चोरी की बाइक से करता था चेन छिनतई, गिरोह का सदस्य और बीआईटी मेसरा चौक स्थित वर्मा ज्वेलर्स का संचालक रमेश प्रसाद स्वर्णकार गिरफ्तार
रांची पुलिस ने चेन छिनतई करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के एक सक्रिय सदस्य और चोरी के गहनों को खरीदने वाले एक ज्वेलर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से दो चोरी के दोपहिया वाहन तथा करीब 19 ग्राम गलाया हुआ सोना बरामद किया है। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई को वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि चोरी की बाइक पर सवार कुछ अपराधी नामकुम की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर नामकुम थाना प्रभारी एवं गश्ती दल ने रेलवे फ्लाईओवर के पास वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक युवक काले रंग की हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया। पुलिस के रुकने का संकेत देने पर उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन सशस्त्र बल की सहायता से उसे दबोच लिया गया।
पूछताछ में गिरफ्तार युवक ने अपनी पहचान सद्दाम अंसारी (30 वर्ष), निवासी बीआईटी सिरतनगर, मेसरा के रूप में बताई। जांच में बाइक का चेसिस नंबर मिटाया हुआ पाया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि बाइक चोरी की है, जिसे करीब दो माह पहले पतरातू पार्क के समीप से चुराया गया था। उसने यह भी बताया कि चोरी के वाहनों का इस्तेमाल रांची शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में महिलाओं से सोने की चेन छीनने की घटनाओं में किया जाता था।
पुलिस पूछताछ में सद्दाम अंसारी ने मार्च से जून 2026 के बीच नामकुम, कांके, लालपुर और बरियातू थाना क्षेत्रों में महिलाओं से सोने की चेन छिनतई की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि इन वारदातों को उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से चोरी की टीवीएस स्कूटी (JH03AN-4087) भी बरामद की। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि छिनतई किए गए आभूषणों को बीआईटी मेसरा चौक स्थित वर्मा ज्वेलर्स के संचालक रमेश प्रसाद स्वर्णकार को औने-पौने दाम पर बेचा जाता था। आरोपी के अनुसार, इसके एवज में उसे करीब चार लाख रुपये मिले थे।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रमेश प्रसाद स्वर्णकार को भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी दुकान से करीब 19 ग्राम गलाया हुआ सोना बरामद कर जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह चोरी के वाहनों का उपयोग कर महिलाओं को निशाना बनाता था और लूटे गए आभूषणों को गलाकर ज्वेलरी दुकानों के माध्यम से खपा देता था। पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
