राजनीति

बरहेट में एसआईआर के दौरान एक ही आधार संख्या पर अलग-अलग नामों से दस्तावेज तैयार करने की शिकायत गंभीर, निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता उजागर : राकेश प्रसाद

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सह एसआईआर के प्रदेश संयोजक राकेश प्रसाद ने साहिबगंज जिले के बरहेट में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के दौरान मतदाता सूची में कथित गंभीर अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर, 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों से मतदाता सूची की शुचिता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि बरहेट में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मिता देवी का नाम मतदाता सूची में फातिमा बीबी के रूप में दर्ज पाया गया, जबकि उनके पिता के नाम के स्थान पर नेजामुद्दीन मोमिन का नाम दर्ज होने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, एक ही आधार संख्या पर दो अलग-अलग नामों से दस्तावेज तैयार किए जाने की शिकायत भी सामने आई है।

श्री प्रसाद ने कहा कि यह कोई सामान्य लिपिकीय त्रुटि नहीं, मतदाता सूची की विश्वसनीयता, पारदर्शिता, सुचिता और पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला है। मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। इसमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी, फर्जीवाड़ा अथवा जानबूझकर नामों में बदलाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, न कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को संरक्षण देना। इसलिए यह भी जांच का विषय है कि मतदाता सूची में इस प्रकार के बदलाव कैसे हुए, संबंधित दस्तावेज किसने तैयार किए और इस पूरे प्रकरण में किन लोगों की भूमिका रही है।

उन्होंने झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मांग की कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संबंधित मतदाताओं के दस्तावेजों और आधार संख्या का सत्यापन किया जाए। मतदाता सूची में किए गए सभी संदिग्ध संशोधनों की जांच हो तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि केवल बरहेट ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की अनियमितताओं की आशंका को देखते हुए आवश्यक जांच कराई जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया  की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश देने की भी मांग की है।

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