रांची के नामकुम से मसाज के बहाने घर बुलाकर लूटपाट और ब्लैकमेलिंग करने में शामिल एक महिला सहित तीन अपराधी गिरफ्तार
रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में मसाज के बहाने एक व्यक्ति को घर बुलाकर उसके साथ मारपीट, लूटपाट और ब्लैकमेलिंग कर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से रंगदारी मांगने में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। मामले को लेकर नामकुम थाना कांड संख्या 264/26, दिनांक 25 सितंबर 2026 को धारा 126(2), 127(2), 115(2), 308(3), 308(5), 309(4), 352, 351(2)(3), 61(2) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर को पुरानी रांची, कोतवाली निवासी मो. नसीम ने नामकुम थाना में लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उन्हें मसाज के बहाने घर बुलाया गया और वहां उनके साथ मारपीट कर लूटपाट की गई। इसके बाद आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करते हुए रंगदारी की मांग की गई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के निर्देशन तथा वरीय पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय-प्रथम के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। गठित टीम ने तकनीकी सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सानिया प्रवीण (24 वर्ष), पति मो. हैदर, मो. हैदर (25 वर्ष), पिता मो. सकील और मो. वसीम उर्फ छोटू (29 वर्ष), पिता नसीम के रूप में हुई है। तीनों नामकुम थाना क्षेत्र स्थित मौलाना आजाद कॉलोनी के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मो. हैदर और मो. वसीम उर्फ छोटू का पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने बताया कि वे मौलाना आजाद कॉलोनी निवासी बेबी प्रवीण के कहने पर मोबाइल के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें उसके घर बुलाया जाता था।
पुलिस के अनुसार, घर पहुंचने के बाद वहां पहले से मौजूद सहयोगियों द्वारा पीड़ित के साथ मारपीट की जाती थी। आरोप है कि पीड़ित के कपड़े उतरवाकर उसकी फोटो और वीडियो बनाई जाती थी। इसके बाद उसके पास मौजूद नकदी, आभूषण और अन्य सामान ले लिया जाता था। बनाए गए फोटो और वीडियो के जरिए पीड़ित को ब्लैकमेल कर एक निश्चित रकम रंगदारी के रूप में मांगी जाती थी।
पुलिस के अनुसार, मो. नसीम के साथ भी इसी तरीके से घटना को अंजाम दिया गया। आरोप है कि मारपीट कर उससे 46 हजार रुपये नकद और गले में पहनी सोने की चेन ले ली गई तथा आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हुए पांच लाख रुपये रंगदारी की मांग की गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे सुनियोजित तरीके से गिरोह बनाकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते थे।
छापेमारी दल में वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-प्रथम अमर कुमार पांडेय, नामकुम थाना के नि. सह थाना प्रभारी रामनारायण सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक शशि रंजन, पुलिस अवर निरीक्षक जयदेव कुमार सराक, सहायक अवर निरीक्षक उज्जवल कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक तारकेश्वर प्रसाद केशरी तथा नामकुम थाना का सशस्त्र बल शामिल था।
