राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बजट सत्र को संबोधित करते हुए कहा WEF व UK यात्रा का असर, राज्य को 1,27,000 करोड़ रुपये के निवेश मिले, मंईयां सम्मान योजना ने महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाया
झारखण्ड विधानसभा के बजट सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर प्रदेश को अपराधमुक्त, भयमुक्त बनाकर यहां कानून का शासन स्थापित किया गया है। राज्य में विघटनकारी और उग्रवादी तत्वों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025 में साइबर अपराध से संबंधित 1413 प्रतिवेदित कांडों में कुल 1268 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, तथा पीड़ितों के खातों में लगभग 12 करोड़ की राशि वापस कराई गई। भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों में वर्ष 2025 में कुल 54 लोक सेवकों की गिरफ्तारी की गई।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस में भाग लेकर राज्य की निवेश-उन्मुख नीतियों, सुशासन और सतत विकास की प्रतिबद्धता को विश्व समुदाय के समक्ष रखा। दावोस के बाद यूनाइटेड किंगडम, विशेषकर लंदन में उच्चस्तरीय बैठक कर विशेष पहल की। इस संयुक्त निवेश यात्रा के फलस्वरुप अब तक लगभग 1,27,000 करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए, जो औद्योगिकीकरण, रोजगार सृजन, कौशल विकास और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राज्यपाल ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 229 भर्ती कैंपों एवं 85 रोजगार मेलों का आयोजन कर 12576 युवाओं को रोजगार हेतु चयनित किया गया है। श्रम शक्ति का कौशल विकास कर युवाओं एवं प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए सरकार द्वारा सात राज्यों में प्रवासन सहायता केन्द्र खोले गये हैं।
उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री को उत्कृष्ट संरचना प्रदान करने के उद्देश्य से रांची, सिंदरी और देवघर में सॉफ्टेवयर टेक्नोलॉजी पार्क का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। सरकार द्वारा जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 के माध्यम से चयनित 342 अभ्यर्थियों एवं जेएसएससी द्वारा विभिन्न पदों हेतु लगभग 2000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि झारखण्ड की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि एवं लघु वनोपज पर निर्भर है। इसे देखते हुए धान से आगे बढ़कर करंज बीज, रागी, महुआ एवं साल बीज जैसे प्रमुख वन उत्पादों का भी व्यवस्थित प्रोक्योरमेंट प्रांरभ किया है। झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना के तहत कुल 2307 करोड़ के ऋण माफ किये गये हैं। खरीफ मौसम में अगहनी धान एवं भदई मकई के फसल के लिए लगभग 14 लाख किसानों को मात्र एक रुपये की टोकन राशि पर फसल बीमा योजना से आच्छादित किया गया है।
उन्होंने कहा कि ब्लॉकचेन सिस्टम के तहत 20 लाख किसानों को पंजीकृत कर लगभग तीन लाख किसानों के बीच खरीफ एवं रबी के मौसम में डेढ़ लाख क्विंटल से अधिक बीज वितरण किये गये हैं। सिंचाई के लिए इस वर्ष वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई योजनाओं से साढ़े चार लाख हेक्टेयर भूमि में खरीफ सिंचाई उपलब्ध कराई गई है। रांची के मांडर एवं चान्हों प्रखण्ड में भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई उपलब्ध कराने के लिए कैम्बो मेगालिफ्ट सिंचाई योजना स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 969 लाख मानव दिवस का सृजन करते हुए कुल 3023 करोड़ रुपये का व्यय किया गया है। 3.36 लाख योजनाओं को पूर्ण किया गया, जबकि 12 लाख परियोजनाओं पर कार्य जारी है। अबुआ आवास योजना के अंतर्गत अब तक एक लाख 82 हजार आवासों का निर्माण किया गया है। पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना के तहत ग्राम पंचायत को 15 हजार रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना द्वारा 51 लाख से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास में जुटी है। इस योजना से महिलाओं में सशक्तिकरण हुआ है। वे अब स्वयं को असहाय नहीं समझ रही। बच्चों के लिए सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना के तहत तीन लाख 50 हजार लाभुकों के बीच 130 करोड़ रुपये बांटे गये। बाल विवाह मुक्त झारखण्ड कार्यक्रम चलाने से झारखण्ड देश में सर्वाधिक एक लाख से अधिक बाल विवाह रोकनेवाला राज्य बन चुका है।
