राजनीति

उडुप्पी रेस्टोरेंट में फायरिंग ने खोली जमशेदपुर की पुलिसिंग की पोल: सरयू राय

जमशेदपुर के बिंदल मॉल स्थित उडुप्पी रेस्टोरेंट में दिन दहाड़े गोलीबारी की घटना पर जदयू विधायक सरयू राय ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस बेखौफ तरीके से अपराधियों ने गोलीबारी की और फिर बाइक से आराम से निकल गए, उससे साफ है कि अपराधियों में पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है। जमशेदपुर में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से आम जनता में भय और आतंक का माहौल बन रहा है।

सरयू राय ने कहा कि घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंचने पर उन्होंने पाया कि पुलिस ने इलाके की नाकेबंदी नहीं की थी। उनका कहना था कि टोल ब्रिज, डोबो जाने वाले रास्ते और एक्सएलआरआई की ओर जाने वाले मार्ग पर तत्काल बैरिकेडिंग की जाती तो अपराधियों के भागने के रास्ते बंद किए जा सकते थे।

उन्होंने कहा कि उडुप्पी रेस्टोरेंट की घटना में अपराधियों की तस्वीरें सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रही हैं और बाइक का नंबर भी नजर आ रहा है। ऐसे में मामले का उद्भेदन कठिन नहीं होना चाहिए। यह इतनी साफ-सुथरी और आसान घटना है कि बिना एसआईटी गठित किए भी अपराधियों तक पहुंचा जा सकता था।

सरयू राय ने बताया कि उन्होंने इस मामले में एसएसपी से भी बात की। उन्होंने एसएसपी से कहा कि आम जनता में यह धारणा बन रही है कि जमशेदपुर में पुलिसिंग हो ही नहीं रही है। पुलिस की प्राथमिकता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस पर एसएसपी ने उनसे रात में शहर में घूमने की बात कही। एसएसपी की बात पर सरयू राय ने उनसे सवाल किया कि आपके रात में घूमने से कानून-व्यवस्था की स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और आम जनता के मनोबल पर उसका क्या असर हो रहा है, इस पर भी विचार होना चाहिए।

श्री राय ने कहा कि पुलिस को अपनी साख बचाने के लिए ठोस कार्रवाई करनी होगी। सक्षम और मेहनती पुलिस अधिकारियों को थानों की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। थानेदारों पर भी नकेल कसनी होगी। सरयू राय ने आरोप लगाया कि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की धारणा लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि अपराधी-राजनेता-पुलिस का गठजोड़ यदि कहीं मौजूद है तो उस पर प्रहार करना जरूरी है। श्री राय के अनुसार, ऐसे तत्वों के रहते एसएसपी चाहे जितना प्रयास कर लें, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं होगा।

सरयू राय ने निखार सबलोक हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि अशोक सिंह राघव का मोबाइल जब्त किया गया है। कहा जा रहा है कि मोबाइल में महत्वपूर्ण सूचनाएं हैं। राघव की जिन-जिन लोगों से बातचीत हुई है, उसकी जांच कर उसे केस डायरी का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि अशोक राघव की सोने की चेन बरामद हुई है या नहीं?

सरयू राय ने दावा किया कि राघव से कुछ बड़े पुलिस अधिकारियों की भी बातचीत हुई थी और उसे मदद का आश्वासन दिए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि इन तमाम पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सरयू राय ने कहा कि एसएसपी को पिछले पांच महीनों में जमशेदपुर में हुई सभी प्रमुख आपराधिक घटनाओं की समीक्षा कर उसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजनी चाहिए। यदि किसी मामले में राजनेताओं और अपराधियों के संबंध सामने आते हैं तो पुलिस को इसकी जानकारी भी सार्वजनिक करनी चाहिए।

पुलिस को यह भी देखना चाहिए कि थानों को अपराधियों की गतिविधियों की जानकारी किस स्तर तक मिलती है और थाना स्तर से एसएसपी तक कितनी सूचनाएं पहुंचती हैं। कितने थानेदार एसएसपी को सूचना देते हैं और कितनों पर कार्रवाई होती है, यह भी पुलिस को बताना चाहिए।

सरयू राय ने कहा कि उडुप्पी रेस्टोरेंट गोलीकांड की जांच केवल हमलावरों की तलाश तक सीमित नहीं रहे। पुलिस को यह भी जांच के घेरे में लाना चाहिए कि जिन लोगों को गोली लगी है, उनका चरित्र कैसा है, उनका उठना-बैठना किन लोगों के साथ रहा है। अगर संरक्षण देने वाले लोगों तक पुलिस नहीं पहुंचेगी तो अपराध की घटनाएं जारी रहेंगी और अपराधियों का मनोबल बढ़ता रहेगा। उडुप्पी रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी यह बताने के लिए पर्याप्त है कि अपराधियों का मनोबल किस स्तर तक बढ़ गया है। पुलिस को अब केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपराध के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क और संरक्षण तंत्र तक पहुंचना चाहिए।

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