झारखण्ड विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा विधायक नहीं ले रहे दिलचस्पी, राज सिन्हा, पूर्णिमा साहू व सत्येन्द्र नाथ तिवारी का नाम आसन ने प्रश्न काल के दौरान पुकारा, पर ये सभी रहे अनुपस्थित
झारखण्ड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आज फिर सदन विलम्ब से शुरू हुआ। विधानसभाध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो आसन पर आठ मिनट विलम्ब से विराजमान हुए और उसके बाद अल्प सूचित प्रश्न प्रांरभ हुआ। देखा यह भी जा रहा है कि चल रहे बजट सत्र के दौरान ज्यादातर भाजपा विधायक सदन से अनुपस्थित दिख रहे हैं। पता चल रहा है कि चूंकि राज्य में नगर निकाय चल रहे हैं। इसलिए भाजपा विधायकों की पहली प्राथमिकता नगर निकाय चुनाव हैं, न कि चल रहा बजट सत्र।
इसका सबसे बड़ा दुखद पहलू यह है कि आसन पर विराजमान विधानसभाध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने अपने प्रश्नों के जवाब को सुनने के लिए भाजपा के राज सिन्हा, सत्येन्द्र नाथ तिवारी, पूर्णिमा साहू आदि का नाम पुकारा। लेकिन सदन में ये सारे विधायक अल्पसूचित प्रश्नकाल के दौरान अनुपस्थित रहे। हालांकि बाद में भाजपा की पूर्णिमा साहू सदन में उपस्थित हुई।
पर बहुत देर हो चुका था। विधानसभाध्यक्ष उनके नाम को पुकारने के बाद, उनकी अनुपस्थिति को देख, अन्य विधायक का नाम पुकार चुके थे। हालांकि पूर्णिमा साहू ने अपने प्रश्न को एक बार फिर से उठाने का अनुरोध स्पीकर से किया। लेकिन स्पीकर ने अनुमति नहीं दी। इधर भाजपा विधायक के राज सिन्हा का प्रश्न सरयू राय ने उठाया, जो कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से संबंधित था।
इसके बाद प्रदीप यादव ने अपने इलाके में योजनाओं के पूर्ण न होने का मामला सदन में उठाया। प्रदीप यादव ने कहा कि उनके द्वारा अनुशंसित योजनाएं जयपुर जाहेरथान घेराबंदी, जियोजोर में जाहेरथान घेराबंदी, मरीकवाडीह, मजडीहा और कदवा में जाहेरथान घेराबंदी पिछले एक वर्ष से लंबिंत क्यों हैं? संबंधित मंत्री ने कहा कि उनकी सारी योजनाएं स्वीकृत हैं। जल्द ही पूरी कर दी जायेगी। इधर सविता महतो ने ईचागढ़ में 116 गांवों से विस्थापितों का मामला सदन में उठाया, जबकि जयराम महतो ने किसानों के सिचाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