उन्होंने कहा कि सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। जिसमें पहले वर्ष प्रमाण पत्र, दूसरे वर्ष डिप्लोमा, तीसरे वर्ष स्नातक डिग्री और चौथे वर्ष शोध के साथ डिग्री प्रदान की जायेगी। यहीं नहीं झारखण्ड ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम और मान्की मुंडा छात्रवृत्ति योजना भी लागू की गई है।
राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में रांची में नये मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, रिम्स टू के निर्माण के लिए 1074 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। आयुष्मान भारत -मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 70 वर्ष की आयु से अधिक आयुवाले राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना योजना से आच्छादित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
राज्यपाल ने कहा कि पेयजल के स्थायी निराकरण के लिए राज्य के 29404 गांवों में 7000 से अधिक गांवों को एफएचटीसी से आच्छादित किया गया है। सरकार ने मिनरल (आक्शन) रूल 2015 (यशा संशोधित) के तहत नीलामी योग्य खनिज ब्लॉक तैयार कर रही है। अब तक 11 खनिज ब्लॉक, जिसमें तीन लौह अयस्क, तीन ग्रेफाइट, दो स्वर्ण, दो चूना पत्थर तथा एक बाक्साइट खनिज ब्लॉक की नीलामी का कार्य किया है।
राज्यपाल ने कहा कि उन्नत सड़कों के निर्माण के लिए इस वित्तीय वर्ष में 3112 करोड़ रुपये की लागत से कुल 116 परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें से 1008 किमी पथ परियोजनाओं तथा आठ पुल परियोजना का कार्य पूर्ण किया गया है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 1644 किमी पथ का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने झारखण्ड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के तत्वावधान में कॉमर्शियल पायलटस लाइसेंस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट प्रारंभ किया है। इसके लिए डीजीसीए भारत सरकार से जेएफआई दुमका को एफटीओ का एप्रुवल प्राप्त हो चुका है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन वन योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 3500 एकड़ ग्रामीणों की निजी भूमि पर फलदार एवं काष्ठ प्रजाति के 10 लाख पौधे रोपित किये गये हैं। स्वदेश दर्शन 2.0 योजनान्तर्गत रामरेखा धाम के पर्यटकीय विकास की स्वीकृति दी गई है। रांची के हुंडरू जलप्रपात क्षेत्र का सौंदर्यीकरण एवं टूरिस्ट कॉम्पलेक्स की मरम्मति के कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2025 में रांची कें चौथे सैफ चैम्पियनशिप का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिसमें भारत समेत नेपाल, श्रीलंका, मालदीव आदि देशों ने भाग लिया। इस वित्तीय वर्ष में 26,128 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रहण के लक्ष्य के विरुद्ध 67 प्रतिशत से अधिक राजस्व का संग्रहण किया गया। माल और सेवा कर प्रणाली के अधीन इस वित्तीय वर्ष में अब तक 15 हजार से अधिक नये कर दाताओं को निबंधित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के भू-अर्जन से प्रभावित/विस्थापित परिवारों के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण कराने के लिए झारखण्ड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा कि लोहरदगा में 46 करोड़ और देवघर में 52 करोड़ की लागत से नये समाहरणालय भवन का निर्माण पूर्ण किया गया है। अनुमंडल स्तर पर जामताड़ा में 8.8 करोड़ रुपये की लागत से अनुमंडलीय कार्यालय भवन का निर्माण पूर्ण किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि सरकार संकल्पित है कि किसी भी स्थिति में प्रदेश में अमन-चैन, आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगड़ने नहीं दिया जायेगा और ऐसी किसी भी स्थिति से सख्ती से निबटा जायेगा।
