सूचना आयुक्त की नियुक्ति और सूचना आयोग में यथाशीघ्र सुनवाई प्रारंभ करवाने को लेकर राज्यपाल से मिला हमर अधिकार मंच का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, मुख्यमंत्री को भी उक्त संबंध में सौंपा ज्ञापन
हमर अधिकार मंच का एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में झारखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर उनको झारखंड के 16 जिलों यथा गिरिडीह, पलामू, लातेहार, गढ़वा, धनबाद, दुमका, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, पाकुड़, हजारीबाग, खूंटी, सिमडेगा, रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम और गुमला के 91 व्यक्तियों द्वारा हस्ताक्षरित एक ज्ञापन जल्द से जल्द झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति करवाने और यथाशीघ्र झारखंड राज्य सूचना आयोग में सुनवाई प्रारंभ करवाने के संबंध में सौंपा।
ताकि सूचना आयोग में लंबित पड़े 25000 से अधिक द्वितीय अपीलवाद और शिकायतवाद पर साढ़े पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित मामलों में सुनवाई शुरू हो सके और आग्रह किया कि सूचना आयुक्त के रूप में गैर-नौकरशाह व्यक्ति जो विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाजसेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता जनसंपर्क माध्यम में व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले समाज में प्रख्यात व्यक्तियों की ही नियुक्ति की जाए।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि नौकरशाहों को सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त नहीं करवाया जाय क्योंकि वैसे जन सूचना पदाधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी जो सूचनाओं को रोकते हैं और जिनके विरुद्ध सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायतवाद दर्ज कराया जाता है, उनका पूर्व संबंध सेवाकाल में सेवानिवृत्त नौकरशाह से हो सकता है या उनके अधीनस्थ ऐसे पदाधिकारी सेवाकाल में काम किए हुए हो सकते हैं।
इसलिए ऐसे लोग न्याय करते समय और सूचना दिलवाते समय तटस्थ और निष्पक्ष रहें तो बेहतर रूप से सूचना की मांग करने वाले आवेदकों को बेहतर रूप से सूचना दिलवाई जा सकती है। उक्त संबंध में एक ज्ञापन झारखंड के मुख्यमंत्री को भी सौंपा गया है। पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी और राजकुमार, महासचिव उमाशंकर सिंह तथा कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी शामिल हुए।
