नेता प्रतिपक्ष ने CM हेमन्त सोरेन को पत्र लिख रिनपास के निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित विज्ञापन में एनएमसी द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी होने व गंभीर त्रुटियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य के प्रतिष्ठित संस्थान RINPAS के निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित विज्ञापन में NMC द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी करने एवं अत्यंत गंभीर त्रुटियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को कुछ सुझाव देते हुए माँग किया है कि RINPAS में निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित त्रुटिपूर्ण विज्ञापन को तत्काल निरस्त किया जाए एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निदेशक पद नियुक्ति हेतु नई नियमावली को रद्द करते हुए NMC द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु पुनः विज्ञापन निकाला जाय। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को लिखा गया पत्र इस प्रकार है…
माननीय मुख्यमंत्री जी,
विषय:- राज्य अन्तर्गत प्रतिष्ठित संस्थान राँची तंत्रिका मनोचिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (RINPAS) के निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित विज्ञापन में NMC द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी करने एवं वांछित योग्यता उल्लेख नहीं किए जाने के सम्बन्ध में।
मैं, आपका ध्यान राज्य के पुराने एवं प्रतिष्ठित संस्थान राँची तंत्रिका मनोचिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (RINPAS) के निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु दिनांक 26 अगस्त, 2026 को प्रकाशित विज्ञापन में हुई अत्यंत गंभीर त्रुटियों की ओर आकृष्ट कराना चाहूँगा।
आप अवगत हैं कि ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान में कई वर्षों से प्रभारी निदेशक के द्वारा कार्य संचालन किया जा रहा है, जिसके कारण संस्थान को सुचारू, व्यवस्थित एवं बेहतर तरीके से संचालन में कई कठिनाईयाँ होती हैं क्योंकि प्रभारी निदेशक कई महत्वपूर्ण निर्णय खासकर वित्त संबंधित मामले में निर्णय लेने में सक्षम नहीं होते हैं।
इस निमित्त निदेशक के पद पर स्थायी रूप से नियुक्ति हेतु स्वास्थ्य विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा दिनांक 26 अगस्त, 2026 को विज्ञापन प्रकाशित किया गया, लेकिन विज्ञापन में दो महत्वपूर्ण त्रुटियाँ हुई जो इस प्रकार हैं:-
- निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता या अहर्त्ता का उल्लेख नहीं किया गया है, जो किसी भी प्रकार की नियुक्ति में सर्वप्रथम शर्त्त/नियम होता है। यह एक बड़ी त्रुटि है। (विज्ञापन की छायाप्रति, अनुलग्नक-1)
- कि ऐसे संस्थानों में निदेशक, डीन या अधीक्षक जैसे पदों पर नियुक्ति हेतु भारतीय संसद द्वारा बनाए गए कानून के अनुसार NMC द्वारा निर्धारित योग्यताएँ, नियम व शर्त्तों का अनुपालन करना होता है। NMC द्वारा इन पदों पर नियुक्ति हेतु Medical Faculty वाले ही पात्र होते हैं, यह स्पष्ट उल्लेखित है। NMC द्वारा अधिसूचित गजट के पारा 5 में स्पष्ट रूप से अंकित है, जो आपके अवलोकनार्थ संलग्न है। (अनुग्लनक -2)
इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा RINPAS में निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु 14 अक्टूबर 2024 को एक अलग नियमावली गठित कर अधिसूचना जारी कर दिया गया, जिसमें निदेशक पद पर गैर चिकित्सा संवर्ग (Non Medical Faculty) को भी शामिल कर दिया, जो अव्यवहारिक एवं अनुचित तो है ही साथ ही National Medical Council द्वारा स्थापित नियमों एवं उपनियमों के सर्वथा प्रतिकुल है। (विभाग द्वारा नई अधिसूचित नियमावली अनुलग्नक-3)
राज्य सरकार ने जो नियमावली बनाई है, ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार संस्थान में किसी Non Medical Faculty को उक्त पद पर चयन कर अपना हित साधने का काम करेगी।
मेरा स्पष्ट मानना है और यह नियम भी है कि चिकित्सा संबंधित संस्थानों का Head कोई अनुभवी एवं वरिष्ठ चिकित्सक ही बने, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह के अव्यवहारिक एवं अनुचित लिए गए निर्णय से आपको अवगत कराया गया होगा या नहीं यह तो आपको पता होगा। लेकिन इससे स्पष्ट होता है कि अपने मनपसन्द चहेते गैर मेडिकल संवर्ग के अधिकारी को निदेशक बनाकर संस्थान को लूटने की तैयारी कर रहे हैं।
मेरा आपको सुझाव एवं माँग है कि RINPAS में निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित त्रुटिपूर्ण विज्ञापन को तत्काल निरस्त कर एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निदेशक पद नियुक्ति हेतु नई नियमावली को रद्द करते हुए NMC द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु पुनः विज्ञापन निकाला जाय ताकि संस्थान में निदेशक पद पर चिकित्सा सवंर्ग से योग्य, सक्षम, ईमानदार एवं प्रशासनिक दक्षता में निपुण अधिकारी का चयन हो सके। इससे संस्थान की गरिमा भी बनी रहेगी और रोगियों को बेहतर चिकित्सा की सुविधा मिल सकेगी।
सधन्यवाद!
आपका
(बाबूलाल मरांडी)
