राजनीति

स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए CM हेमन्त सोरेन ने कहा उनके लिए युवाओं का भविष्य और उनका विश्वास महत्वपूर्ण, JPSC-JSSC मामले में निष्पक्ष जांच होगी, कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति बख्शा नहीं जायेगा

स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी का नाम नहीं, स्वतंत्रता का अर्थ है – हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, हर युवा को सम्मानजनक रोजगार, हर किसान समृद्ध, हर महिला आत्मनिर्भर, हर झारखण्डी अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा पर गर्व के साथ आगे बढ़े और सभी को समान अवसर, समान सम्मान और न्याय के साथ जीवन जीने का अधिकार मिले। उपयुक्त बातें आज 80वें भारतीय स्वतंत्रता दिवस के अवसर रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड केवल भारत का एक राज्य नहीं, यह आदिवासी चेतना का केन्द्र भी है। उनका प्रयास है कि झारखण्ड केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि पारंपरिक ज्ञान, सांस्कृतिक समृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और सामाजिक न्याय पर आधारित विकास मॉडल बने। उन्होंने विश्वास जताया कि आनेवाले वर्षों में झारखण्ड विकास और प्रकृति, आधुनिकता और परंपरा, उद्योग और पर्यावरण के बीच टकराव नहीं, बल्कि संतुलन स्थापित कैसे किया जा सकता है, यह मार्ग दिखायेगा।

उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है कि झारखण्ड के लाखों युवाओं के मेहनत का सम्मान हो, उनकी प्रतिभा को न्याय मिले। पिछले कुछ समय से भर्ती परीक्षाओं को लेकर अनेक प्रश्न उठे हैं। जब परीक्षा व्यवस्था पर संदेह होता है तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरी एक पीढ़ी का विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि वे विश्वास दिलाना चाहते है कि युवाओं के मेहनत को किसी माफिया, किसी भ्रष्ट तंत्र और किसी अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जायेगा। प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में अनियमितता केवल झारखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चुनौती है। लेकिन उसके बावजूद वे कहना चाहते है कि दूसरे राज्यों में क्या हुआ, इससे झारखण्ड की जिम्मेदारी कम नहीं हो जाती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिये सबसे पहले झारखण्ड का युवा, उनका भविष्य और उनका विश्वास है। इसलिए व्यवस्था में परिवर्तन का निर्णय लिया गया है। जांच पूरी निष्पक्षता से होगी, जो भी दोषी होगा, उसके साथ कठोरता  बरती जायेगी। कोई कितना भी प्रभावशाली हो, उसे बख्शा नहीं जायेगा। लेकिन बिना प्रमाण हम किसी को दोषी ठहराने की भी राजनीति नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इसके लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित किये है, वो हैं- समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शी और तकनीक सुरक्षित परीक्षा प्रणाली, उत्तर-कुंजी एवं ओएमआर की समयबद्ध उपलब्धता, परीक्षा प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही और ऐसी व्यवस्था जिसमें पारदर्शिता अपवाद नहीं, बल्कि नियम हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे छात्रों की बात-छात्रों के साथ अभियान प्रारंभ किया है। वे चाहते हैं कि यहां का प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद् और प्रत्येक अभिभावक इस अभियान का सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि रोजगार उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में से एक है। इसलिए आनेवाले समय में जेपीएससी, जेएसएससी तथा अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से बड़ी संख्या में नियुक्ति प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाई जायेंगी। उन्होंने कहा कि वे यहां के युवाओं से केवल धैर्य ही नहीं, बल्कि विश्वास मांगते हैं, वे उस विश्वास को बनाये रखें, वे भरोसा दिलाते हैं कि वे उनके विश्वास पर खड़े उतरेंगे।

किसानों को इंगित करते हुए उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगभग 2.15 हजार एकड़ में वृक्षारोपण किया गया है और लगभग तीन लाख परिवारों को आजीविका के नये माध्यम से जोड़ा गया है, इनके द्वारा उत्पादित आम का विदेशों में भी सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल खेती को सहारा देना नहीं, बल्कि खेती को लाभकारी बनाना है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण एवं लाभकारी भूमिका निभाता है। वर्तमान में 16 लाख से भी अथिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम है। जिनमें आठ लाख अधिक सूक्ष्म इकाइयां है। जो 60 लाख से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में प्रमुख कॉरपोरेट समूहों के साथ एक लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए दस एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इन निवेश प्रस्तावों से राज्य के 22 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इससे राज्य की महिला आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजनान्तर्गत पन्द्रह हजार करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ सीधे महिला लाभुकों के खाते में गया। ग्रामीण महिलाओं के हाथों संचालित गुमला का जोहार रागी मिशन तो एक आंदोलन के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपना पहचान बना चुका है।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की चर्चा करते हुए कहा कि सुपर स्पेशियलिटी रिम्स टू का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावे छह नये चिकित्सा महाविद्यालय पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और धनबाद में खोलने की तैयारी हो रही है। ग्रास रूट लेवल पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व जिला अस्पतालों को बेहतर बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि आज का दिन उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का नहीं, बल्कि आनेवाले 25 वर्षों में हम क्या करेंगे, इस दिशा को तय करने का है। हम ऐसा झारखण्ड बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। जहां विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जहां झारखण्डी अस्मिता और आधुनिक प्रगति साथ-साथ आगे बढ़े। जहां किसान सम्मान के साथ समृद्धि का जीवन जिए। जहां महिलाएँ, बच्चे व प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। जहां प्राकृतिक संसाधनों का सबसे पहले लाभ झारखण्ड के लोगों को मिले।

उन्होंने कहा कि उन्हें झारखण्ड की जनता, किसान, माता-बहनें और युवाओं पर विश्वास है। हम सब मिलकर ऐसा झारखण्ड बनायेंगे, जो समृद्ध होगा, संवेदनशील होगा, आधुनिक होगा, अपनी जड़ों से जुड़ा होगा, विकासशील होगा और न्यायपूर्ण भी होगा और जब हम ऐसा कर पायेंगे तो यही झारखण्ड के महान व्यक्तित्वों के संघर्ष को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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