बाल कोना

चतुर्थ बाल मेलाः गजब-गजब के मॉडल हैं बाल मेले में, कोई सेटेलाइट का इस्तेमाल कर ऊर्जा को सामान्य इस्तेमाल के लिए बना रहा तो कोई हवा की शुद्धता बढ़ाने पर दे रहा जोर

चतुर्थ बाल मेले में सिर्फ खेल प्रतियोगिताएं, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं ही नहीं हो रही हैं। यहां मेधावी प्रतिभाओं द्वारा ऐसे स्टॉल्स भी लगाए गये हैं जहां पहुंच कर आप उनकी मेधा को सलाम करेंगे। ऐसे तीन स्टॉल यहां पर हैं, जो सहसा लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचते हैं।

विवेक विद्यालय के छात्र अंश कुमार सिन्हा ने यहां पर एक मॉडल बनाया है, जो बैटरी को चार्ज करता है। यह बेहद कम खर्च में, अपने ही घर में तैयार किया जा सकता है। अंश के अनुसार, बैटरी चार्ज करने के लिए उसने जो मॉडल तैयार किया है, उसमें तार, सर्किट और गत्ते के अलावा कुछ भी नहीं। आपको अलग से 1000-2000 का बैटरी चार्जर खरीदने की कोई जरूरत नहीं।

एक मॉडल तैय़ार किया है किसलय पॉल ने जो कार्मल जूनियर कॉलेज का विद्यार्थी है। उसके मॉडल का नाम है एयर प्यूरीफायर। उसकी कल्पना के अनुसार, आने वाले दिनों में जब प्रदूषण ज्यादा बढ़ जाएगा, तब आपको खुले में कूड़ा जलाने की जरूरत नहीं रहेगी। इन्होंने जो प्यूरीफायर तैयार किया है, उसके इन्सीनेटर में कूड़ा जलाया जा सकता है और हवा प्रदूषित न हो, इसके लिए एक पाइप के सहारे हवा को शुद्ध कर दूसरे स्टोर सेंटर में रखा जाएगा। बदलते दौर के हिसाब से यह एयर प्यूरीफायर आने वाले दिनों में उपयोगी साबित हो सकता है।

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बर्मामाइंस के विद्यार्थी अयंक राज ने एनर्जी सेवर सिस्टम डेवलप किया है। इस सिस्टम के तहत से सेटेलाइट सूर्य से निकलने वाली वो ऊर्जा, जो इस्तेमाल में नहीं आती, उसका उपयोग इस्तेमाल करने लायक ऊर्जा में प्रयोग किया जा सकता है। जैसे इंफ्रारेड, एक्सरेज, गामारेज आदि। सेटेलाइट इस एनर्जी को धरती की तरफ वायरलेस ट्रांसफर करेगा। उस उर्जा का प्यूरिफिकेशन करके स्टोर करने के बाद नार्मल यूज कर सकते हैं।