राजनीति

CM हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में संपन्न हुई स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षात्मक बैठक में सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर पांच हजार किए जाने की योजना में तेजी लाने पर विचार

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्थाएं, आधारभूत संरचनाओं तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयों से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से पारदर्शिता के साथ अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तक ससमय पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों को बेहतर एवं क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है।

सभी सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पठन-पाठन की नवीनतम एवं आधुनिक तकनीक से संबंधित संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार हो रहा है, बच्चों का रिजल्ट और ज्यादा अच्छा हो, इस निमित्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्य सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को गति दें। शिक्षकों के शत प्रतिशत पदों को भरना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हजारों की संख्या शिक्षकों की बहाली हुई है, नियुक्ति प्रक्रिया निरंतर जारी रखते हुए रिक्त पदों को भरा जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नव नियुक्त शिक्षकों को ससमय वेतन मिले। इस निमित्त सभी वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूर्ण करना सुनिश्चित की जाए।

ड्रॉप आउट मामलों में हो रहा निरंतर सुधार, राष्ट्रीय औसत से आगे है झारखंड

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की आधारशिला होती है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो तथा प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाय। बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी आई है।

ड्रॉप आउट के मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से अच्छा है। शिक्षा विभाग द्वारा अभियान चलाकर ड्रॉप आउट बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है। श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर वैसे बच्चों का चिन्हित किया जा रहा है, जो बच्चे मजदूरी या कोई अन्य कार्य से जुड़े हैं और स्कूली शिक्षा से वंचित हैं। किताब, पठन-पाठन सामग्री एवं साइकिल वितरण कार्य भी समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

अब बच्चे मैट्रिक परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ उतीर्ण हो रहे हैं, जिन विद्यालयों में बच्चों का रिजल्ट ठीक नहीं रहा है, वैसे विद्यालयों को चिन्हित कर सभी सुविधा, व्यवस्था एवं शिक्षकों की उपलब्धता सहित प्रत्येक बिंदुओं पर सुधार हेतु विभाग विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए एवं आईसीटी लैब की सुविधा दुरुस्त करें।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर पांच हजार किए जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य करें, ताकि प्रत्येक पंचायत तक स्कूलों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले छः से आठ महीने के भीतर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे न चले।

विद्यालय प्रबंध समितियों से समन्वय स्थापित कर स्थानीय पढ़े-लिखे अहर्ता रखने वाले इच्छुक युवाओं को शिक्षक के रूप में जोड़ें। विशेष कर छात्राओं को भी मौका दें, ताकि शिक्षकों की कमी से किसी भी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक पंचायतों में अच्छे स्कूल होंगे, तभी बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य उज्ज्वल करेंगे। सभी सरकारी विद्यालयों के पठन-पाठन कार्य में एकरूपता लाना सुनिश्चित करें ।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत परिवहन सुविधा का संचालन करें, ताकि छात्र-छात्राओं को समय के अनुसार घर से स्कूल एवं स्कूल से घर तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विद्यालयों के परिसरों व्यापक रूप से वृक्षारोपण का अभियान शुरू कराएं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत अभिवंचित वर्ग के बच्चे-बच्चियों को आवासीय सुविधा सहित क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करें। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के भीतर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की कुल संख्या 26 है। इन स्कूलों में लगभग चार हजार विभिन्न प्रकार के अभिवंचित बच्चों को रहने-खाने की पूरी सुविधा के साथ निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों के भवनों के रख-रखाव सहित सभी कार्यों को सुदृढ़ किया गया है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के बीच शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दें। वैसे बच्चे-बच्चियों को चिन्हित करें, जो खेल प्रतिस्पर्धा में बहुत अच्छा परफॉर्मेंस कर रहे हैं ताकि उन्हें खेल के क्षेत्र में और आगे बढ़ाया जा सके। राज्य के भीतर खेल के क्षेत्र में हमारे कई बच्चों ने झारखंड का नाम भी रोशन किया है।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विद्यालयों में बच्चों को स्पोर्ट्स किट्स उपलब्ध कराया जा रहा है।  राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता के तहत झारखंड के बच्चों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। शारीरिक शिक्षा के शिक्षक खेल गतिविधियों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं।

प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना हेतु एक सप्ताह के भीतर डीपीआर प्रस्तुत करने का निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष अधिकारियों ने जगुआर कैंपस रांची में बनाए जाने वाले प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना हेतु  चिन्हित भूमि का पीपीटी प्रजेंटेशन रखा। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जगुआर कैंपस रांची में ही छः एकड़ भूमि विद्यालय निर्माण हेतु विभाग द्वारा चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री को विद्यालय स्थापना की कार्य योजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को इस प्रस्ताव से संबंधित डीपीआर समर्पित करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुंडू के स्कूल प्रबंधन के साथ जुड़े एवं स्कूल में स्थापित सभी सुविधाओं की जानकारी ली।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजेश प्रसाद, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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