राजनीति

मेयर का लड्डू वितरण राजनीतिक पैंतरेबाजी, मुद्दों से ध्यान भटकाकर राजनीतिक पैंतरेबाजी करना ही मेयर का उद्देश्य: सरयू राय

जनता दल (यूनाइटेड) ने एनडीए समर्थित धरने के दौरान मेयर सुधा गुप्ता की ओर से लड्डू वितरण कराए जाने को राजनीतिक पैंतरेबाजी करार दिया है। पार्टी का कहना है कि धरनार्थियों के बीच लड्डू बंटवाकर धरने की गंभीरता को कम करने की कोशिश की गई, जिसे कार्यकर्ताओं ने विफल कर दिया। बदले में जदयू कार्यकर्ताओं की ओर से मेयर को पूड़ी-सब्जी खिलाना महज औपचारिकता थी। इस घटनाक्रम का भविष्य में पार्टी के तेवर पर रत्ती भर भी असर नहीं पड़ेगा और जदयू कार्यकर्ता नगर निगम की विफलताओं को लगातार उजागर करते रहेंगे।

पार्टी का मानना है कि मेयर सुधा गुप्ता धरने के दौरान राजनीति करना चाह रही थीं। उनकी बॉडी लैंग्वेज से ऐसा लग रहा था कि वह धरने पर बैठना चाहती थीं, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उन्हें नमस्कार कर दिया। मुद्दों से ध्यान भटकाकर राजनीतिक पैंतरेबाजी करना ही मेयर का उद्देश्य था। अगर मेयर समस्याओं को लेकर गंभीर होतीं तो अपर नगर आयुक्त को धरनास्थल पर बुलातीं, क्योंकि धरने में उठाए गए सवालों के जवाबदेह अपर नगर आयुक्त हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि धरना नगर निगम के खिलाफ था, मेयर के खिलाफ नहीं। इसके बावजूद धरनास्थल पर नगर निगम का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।

मेयर की सोच थी कि कोई अधिकारी धरनास्थल पर न जाए और वह स्वयं वहां पहुंचकर राजनीति करें, लेकिन धरनार्थियों ने उनकी इस कोशिश को विफल कर दिया। पार्टी का कहना है कि अब यह मेयर ही बता सकती हैं कि उन्होंने धरनार्थियों के बीच लड्डू क्यों भिजवाए। धरने के मूल मुद्दों पर उनसे कोई ठोस बातचीत नहीं हुई। पार्टी के मुताबिक, जब मेयर से सवाल पूछे गए तो वह बहस करने लगीं और कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। पूरे घटनाक्रम में मेयर की भूमिका राजनीतिक पैंतरेबाजी वाली रही, लेकिन धरनार्थी उसके जाल में नहीं फंसे।

जदयू ने गत रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे लोगों से कराई गई, जो किसी भी रूप में नगर निगम से जुड़े हुए नहीं थे और कांग्रेस के पदाधिकारी थे। पार्टी ने सवाल उठाया कि नगर निगम की तरफ से निगम के कर्मचारी या अधिकारी के बजाय कोई बाहरी व्यक्ति कैसे बोल सकता है? यह असंवैधानिक है। नगर निगम की फाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले लोगों तक आखिर पहुंची कैसे?

फाइल या तो मेयर की ओर से उपलब्ध कराई गई होगी या अपर नगर आयुक्त की ओर से। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि नगर निगम में जहां भी गलत काम होगा, जदयू कार्यकर्ता उसका विरोध करेंगे। नगर निगम को कानून के अनुसार काम करना होगा। पार्टी का आरोप है कि मेयर धरने की गंभीरता को कम करना चाह रही थीं, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उनके प्रयास को विफल कर दिया। जदयू ने धरने की गंभीरता कम करने के इस प्रयास को निंदनीय बताया है।

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