राजनीति

मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची को लेकर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 02 एवं 03 सितम्बर को रांची में

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मंगलवार को निर्वाचन सदन, धुर्वा, रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 02 एवं 03 सितम्बर 2026 को नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “Voter Registration and Voter Registers 2026” आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन सत्र 02 सितम्बर को पूर्वाह्न 10:00 बजे से 11:30 बजे तक होगा।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन का आयोजन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, झारखण्ड द्वारा सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखण्ड के सहयोग से किया जा रहा है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM), रांची, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची तथा सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची इसके नॉलेज पार्टनर हैं।

सम्मेलन में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखण्ड के कुलपति प्रो. सारंग मेधेकर, NUSRL के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल, IIM रांची के निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव तथा सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षाविद् एवं विशेषज्ञ भाग लेंगे। विशिष्ट अतिथियों में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव अरविंद आनंद सहित निर्वाचन एवं अकादमिक क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र में “Voter Registration and Voter Registers” विषयक पुस्तक एवं सम्मेलन की स्मारिका का लोकार्पण भी किया जाएगा।

के. रवि कुमार ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (International IDEA) की अध्यक्षता ग्रहण करने के उपरांत भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के क्रम में देश के राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के निर्वाचन कार्यालयों को निर्वाचन से संबंधित अलग-अलग विषयों पर शोध का दायित्व दिया गया था। इसी क्रम में झारखण्ड को “Voter Registration and Voter Registers” विषय पर शोध का दायित्व मिला।

उन्होंने बताया कि इस विषय पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा देश-विदेश के विभिन्न संस्थानों, रिसर्च स्कॉलर्स एवं निर्वाचन विषय के शिक्षाविदों से शोध-पत्रों के एब्सट्रैक्ट्स आमंत्रित किए गए थे। कुल 230 एब्सट्रैक्ट्स प्राप्त हुए, जिनमें नॉलेज पार्टनर्स की टीम द्वारा मूल्यांकन के बाद 80 एब्सट्रैक्ट्स का चयन किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों के विषय-विशेषज्ञों से भी शोध-पत्र आमंत्रित किए गए। पूरी प्रक्रिया के बाद कुल 57 शोध-पत्रों को अंतिम रूप से चयनित किया गया है, जिन्हें सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषयवार प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि शुद्ध, समावेशी, अद्यतन एवं विश्वसनीय मतदाता सूची लोकतांत्रिक निर्वाचन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। सम्मेलन में मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची निर्माण से जुड़े प्रशासनिक, कानूनी, सामाजिक, तकनीकी एवं अकादमिक पहलुओं के साथ व्यावहारिक चुनौतियों और बेहतर कार्यप्रणालियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि दो दिनों के तकनीकी एवं अकादमिक सत्रों में मतदाता पंजीकरण, निर्वाचक नामावली प्रबंधन, डिजिटाइजेशन, मतदाताओं की समावेशिता तथा लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़े उभरते विषयों पर चर्चा होगी। इसमें निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी, नीति-निर्माता, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, पत्रकार एवं सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे।

के. रवि कुमार ने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों और अकादमिक शोध को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। देश-विदेश के अनुभवों, शोध-पत्रों एवं विशेषज्ञों के विचारों से मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची प्रबंधन की वर्तमान एवं भविष्य की चुनौतियों को समझने तथा बेहतर कार्यप्रणालियों की पहचान करने में सहायता मिलेगी। सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्ष एवं सुझाव भविष्य में निर्वाचन प्रबंधन की प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी, समावेशी एवं विश्वसनीय बनाने में उपयोगी सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखण्ड के राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक कुमार गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. अपर्णा, IIM रांची के लिबरल आर्ट्स विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. चार्वाक पति, NUSRL रांची के विधि विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आनंद कुमार आर. शिंदे, सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के राजनीति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बी.के. सिन्हा तथा सहायक प्रोफेसर डॉ. आशुतोष कुमार पांडेय सहित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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