राजनीति

धनबाद में आयोजित छात्र युवा संसद में छात्रों ने कहा – रद्द और स्टे के चक्कर में अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे हेमन्त सरकार, धांधली की त्वरित जांच कर अभ्यर्थियों को न्याय दें

Gen Z Rising झारखंड चैप्टर के तहत धनबाद के टाउन हॉल में “छात्र-युवा संसद” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम से पहले जिला परिषद मैदान से रणधीर वर्मा चौक होते हुए आक्रोश मार्च निकाला गया। इस दौरान आइसा-आरवाईए के हजारों सदस्यों ने हिस्सा लिया। रद्द और स्टे के चक्कर में अभ्यर्थियों के साथ खिलवाड़ करने की साजिश बंद करने, धांधली की त्वरित जांच कर अभ्यर्थियों को न्याय देने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार की गारंटी सहित अन्य मांगों को लेकर संसद में संबोधन हुआ।

मुख्य संबोधनकर्ता के रूप में भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य के साथ-साथ जंतर-मंतर सहित देश के अन्य हिस्सों में आंदोलन का नेतृत्व करने वाले जेएनयू छात्रसंघ के सह सचिव दानिश अली, जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष धनंजय और आरवाईए (इंकलाबी नौजवान सभा) के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार प्रतिनिधि वक्ता रहे। अध्यक्षता आरवाईए राष्ट्रीय परिषद सदस्य सोनू पांडेय ने की।

छात्र-युवा संसद को संबोधित करते हुए भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज देशभर में छात्र-युवा पेपर लीक, धांधली और अनियमितता के खिलाफ Gen Z के रूप में प्रदर्शन कर रहे हैं। वे किसी भी सरकार और सिस्टम की किसी भी बाधा के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं। आज देश की हर कमी के खिलाफ, चाहे वह स्कूली शिक्षा का सवाल हो, उच्च शिक्षा का सवाल हो या परीक्षा व्यवस्था का सवाल हो, छात्र-युवा संघर्ष कर रहे हैं।

आज देशभर में NEET में पेपर लीक का मुद्दा तो है ही, वहीं एक अन्य NEET (Not in Education, Employment, or Training) शब्द भी आया है, जिसका इस्तेमाल शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण में नहीं होने वाले युवाओं के लिए किया जाता है। यह भी देश के लोगों के लिए चिंता का विषय है। हम सभी को एकजुट होकर इस तरह की तमाम व्यवस्थाओं के खिलाफ लड़ाई जारी रखनी होगी।

जेएनयू छात्रसंघ के सह सचिव दानिश अली ने कहा कि बिरसा मुंडा, जयपाल सिंह मुंडा और भगत सिंह के वारिस आज जंतर-मंतर से लेकर पटना, रांची के अलावा छात्र-युवा संसद के रूप में NEET सहित तमाम भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। झारखंड के छात्र-युवा भी JPSC-JSSC सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में धांधली और TDPL जैसी प्राइवेट एजेंसी को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को उनकी मांगों पर झुकने के लिए भी मजबूर होना पड़ा है। आज जरूरत है कि इसी लड़ाई को बरकरार रखा जाए।

आरवाईए के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार ने कहा कि आइसा-आरवाईए आज झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार की गारंटी और स्थानीय नियोजन नीति के सवाल पर आंदोलन की अग्रणी पंक्ति में रहे हैं। ताजा उदाहरण देखें तो JPSC-JSSC में पेपर लीक, धांधली और अनियमितता के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के साथ विधानसभा मार्च में छात्र-युवा को एकजुट करने में भूमिका निभाई गई, जिसमें हम सभी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। आज सरकार झुकने पर मजबूर है, भले ही कोर्ट में मजबूत पक्ष नहीं रख पाने के कारण झारखंड हाईकोर्ट द्वारा स्टे लगा दिया गया है। आरवाईए “सरकारी स्कूल सुधारो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दो” का नारा लेकर गांव-गांव जाकर अभियान चलाएगी।

छात्र युवा संसद से पारित संघर्ष का संकल्प जिसे अभिषेक सिंह ने पढ़ा…

  1. झारखंड सरकार SIT गठित कर शक के दायरे में आए सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की समय सीमा के अंदर जांच करवाए ताकि धांधली का तथ्य सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित कराया जा सके।
  2. सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करे जिसके सामने जांच के तथ्य व सबूत रख कर तेजी से न्याय की गारंटी की जा सके।
  3. पहली और दूसरी जेपीएससी में हुई धांधली जिसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी उसका निबटारा अभी तक नहीं हो गया है। केंद्र सरकार और सीबीआई इसपर गंभीरता दिखाए और न्याय सुनिश्चित करे।
  4. भविष्य में कोई भी परीक्षा प्राइवेट कंपनियों को आउटसोर्स ना करके सरकारी एजेंसी से करवाया जाय।
  5. राज्य में स्टूडेंट्स को मिलने वाले छात्रवृत्ति में हो रही लेट-लतीफी को दूर कर सभी को समय से छात्रवृत्ति दिया जाय।
  6. पिछले भाजपा सरकार में बंद किए गए सभी स्कूलों को वापस चालू किया जाय।
  7. सभी विद्यालयों में स्कूल भवन, शिक्षक, मध्याह्न भोजन, शौचालय और इसके सफाई की स्थाई व्यवस्था, लाइब्रेरी व खेल के मैदान की समुचित व्यवस्था की जाय।
  8. सभी अनुमंडलों में सार्वजनिक लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाय।
  9. हेमंत सरकार पांच लाख नौजवानों को रोजगार देने का अपना वादा निभाए।
  10. प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज किये गए सभी FIR वापस लिए जाय।
  11. केंद्र सरकार द्वारा झारखंड खनिज वहन भूमि उपकार व MMDR विधेयक जो राज्य पर बहुत बड़ा आर्थिक हमला है, इसे तुरंत वापस लिया जाय।

छात्र-युवा संसद में भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सिंदरी से विधायक चन्द्रदेव महतो, जेएनयू छात्रसंघ के सह सचिव दानिश अली, जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष धनंजय, आरवाईए के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार, आरवाईए झारखंड अध्यक्ष संदीप जायसवाल, सोनू पांडेय, आइसा झारखंड राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप, राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, राज्य उपाध्यक्ष स्नेहा महतो, राज्य सह सचिव रितेश मिश्रा के साथ आइसा-आरवाईए के हजारों छात्र-छात्राओं, युवाओं और आमलोगों की भागीदारी रही।

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