अपराध

टाटीसिलवे के जीनियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित एसएससी जीडी कांस्टेबल परीक्षा में कम्प्यूटर सिस्टम को हैक करने की हुई थी कोशिश, रांची पुलिस ने इस मामले में चार अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

रांची पुलिस ने आज संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि दिनांक 21.05.26 को 10:00 बजे वरीय पुलिस अधीक्षक रांची को सूचना प्राप्त हुई कि टाटीसिलवे थाना क्षेत्र अंतर्गत डोल बगीचा नामक स्थान पर अवस्थित जीनियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्टाफ सेलेक्शन कमीशन न्यू दिल्ली द्वारा आयोजित एसएससी (जीडी/कांस्टेबल) सीएपीएफ परीक्षा 2026 के संचालन के दौरान कम्प्यूटर सिस्टम को हैक करने की कोशिश की गयी है।

प्राप्त सूचना के आलोक में वरीय पुलिस अधीक्षक रांची द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रांची के निर्देशन एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मु0-1), रांची के नेतृत्व में टाटीसिलवे थाना के पदाधिकारियों को शामिल करते हुए एक सत्यापन एवं छापामारी दल गठित की गयी। गठित छापामारी दल द्वारा घटनास्थल पर पहुँचकर निरीक्षण प्रारंभ किया गया।

जिसके उपरांत पाया गया कि उक्त ऑनलाइन परीक्षा केन्द्र के प्रथम तल के लैब-1 में एक परीक्षार्थी के द्वारा परीक्षा आरंभ होने के थोड़ी देर पूर्व परीक्षा केन्द्र के इनविजिलेटर- संजीत कुमार के बताये अनुसार कम्प्यूटर सिस्टम को रि-स्टार्ट किया गया है, जो परीक्षा संचालन के मानक प्रक्रिया के प्रतिकूल है। कम्प्यूटर सिस्टम के रि-स्टार्ट करने पर प्रथम दृष्टया ज्ञात हुआ कि कम्प्यूटर सिस्टम को REMOTELY ACCESS किया जा रहा है। जिससे कम्प्यूटर सिस्टम के स्क्रीन के मिररिंग एवं सिस्टम के हैकिंग की प्रबल संभावना प्रतीत हुई।

परीक्षार्थी का नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम मृत्युंजय कुमार यादव, पिता-रामाशीष यादव, पता-ग्राम-टाली डालचन्द, थाना-गुठनी, जिला-सिवान (बिहार) बतलाया। तत्पश्चात अभ्यर्थी मृत्युंजय कुमार यादव एवं इनविजिलेटर संजीत कुमार से बारी-बारी पूछताछ किये जाने पर इनदोनों के द्वारा अपना अपराध स्वीकार करते हुए बतलाया गया कि ऑनलाइन परीक्षा केन्द्र के विपरीत दिशा में सड़क के पार अवस्थित राजू मुण्डा व्यक्ति के घर पर किरायेदार के रूप में परीक्षा केन्द्र के केन्द्राधीक्षक विकास कुमार एवं आई०टी० कर्मी मुन्ना राज रहते हैं।

जहाँ पर कम्प्यूटर सिस्टम लगा कर परीक्षा केन्द्र में अधिष्ठापित कम्प्यूटर सिस्टम को इंटरनेट एवं आई०पी० के माध्यम से ऑनलाइन हैक किया जाता है तथा परीक्षार्थी के प्रश्नपत्र हल कराये जाते हैं। प्राप्त तथ्य के सत्यापन उपरांत विकास कुमार एवं मुन्ना राज को भी गिरफ्तार किया गया है तथा उनके कब्जे से एक (01) कम्प्यूटर सिस्टम, तीन (03) मोबाइल फोन, दो (02) विद्यार्थियों के बैंक चेक सहित मूल शैक्षणिक एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद किये गये हैं।

अनुचित माध्यमों का सहारा लेकर परीक्षा में कदाचार करने एवं कराये जाने के आरोप में गिरफ्तार उक्त व्यक्तियों से गहन पूछताछ में ज्ञात हुआ है कि परीक्षा पास कराने के नाम पर बिचौलिया के माध्यम से विद्यार्थियों की सेटिंग ऑनलाइन परीक्षा केन्द्र के संचालक एवं कर्मियों से करायी गयी है तथा इस एवज छः (06) लाख रूपये से लेकर दस (10) लाख रूपये तक रकम की वसूली की जाती है। गिरफ्तार अभ्यर्थी द्वारा पूछताछ के क्रम में बतलाया गया है कि बिहार राज्य के एक बिचौलिया के द्वारा छ: (06) लाख रूपये में परीक्षा पास कराने की सेटिंग ऑनलाइन परीक्षा केन्द्र के संचालक एवं कर्मी से करायी गयी है तथा इस हेतू बिचौलिया द्वारा अभ्यर्थी का मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र अपने कब्जे में रख लिया गया है।

इस घटना में ऑनलाइन परीक्षा में कदाचार कराये जाने में संगठित आपराधिक गिरोह संलिप्त है जिसके अन्य सदस्यों को चिन्हित कर लिया गया है तथा उनकी गिरफ्तारी हेतू छापामारी की जा रही है साथ ही घटना में गिरफ्तार अभियुक्तों के अपराधिक इतिहास से संबंध में भी छानबीन की जा रही है। घटनाक्रम के संबंध में टाटीसिलवे थाना काण्ड सं0- 58/2026, दि0-21.05.2026 धारा-112 (2) B.N.S and 10/11 The Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act- 2024 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया है।

इस कांड में संलिप्त अपराधियों से दो कम्यप्यूटर मॉनिटर, तीन सीपीयू, एक ब्राडबैंड/वाईफाई डिवाइस, दो की बोर्ड, दो माउस, तीन एंड्रायड मोबाइल फोन, पांच बैंक चेक, दो अभ्यर्थियों के मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र और गिरफ्तार अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड व आधार कार्ड बरामद किये गये।

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