अपराध

रांची शहर की विधि व्यवस्था व व्यवसायियों को मिल रही धमकी भरे कॉल्स को लेकर चेम्बर भवन में व्यवसायियों और पुलिस अधिकारियों के बीच वार्ता

शहर की विधि व्यवस्था की मजबूती के लिए आज चैम्बर भवन में सिटी एसपी पारस राणा, सिटी डीएसपी केवी रमन एवं कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय के साथ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाल के दिनों में व्यापारियों को आ रही रंगदारी व धमकी भरे कॉल्स तथा शहर की विधि-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि ऐसी घटनाओं से व्यापारियों में भय का माहौल बनता है। हालिया घटनाओं के त्वरित उद्भेदन के लिए उन्होंने पुलिस तंत्र द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने जिला पुलिस द्वारा स्पष्ट संदेश देने की आवश्यकता पर बल दिया कि झारखण्ड में अपराध को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों को कड़ी सजा मिलेगी।

उन्होंने पेट्रोलिंग वाहनों की संख्या बढ़ाने, नए थानों के निर्माण, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, खुफिया तंत्र को सुदृढ़ करने एवं अन्य राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस द्वारा कई निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। व्हाट्सएप कॉल व मैसेज के माध्यम से आ रही धमकियों के उद्भेदन पर भी पुलिस गंभीरता से कार्य कर रही है।

उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की धमकी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें, भयभीत न हों। उन्होंने रोड साइड दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे, विशेषकर मोशन सेंसर आधारित कैमरे एवं अलार्म सिस्टम लगाने की सलाह दी, विशेषकर हाई-रिस्क व्यापारियों को इसे अनिवार्य रूप से अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि 112 पर सूचना देने पर पीसीआर एक मिनट के भीतर सहायता के लिए उपलब्ध रहेगी।

पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हैं, लेकिन थाना स्तर पर व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है, जिससे आम नागरिक बिना भय अपनी बात रख सके। पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने पूरे शहर में सक्रिय अवैध कब्जा गिरोह पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि दंड न मिलने से अपराधियों का मनोबल बढ़ता है और पुलिस व समाज के समन्वय से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

रांची चैम्बर के अध्यक्ष संजय माहुरी ने पंडरा कृषि मंडी में असामाजिक तत्वों की अड्डेबाजी पर रोक लगाने की मांग की। सह सचिव रोहित पोद्दार ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगे तीन पहिया मालवाहक वाहनों को शाम 5 से 7 बजे के नो-एंट्री समय में शिथिलता देने, पीसीआर के कार्यक्षेत्र व संपर्क नंबरों की सूची चैम्बर से साझा करने तथा प्रत्येक तीन माह में सिटी एसपी स्तर पर हाई-रिस्क व्यापारियों के साथ बैठक हेतु पुलिस-व्यापारी समन्वय समिति गठित करने का सुझाव दिया, जिस पर सिटी एसपी ने विचार करने का आश्वासन दिया।

लॉ एंड ऑर्डर उप-समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा चैम्बर की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर त्वरित और दृढ़ कार्रवाई से ही अपराधियों में भय पैदा होगा। उन्होंने कहा कि चैम्बर पुलिस के साथ निरंतर संवाद और सहयोग के माध्यम से शहर में सुरक्षित व्यापारिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में पूर्व अध्यक्ष अरुण बुधिया, किशोर मंत्री, कार्यकारिणी सदस्य तुलसी पटेल, विनीता सिंघानिया, विकास मोदी, पूजा ढाढा, सदस्य प्रमोद सारस्वत, सुबोध जयसवाल, मुकेश पांडेय, अनुराग चावला ने भी अपने सुझाव दिए। चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल ने सिटी एसपी को एक ज्ञापन भी सौंपा। यह भी कहा कि विधि व्यवस्था की मजबूती हेतु सदस्यों के सुझाव को जल्द ही चैम्बर द्वारा कम्पाइल करके सिटी एसपी को प्रेषित किया जायेगा।

बैठक में चैम्बर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, कार्यकारिणी सदस्य मनीष सराफ, आस्था किरण, अनीश बुधिया, उप समिति चेयरमैन साहित्य पवन, निधि झुनझुनवाला, श्रवण कुमार,  किशन अग्रवाल, तेजविंदर सिंह, परमिंदर सिंह बग्गा, प्रकाश हेतमसरिया, बिजेंद्र प्रसाद, विजय महतो, राजीव चौधरी, राकेश कुमार, राजेश पोद्दार समेत अन्य काफी सदस्य उपस्थित थे।

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