मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां में एमबीबीएस पाठ्यक्रम (प्रथम बैच) के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हुए सम्मिलित
स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज से एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। नए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खुलने से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है, जिसका लाभ यहां के लोगों को निश्चित तौर पर मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, आदित्यपुर, सरायकेला – खरसावां में एमबीबीएस पाठ्यक्रम (प्रथम बैच) के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरायकेला- खरसावां जैसे छोटे जिले में मेडिकल कॉलेज का खुलना सराहनीय कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संस्थान खुलने से शिक्षा का बेहतर वातावरण तैयार होगा। मुख्यमंत्री ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम के पहले बैच में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर साल यहां नया बैच आएगा। पांच वर्षों में यह मेडिकल कॉलेज पूरी शक्ल ले चुका होगा। ऐसे में आप जब यहां से अपनी पढ़ाई पूरी कर निकलेंगे तो समाज को आपसे काफी उम्मीदें होंगी। मुझे पूरा भरोसा है कि आप एक बेहतर चिकित्सक के रूप में समाज को अपनी सेवा देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था कैसे मजबूत हो, इस दिशा में निरंतर प्रयास हो रहा है। हम एक ऐसा हेल्थ इको सिस्टम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जहां बेहतर तथा गुणवत्तायुक्त पढ़ाई के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में मेडिकल कॉलेज की संख्या को 25 से 30 करने के लक्ष्य के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, हमारे सामने कई चुनौतियां भी हैं। लेकिन मेरा मानना है कि जब चुनौतियां आएंगी तभी काम करने का आनंद भी मिलता है।
उन्होंने आगे कहा कि अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में डॉक्टरों के आने-जाने का सिलसिला चलता रहेगा। उसे रोक नहीं सकते हैं। लेकिन इस राज्य में ज्यादा से ज्यादा बेहतर मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और चिकित्सक आएं, इसके लिए सरकार हर स्तर पर स्वास्थ्य सरंचना सुदृढ़ करने का काम पूरी क्षमता और ताकत से कर रही है।
