपरांत सभी एस०ओ०पी० का अनुपालन करते हुए सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें अबतक कुल-17 नक्सलियों के मृत शव एवं भारी मात्रा में हथियार एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किये गये हैं।

सर्च अभियान के दौरान अब तक पहचान किये गये नक्सलियों के नाम इस प्रकार है – अनल उर्फ पतिराम मांझी, अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिन्टू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, समीर सोरेन, रापा उर्फ पावेल, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबीता, पूर्णिमा, सुरजमुनि, जोंगा, सोमबारी पूर्ति, सोमा होनहागा, मुक्ति होनहागा एवं सरिता।

इस मुठभेड़ में ए0के0/ए0के0एम0-04, इंसास 04, 303 रायफल 03, कारतूस व अन्य दैनिक उपयोग के सामान बरामद हुए। झारखण्ड पुलिस का कहना है कि पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा जिले में सम्पूर्ण नक्सल उन्मूलन हेतु लगातार अभियान संचालित हो रहे है। इसी क्रम में विगत तीन वर्षों में कुल 183 नक्सलियों को गिरफ्तारी कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है तथा मुठभेड़ में कुल 11 नक्सली मारे गये है तथा दिनांक 22.01. 2026 एवं दिनांक 23.01.2026 को मुठभेड़ के दौरान 17 नक्सली मारे गये हैं।

इसके अतिरिक्त भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार, कारतूस तथा नक्सलियों द्वारा उपयोग लाये जाने वाले अन्य सामान भी बरामद किया गया है। चाईबासा जिलान्तर्गत उग्रवादी गतिविधि पर अंकुश लगाने हेतु उग्रवाद प्रभावित थाना क्षेत्र के आम जनमानस के बीच सुरक्षा भाव को बनाये रखने के लिए विगत 03 वर्षों में नये सुरक्षा कैम्पों का भी अधिष्ठापन किया गया है, जिसके परिणाम स्वरूप नक्सलियों का दायरा सिमटता जा रहा है। दिनांक 22.01.2026 एवं दिनांक 23.01.2026 को संचालित किये गये अभियान मेघाबुरू से माओवादी संगठन को गहरा झटका लगा है तथा इसके बाद सारंडा क्षेत्र अन्तर्गत नक्सल गतिविधियों में निश्चित रूप से कमी आएगी।